क्रिएटिव मैनेजर सिद्धार्थ पिठानी का आरोप-रिया के खिलाफ गलत बयान देने के लिए परिवार बना रहा है दबाव

सुशांत सिंह राजपूत के क्रिएटिव मैनेजर सिद्धार्थ पिठानी ने अभिनेता के परिवार पर गंभीर आरोप लगाया है। मुंबई पुलिस को भेजे एक ईमेल लिखकर में सिद्धार्थ ने आरोप लगाया है कि उन पर रिया चक्रवर्ती के खिलाफ बयान दिए जाने को लेकर सुशांत के परिवार वालों की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है, जबकि वह इस बारे में कुछ नहीं जानते हैं।

सिद्धार्थ का मुंबई पुलिस को ईमेल

सिद्धार्थ ने मुंबई पुलिस को ईमेल भेजते हुए बताया, '22 जुलाई को मेरे पास सुशांत के परिवार से ओपी सिंह, मीतू सिंह और एक अनजान नंबर से कांफ्रेंस कॉल आया, जहां मुझसे रिया चक्रवर्ती और जब सुशांत के साथ वह माउंट ब्लैंक में रह रही थीं तो उनके खर्चों के बारे में पूछा गया।

27 जुलाई को मेरे पास एक और अनजान नंबर से ओपी सिंह का फोन आया और उन्होंने मुझसे रिया चक्रवर्ती के खिलाफ बिहार पुलिस को बयान देने के लिए कहा।

मुझ से कहा गया था कि मेरे पास एक कॉल आएगा, उसके बाद मेरे पास एक अनजान नंबर से कॉल भी आया, लेकिन 40 सेकेंड के बाद वह कॉल कट गया और कोई बयान दर्ज नहीं हुआ था। मुझे पर रिया के खिलाफ वैसे बयान देने के लिए दवाब बनाए जा रहे हैं, जिस चीज की मुझे जानकारी नहीं है।

सुशांत के दोस्त का दावा-मुंबई पुलिस ने नहीं की उनसे पूछताछ
सुशांत के करीबी दोस्त संदीप सिंह ने एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया है कि मुंबई पुलिस ने अभी तक उनसे आधिकारिक तौर पर पूछताछ नहीं की है। उन्होंने मुझे कॉल किया और कई चीज़ों की डिटेल पूंछी, लेकिन आधिकारिक तौर पर मेरा बयान दर्ज नहीं किया गया है। संदीप ने भी ये कहा की सुशांत खुशमिजाज लड़का था, वो आत्महत्या करने वालों में से नहीं था। वो ऐसा लड़का नहीं था जैसा उसने किया। वो हमेशा फिल्मों और करियर के बारे में ही बातें किया करता था।'

मुंबई पुलिस को सामने लानी चाहिए सच्चाई
संदीप ने एक और टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, 'ये चाहें जो भी है.. चाहें मर्डर है या आत्महत्या लेकिन मुंबई पुलिस को अब सामने आना चाहिए क्योंकि इस केस में अब तक काफी ज्याद छानबीन कर चुकी है।'

अबतक 6 लोगों से पूछताछ कर चुकी है बिहार पुलिस
आपको बता दें कि बिहार पुलिस फिलहाल छानबीन के लिए मुंबई पहुंची हुई है और सुशांत से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। इस सिलसिले में पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत के कुक, उनकी बहन मीतू सिंह, उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे समेत 6 लोगों का बयान अबतक दर्ज किया है। सुशांत की आत्महत्या के वक्त कुक ही घर पर मौजूद थे। उन्होंने ही सुशांत के कमरे का ताला तुड़वाया था।

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सिद्धार्थ पिठानी (दाएं) सुशांत के क्लोज फ्रेंड और रूम मेट रह चुके हैं। मुंबई पुलिस उनसे पहले भी रिया चक्रवर्ती (बाएं) को लेकर पूछताछ कर चुकी है।

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अंकिता लोखंडे ने कहा-सुशांत मानते थे सब कुछ खत्म हुआ तो भी वे अपना एम्पायर फिर से खड़ा कर लेंगे; सुशांत के ट्रेनर का दावा- ले रहे थे रहस्यमयी दवाएं

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत सिर्फ अपना पैशन फॉलो करते थे और पैसे उनके लिए कोई मायने नहीं रखते थे। सुशांत मानते थे सब कुछ खत्म हुआ तो भी वे अपना एम्पायर फिर से खड़ा कर लेंगे। यह दावा उनकी फ्रेंड रह चुकी अंकिता लोखंडे ने एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में किया है। वहीं इस मामले में आगे आते हुए बिहार सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुशांत के तीन बैंक खातों से रिया की कंपनी को पैसे ट्रांसफर हुए थे।

सुशांत कहते थे सब कुछ खत्म भी हो जाए तो अपना एम्पायर खड़ा कर लूंगा

इंटरव्यू में अंकिता ने कहा, ''पैसा बहुत छोटी चीज थी सुशांत के लिए, लेकिन उसका पैशन बहुत बड़ा था। वो हमेशा मुझसे कहता था कि अगर सबकुछ खत्म भी हो जाए तो मैं फिर से अपना एम्पायर खड़ा कर लूंगा। अगर नहीं मिला तो अपने दम पर जिंदगी जीऊंगा। उसकी क्रिएटिविटी, फिल्मों के लिए उसका पैशन बल्कि मैं कहना चाहूंगी कि जिंदगी के लिए उसका पैशन था।''

उन्होंने आगे कहा,"'वह हर काम शिद्दत से करता था। मैंने उसे देखा है। डांस खुशी से करता था। वह श्यामक डावर के ग्रुप बैकग्राउंड डांसर रहा है। वहां से उसकी जर्नी जो शुरू हुई है वो दिल बेचारा पर जाकर खत्म हो गई।''

सुशांत पर न कभी सक्सेस का असर पड़ा और न कभी डाउनफॉल का

''सुशांत हमेशा मुझसे एक बात बोलता था कि सक्सेस और फेलियर्स के बीच में एक लाइन होती है, जो महेंद्र सिंह धोनी फॉलो करते हैं। जब ज्यादा अच्छा होता है तो वह सैटल रहते हैं और कुछ ज्यादा खराब होता तो भी वह सैटल रहते हैं। सुशांत बोलता था कि मैं ऐसा ही होना चाहता हूं। उस पर न कभी सक्सेस का असर पड़ा न कभी डाउनफॉल का। सुशांत मानता था कि खुशियां पलभर की होती हैं। इसलिए वह छोटी-छोटी चीजों में खुशियां ढूंढ़ता था। उसे बच्चों को पढ़ाने में खुशी मिलती थी। तारों को देखने में उसे खुशी मिलती थी। उसने कई सारे बच्चों को पढ़ाया था। उसका यही पैशन था। वह इसके लिए कभी मर नहीं सकता है।"

6 साल तक अंकिता को सुशांत ने किया था डेट

सुशांत ने करीब छह साल तक टीवी सीरियल पवित्रा रिश्ता की अपनी सह-कलाकार अंकिता को डेट किया था, हालांकि बाद में वे अलग हो गए। रिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद अंकिता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें लिखा था कि 'सच्चाई की हमेशा जीत होती है।'

सुशांत के ट्रेनर का दावा- रहस्यमयी दवाएं ले रहे थे सुशांत

इस बीच सुशांत के ट्रेनर रहे समी अहमद ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि सुशांत ने पिछले साल दिसंबर से कुछ रहस्यमयी दवाएं लेना शुरू किया था। अहमद का दावा है कि जिसकी वजह से सुशांत सिंह का स्वास्थ्य बिगड़ गया और उनके पैर कांपने लगे थे। ट्रेनर ने कहा, "वह ठीक नहीं लग रहा था।" ट्रेनर ने यह भी साझा किया कि जब से उसने रिया को डेट करना शुरू किया, तभी से सुशांत के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था। ट्रेनर का कहना है कि अभिनेता ने पहले कभी गोलियां नहीं लीं और रिया के मिलने के बाद ही उसने दवा का कोर्स शुरू किया था।

रिया की कंपनी में सुशांत के तीन बैंक अकाउंट से हुए ट्रांसफर हुए पैसे

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक के खातों से रिया की कंपनी विविड्रेज रियलिटी एक्स प्राइवेट लिमिटेड में तीन ट्रांजेक्शन हुए हैं। यह कंपनी रिया के नाम पर ही खोली गयी थी। जानकारी के मुताबिक रिया के कहने पर ही इस कंपनी के नाम में रियलिटी शब्द को शामिल किया गया। रिया ने अपने भाई शोविक चक्रवर्ती को भी इस कंपनी का डायरेक्टर बनाने के लिए सुशांत को मना लिया था। उनकी हरी झंडी मिलते ही शौविक को भी कंपनी में शामिल कर लिया। बैंक खाते के जरिये विविड्रेज रियालिटीएक्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा दो और कंपनियों के बारे में जानकारी एसआईटी को मिली है।

छोटी-छोटी ट्रांजेक्शन रिया की कंपनी में हुए हैं

इस पहलू पर भी बिहार पुलिस तफ्तीश कर रही है कि क्या सुशांत के पिता ने उनके बैंक खाते से जिन 15 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया है, कहीं वह इन्हीं कंपनियों के जरिये तो रिया के भाई तक तो नहीं पहुंचे। कंपनियों ने क्या काम किया। क्या पैसे ठगने के लिए ही कंपनियों बनाई गई थीं। सुशांत के खाते से इन कंपनियों में काफी छोटे-छोटे रुपये के ट्रांजेक्शन भी मिले हैं।

बिहार सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में दायर की कैविएट

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता के. के. सिंह के बाद बिहार सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है। बिहार सरकार ने कैविएट दाखिल करके न्यायालय से आग्रह किया है कि सुशांत की महिला मित्र एवं मॉडल रिया चक्रवर्ती की याचिका पर उसका पक्ष सुने बिना कोई एक-पक्षीय आदेश जारी न करे। बिहार सरकार ने उच्चतम न्यायालय में रिया चक्रवर्ती की याचिका के खिलाफ सुशांत के पिता को समर्थन करने का निर्णय भी लिया है। इससे पहले सुशांत के पिता के. के. सिंह ने मॉडल रिया चक्रवर्ती द्वारा दायर याचिका के संदर्भ में कैविएट दाखिल की थी।

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सुशांत और अंकिता का रिलेशनशिप 6 साल तक चला। यह भी जानकारी सामने आईं कि दोनों शादी करने वाले थे-फाइल फोटो।

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‘मैं खुशनसीब हूं कि भारत में मुमताज बनकर पैदा हुई; जो प्यार हिंदुस्तान के लोग देते हैं, वो और कहीं नहीं मिलता’

26 साल की उम्र में अपनी शादी के लिए अपना स्टारडम छोड़ देने वाली दिलकश और शोख अदाकारा मुमताज आज 73वें साल में कदम रख रही हैं। खिलौना (1970), ब्रह्मचारी (1968), आइना (1977), आपकी कसम (1974), जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को यादगार बना चुकीं एक्ट्रेस मुमताज अब एक ब्रिटिश नागरिक बन चुकी हैं और पांच नाती-पोतों से भरे परिवार में खुशहाल शादीशुदा जिंदगी जी रही हैं।

मुमताज को दारा सिंह के साथ काम करने के बाद इंडस्ट्री में बड़ी पहचान मिली। कई अभिनेता ऐसे भी थे जो उन्हें स्टंट फिल्मों की हीरोइन बताकर उनके साथ काम करने से मना कर देते थे। हालांकि एक्ट्रेस ने अपनी शोख अदाओं से फिल्मों में रोमांस, ड्रामा और इमोशनल अदाकारी का नया मुकाम हासिल किया।

1947 में जन्मीं मुमताज ने 11 साल की उम्र से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करना शुरू किया था। 1969 में मुमताज को राज खोसला ने उभरते सितारे राजेश खन्ना के साथ दो रास्ते फिल्म में मौका दिया और ये फिल्म उनके करियर के लिए माइलस्टोन साबित हुई। इसके बाद अचानक ही बी-ग्रेड फिल्मों की अदाकारा कही जाने वाली मुमताज स्टार बन गईं और इंडस्ट्री का हर बड़ा हीरो उन्हें अपनी लीडिंग लेडी बनाने की चाहत रखने लगा था। आज मुमताज को इंडस्ट्री छोड़े 40 साल हो गए। परदेस में बैठी मुमताज को हिंदुस्तान बहुत याद आता है और वे कहती हैं, 'मैं बहुत ही खुशनसीब और शुक्रगुजार हूं कि मैं भारत में मुमताज बनकर पैदा हुई। जो प्यार लोग हिंदुस्तान में देते हैं वो कहीं भी दुनिया में नहीं मिलता।'

73वें जन्मदिन पर दैनिक भास्कर के लिए मशहूर बॉलीवुड जर्नलिस्ट फहीम रूहानी ने मुमताज के साथ उनके सुनहरे दिनों के किस्से दोहराते हुए खास बातचीत की, उसी के अंश -

आपके लंदन, युगांडा, कीनिया, न्यूयॉर्क में घर हैं, ग्लोबल सिटीजन होकर कैसा लगता है

(हंसते हुए) मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि मैं ब्रिटिश नागरिक हूं। मगर ये बहुत मुश्किल है। ये सारे घर मेंटेन करना कोई आसान काम नहीं है। ऐसे ही नहीं बन गए। जहां भी जाओ काम करना पड़ता है, ये नहीं चल रहा वो नहीं चल रहा। इससे अच्छा तो है कि आपका एक ही घर हो। इसमें ही आपको खुशी मिलती।

73 सालों में आपकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन वक्त कौन सा रहा?

मेरे संघर्ष के दिन सबसे बेहतरीन रहे। उस दौर में फिल्मों के लिए जी-जान से जुटे रहना मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन वक्त था।

जब आपने दारा सिंह के साथ 16 एक्शन फिल्में की तब?

हर फिल्म एक याद है। संघर्ष करना बहुत बेहतरीन रहा है। जितना जो चीज मुश्किल होती है उसकी उतनी कदर होती है। वो मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत दिन थे। 13 से 26 सालों तक का समय। फिर मैंने शादी कर ली और इंडस्ट्री छोड़ दी। अब मेरी एक अलग जिंदगी है। और मुझे उन दिनों पर आज भी गर्व है।

अपनी प्रतिद्वंद्वी रहीं शर्मिला टैगोर को याद करती हैं?

नहीं, कोई विरोधी नहीं था। मैं कोई पिक्चर नहीं करती थी तो वो उनके पास चली जाती थीं। ज्यादातर मेरी कई फिल्में जो मैंने नहीं की थीं वो उनके पास गई थीं। मगर हम दोनों के बीच ऐसा कुछ नहीं था। मुझे कभी एहसास ही नहीं हुआ कि हम दोनों के बीच ऐसा कुछ था। क्या आपने कभी ऐसा सुना है।

आपको ऑफर कोई रोल जब किसी और को मिल जाता था तो कैसा लगता था?

मेरे जैसे रोल अगर कोई दूसरी औरत कर सकती है तो प्रोड्यूसर उनके पास चले जाते थे। कई बार ऐसा होता है कि आप कोई रोल करना चाहते हो मगर प्राइस (फीस) के चलते आपको छोड़ना पड़ता है। किसी ने कम प्राइस में अपना लिया तो थोड़ी फीलिंग होती है। ये एक दो बार हुआ होगा मेरे साथ। उस जमाने में मैं अपने प्राइस को लेकर काफी सख्त थी। मैं 8 लाख रुपए लेती थी। जो काफी ज्यादा होता था। वो एक दो लाख इधर-उधर हो जाने से दिल दुखता था।

हेमा मालिनी और शर्मिला टैगोर आज भी शो-बिज का हिस्सा है, क्या आप भी वापसी करना चाहेंगी?

देखिए, मैंने कभी नहीं कहा कि मुझे कभी इंडस्ट्री में वापस नहीं जाना या मुझे जाना पसंद है। मेरे पास वापस जाने का समय नहीं है। मैं व्यस्त हूं और अपने परिवार में लगी हुई हूं। जब मुझे पैसों की जरूरत होगी तो वापस जाकर कहूंगी, सलाम, ‘मुझे काम चाहिए, मुझे काम दो’। कोई वजह अभी तक निकली ही नहीं है जिसके लिए मुझे वापस जाना चाहिए। हालांकि मुझे इंडस्ट्री का हिस्सा रहने पर गर्व है।

आप अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस में कौन सी फिल्म सिलेक्ट करेंगी?

ये बहुत मुश्किल सवाल है। कोई कैसे बता सकता है कि लोगों को कौन सी परफॉर्मेंस पसंद आ जाए। मैंने तेरे मेरे सपने, 1971 में इतना अच्छा काम किया था लेकिन अवॉर्ड ‘खिलौना’ में मिला। मुझे लगता है कि मेरी एक्टिंग ‘खिलौना’ से ज्यादा ‘तेरे मेरे सपने’ में ज्यादा अच्छी थी। कई लोग आज भी ‘बिंदिया चमकेगी’ आपकी बेस्ट परफॉर्मेंस है कहते हैं। यह तो सब देखने वालों पर है, या तो सितारे अर्श पर होंगे या फर्श पर।

इंडस्ट्री में बने रहने के लिए झूठ कितना जरूरी है?

मैं तो ये बोलूंगी कि झूठ बोलने से अच्छा है मुंह बंद करके बैठो। आप एक विजेता रहोगे। जब आपको कमेंट नहीं करना है तो चुप चाप रहो। बोलकर बहुत गड़बड़ होती है बाद में।

इन दिनों किस एक्ट्रेस का स्टाइल अच्छा लगता है?

आज की सभी लड़कियां अच्छे कपड़े पहनती हैं। शिल्पा शेट्टी अच्छे कपड़े पहनती हैं, अच्छी लगती है। सोनम, करीना और कंगना भी अच्छी लगती हैं। वो लड़की जो लंदन से आई है, कटरीना कैफ वो बहुत बेहतरीन और एलीगेंट लगती है। आजकल टाइम बदल गया है। हमारे जमाने में कुछ नहीं था। बैठने के लिए वैन भी नहीं थी।

आपको सुविधा ना मिलने पर अफसोस है?

नहीं मुझे जिंदगी में कोई अफसोस नहीं है। मैं बस फर्क बता रही हूं। जय जय शिव शंकर गाने के दौरान (आप की कसम, 1974) अगर आपको टॉयलेट जाना है तो 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। उन दिनों कुछ भी नहीं थी। हमें कुछ नहीं मिलता था, आजकल के यंगस्टर बहुत लकी हैं।

फरदीन (दामाद) ने कई दिनों से फिल्में नहीं की क्या इसके लिए आप राजनीति को दोषी मानेंगी?

नहीं, हमारी फिल्म लाइन में ऐसा नहीं है। अगर आज भी फरदीन अपना फिगर मेंटेन करेगा और अच्छा लगने लगेगा तो उसे ऑफर मिलेंगे। प्रोड्यूसर्स उसे लेंगे मगर उसके लिए उसे अपना वजन कम करना पड़ेगा और फिट दिखना होगा। अगर अपने आपको आप संभालो, अच्छे से रखो तो काम मिलता है। मुझे नहीं लगता कि यहां राजनीति है। आपको परफेक्ट दिखना होगा क्योंकि उनके करोड़ों रुपए इसमें लगे हैं। वो आपसे ज्यादा कुछ नहीं चाहते। इसके लिए आप दूसरों को जिम्मेदार नहीं मान सकते।

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Happy 73rd Birthday Mumtaz: 'I am very happy that I was born in India as Mumtaz, the love people give in India is not found anywhere'

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कई बार फिल्मों से रिप्लेस हो चुकी हैं राधिका आप्टे, बोलीं- 'ये रोज की बात है अगर दिल पर लेंगे तो दिक्कत होगी'

राधिका आप्‍टे की ‘रात अकेली है’ आज नेटफ्लि‍क्‍स पर रिलीज हो रही हैं। वे इन दिनों लंदन में हैं। वहां से उन्‍होंने फिल्‍म और अपने इन दिनों की व्‍यस्‍तताओं के बार में दैनिक भास्‍कर से बातचीत की है। - श्रीराम राघवन की बदलापुर के मुकाबले इसमें थ्रिल किस तरह अलग है?

दोनों फिल्‍मों को कंपेयर करना सही नहीं होगा। यहां अलग कहानी, किरदार और बैकड्रॉप हैं। यहा जॉनर बस सेम है और बाकी कुछ भी समानता नहीं हैं। यह भी कि इस तरह की फिल्‍में मुझे बहुत पसंद हैं। इंसानी मन के जटिलताएं मुझे खींचती रही हैं।

नवाज के साथ मांझी और इस फिल्म का कोई यादगार किस्सा?

ऐसा कोई किस्‍सा याद तो नहीं रहा है इस फिल्‍म का भी। यह जरूर था कि बड़ा ही व्‍यवस्‍थि‍त था। शूट पर जाने से पहले हमें रिहर्सल का टाइम मिलता था। हर सीन काफी मेमोरेबल था। मेरे कमरे में एक लंबा सीन था। नवाज के साथ वह करने में बड़ा मजा आया। वह कमाल के एक्‍टर तो हैं हीं। उन्‍हें भी सेट पर कई सारे सीन को इंप्रोवाइज करने में हिचकिचाहट नहीं होती, तभी उनके साथ काम करने में बड़ा मजा आता है। वह हमारे मुल्‍क के सबसे फाइनेस्‍ट एक्‍टर्स में से एक हैं।

-आगे कौन से नए कॉन्‍टेंट शूट करने के लिए आप से बातें हुई हैं?

यह इन्‍फॉरमेशन तो बहुत प्राइवेट है। मेकर्स की तरफ से कोई अनाउंसमेंट हो तो सही है। तब तक मैं नाम डिसक्‍लोज नहीं कर सकती, कि मुझे स्क्रिप्‍ट ऑफर की हैं। कुछ स्क्रिप्‍ट तो मुझे पसंद आई हैं। कइयों पर माथापच्‍ची चल रही है कि उन पर कैसे आगे बढ़ा जाए।

क्या आपके करियर में रिजेक्शन और रिप्लेसमेंट रहे हैं?

बतौर एक्‍टर रिजेक्‍शन तो रोजमर्रा की बात है। आप या मैं लिटरली हर दिन रिजेक्‍ट होते हैं। वक्‍त के साथ आप रिजेक्‍शन के आदती हो जाते हैं। रिजेक्‍शन को दिल पर लेंगे तो दिक्‍कत होगी। कई बार डायरेक्‍टर का एक अलग विजन होता है। रिजेक्‍शन के ढेर सारे कारण होते हैं। उसका एक्‍टर की परफॉरमेंस और टैलेंट से कोई नाता नहीं होता। ऐसे में मैं उनको एक्‍सेप्‍ट करते हुए मैं अलग तरह के कॉन्‍टेंट क्रिएशन में जुटती रही और क्रिएटिवली सैटिस्फाई होती रही।

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लंदन में हेल्‍थ केयर सर्विसेज कैसी हैं?

यहां दुनिया के बेस्‍ट हेल्‍थ केयर सर्विसेज हैं। मगर हां इंडिया में प्राइवेट हेल्‍थ केयर सस्‍ती हैं यहां के मुकाबले। यहां की सर्विसेज अमेरिका से जरूर सस्‍ती हैं। वेल ऑर्गेनाइज्‍ड हैं यहां सब। सौभाग्‍य से मेरी जान पहचान में कोई भी कोविड के कॉन्‍टैक्‍ट में नहीं आया है। साथ ही यहां लोग केयरफुली अपने काम पर लौट चुके हैं। यहां टेस्टिंग सर्विस अच्‍छी हैं। मैंने भी अपना टेस्‍ट करवाया और नेगेटिव निकली हूं।

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Radhika Apte has been replaced by films many times, says It is a matter of everyday if you take it to heart then there will be problem

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सुशांत की गर्लफ्रेंड पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप साबित हुआ तो हो सकती है 10 साल की सजा

सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने पटना में एक्टर की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती समेत छह लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद राजीव नगर पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 306, 341, 342, 380, 406 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज हो गई।

इससे यह मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया। सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाकई में रिया ने सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाया? यह जांच का विषय है, और पुलिस इसका जवाब तलाश रही है, लेकिन किसी के आत्महत्या करने पर उसे उकसाने का आरोप कैसे साबित होता है और इसमें सजा कितनी है?

क्या है आत्महत्या के लिए उकसाना?

इंडियन पीनल कोड यानी भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 306 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है और उसे यदि किसी ने इसेक लिए दुष्प्रेरित किया/ उकसाया है तो उसे दंडित किया जा सकता है।

आरोप सिद्ध होने पर दोषी को अधिकतम दस वर्ष जेल और आर्थिक दंड किया जाता है। आम तौर पर दोषी से वसूला गया जुर्माना मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता के तौर पर दिया जाता है।

आईपीसी में आत्महत्या के लिए उकसाने वाले की व्याख्या सेक्शन 108 में दी गई है। उकसावे में किसी को दुष्प्रेरित करना, साजिश में शामिल होना या किसी अपराध में साथ देना शामिल है।

यह कितना गंभीर अपराध है?

इस आरोप के तहत किसी को गिरफ्तार किए जाने पर उसकी जमानत सेशंस कोर्ट से होती है। यह एक संज्ञेय (कॉग्निजेबल), गैर-जमानती और नॉन-कम्पाउंडेबल (समझौता नहीं हो सकता) अपराध है।

कॉग्निजेबल अपराध में पुलिस अधिकारी को गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से अरेस्ट वारंट की आवश्यकता नहीं होती। गैर-जमानती अपराध में आरोपी को जमानत सिर्फ कोर्ट से ही मिल सकती है।

नॉन-कम्पाउंडेबल अपराध में कोई शिकायतकर्ता अपनी शिकायत वापस नहीं ले सकता। इसमें आरोपी और शिकायत करने वालों में कोई समझौता नहीं हो सकता।

तो क्या आत्महत्या के लिए उकसाना भी हत्या है?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में एक फैसले में कहा था कि भले ही आरोपी की मंशा किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने की हो, इसे हत्या नहीं माना जा सकता।

भले ही दोनों मामलों में मंशा एक ही है कि उस व्यक्ति की मौत होना चाहिए। हालांकि, दोनों अलग-अलग अपराध माने जाएंगे। इसे हत्या नहीं माना जाएगा।

यदि ए ने बी को उकसाया कि वह डी की हत्या करने के लिए सी को उकसाएं तो भी हत्या का मामला सिर्फ सी पर चलेगा। बी और ए पर उकसाने का ही आरोप लगेगा।

हत्या होने पर जिसने हत्या की है, वह ही आरोपी होगा। उसे इसके लिए उकसाने वाले व्यक्ति पर अन्य सेक्शन के तहत सजा होगी। हत्या के आरोपी की तरह नहीं।

सुशांत के मामले में कोर्ट कैसे तय करेगा कि रिया ने उसे उकसाया?

आत्महत्या के लिए उकसाने के किसी भी मामले में दो फेक्टर जरूरी है। पहला यह कि किसी ने आत्महत्या की हो और दूसरा, किसी ने मंशा के तहत उसे आत्महत्या के लिए उकसाया है।

यहां सुशांत ने आत्महत्या की है। लिहाजा पहला फेक्टर सही है। लेकिन, दूसरे फेक्टर के तहत यह साबित करना जरूरी है कि रिया ने ही सुशांत को ऐसा करने के लिए उकसाया।

कोर्ट तथ्यों की जांच करेगा और देखेगा कि रिया की मंशा क्या थी? क्या वह चाहती थी कि सुशांत आत्महत्या कर लें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उसे दोषी नहीं माना जाएगा।

लेकिन कोर्ट किसी की मंशा कैसे तय कर सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में कहा था कि किसी ने कह दिया कि "जाओ और मर जाओ' और वह व्यक्ति मर गया तो इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी नहीं माना जा सकता।

इससे स्पष्ट है कि किसी को गुस्से में या झल्लाहट में कुछ कह देना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं है। इस तरह के मामले में किसी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

ऐसे मामले में आरोपी की मंशा देखी जाएगी। उसका सामान्य बर्ताव देखा जाएगा। यदि हमेशा वह इसी तरह के शब्द बोलता रहा हो तो उसे दोषी नहीं माना जाएगा।

2017 के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उकसावे के लिए आरोपी का अपराध से जुड़ा होना जरूरी है। यदि सिर्फ आशंका है तो उसे दोषी नहीं करार दिया जा सकता।

इसी तरह यदि आत्महत्या करने वाला भावनात्मक रूप से आम लोगों के मुकाबले कमजोर है, तो आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला कमजोर हो जाता है।

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Sushant Singh Rajput Girlfriend Rhea Chakraborty News Update; Know What Is Maximum Punishment

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'दिल बेचारा' में सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त बने साहिल वैद बोले- अब करन जौहर मैसेज का रिप्लाई नहीं करते, मैं भविष्य को लेकर चिंतित हूं

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से फिल्ममेकर करन जौहर नेपोटिज्म और इन साइडर्स बनाम आउट साइडर्स विवाद में घिरे हुए हैं। अब इस कॉन्ट्रोवर्सी अभिनेता साहिल वैद का रिएक्शन सामने आया है, जो सुशांत की आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' में उनके दोस्त की भूमिका में नजर आए थे। उनकी मानें तो सुशांत की मौत के बाद वे काफी डरे हुए हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

करन जौहर मैसेज का रिप्लाई नहीं करते

साहिल ने करन जौहर के साथ 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' और 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' में काम किया है। लेकिन सुशांत की मौत के बाद हालात ये हैं कि वे करन जौहर को मैसेज भी करते हैं तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिलता। वे कहते हैं, "मैं अब करन जौहर को मैसेज भी करता हूं तो रिप्लाई नहीं आता। इस वक्त मेरा भी हाथ थामने की जरूरत है। सुशांत केस में भी बहुत डरा हुआ हूं। जो बात (नेपोटिज्म) हो रही है, यदि वह सच है तो मेरा भी फ्यूचर खतरे में है।"

करन जौहर को दी क्लीन हिट

इस बातचीत में साहिल ने करन जौहर को क्लीन चिट दी और कहा कि वे सुशांत के असली गुनहगार नहीं हैं। बल्कि इस मामले में विलेन कोई और है, जो छुपा हुआ है। उनका कहना है कि वे किसी और के किए की सजा किसी और को नही मिलने देंगे। क्योंकि जितने सुशांत आउटसाइडर थे, उतने ही वे भी हैं। उनके मुताबिक, उनके साथ कभी कोई भेदभाव नहीं हुआ। जिन प्रोडक्शन हाउस धर्मा और यशराज आदि को टारगेट किया जा रहा है, उन्होंने उन्हें फिल्में दी हैं।

'क्या ऑडियंस के बायकॉट का डर नहीं'

जब साहिल से पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात का डर नहीं है कि नेपोटिज्म विवाद में करन जौहर का पक्ष लेने की वजह से ऑडियंस उन्हें बायकॉट कर सकती है तो उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि मैं सच बोल रहा हूं। और अगर ऑडियंस मुझे प्यार करती है तो वह हमेशा मेरा समर्थन करेगी।"

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Sushant Singh Rajput's Co-Actor From Dil Bechara Sahil Vaid He Is Scared For His Future

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बचपन से ही पैसे इकट्ठे करके लंगर लगाते थे सोनू सूद, मां- बाप से मिली मदद करने की सीख का ताउम्र करते रहेंगे पालन

लॉकडाउन के फेज में अपनी मददगार प्रवृत्ति से सोनू सूद में लोग ‘मसीहा’ ढूंढने लगे हैं।आज सोनू 47 साल के हो रहे हैं। इस खास मौके पर उन्‍होंने दैनिक भास्‍कर से अपनी मुहिम, जन्मदिन और बचपन से जुड़ी खास बातचीत शेयर की हैं।

लॉकडाउन के दौरान सबसे मुश्किल मदद कौन सी थी?

हर रोज ही चुनौती रही है। खासकर तब, जब इतने सारे लोगों की आपसे अपेक्षाएं रहती हैं। भगवान की कृपा से सब अच्‍छा ही रहा है अब तक। 177 लेडीज को भेजना सबसे मुश्किल था। वह इसलिए कि ट्रैवलिंग का इश्‍यू था। प्राइवेट गाड़ियां करवाईं थी हम लोगों ने। फ्लाइट्स के लिए एयरपोर्ट खुलवाना बड़ा मुश्किल था। कोचीन और भुवनेश्‍वर का एयरपोर्ट खुलवाया था हम लोगों ने, जब हमने 177 लेडीज को रेस्‍क्यू किया था। फिर अभी जो किर्गीस्‍तान से 1500 मेडिकल स्‍टूडेंट्स को निकाला है, वह बड़ा मुश्किल था। जितने इंटरनेशनल इवेक्‍यूएशंस हैं, वो बड़े चैलेंजिंग रहे हैं। अभी फिलीपींस, मॉस्‍को, उज्‍बेकिस्‍तान और रशिया से भी लोग अप्रोच कर रहे हैं आने के लिए।

कम उम्र में अकेले या दोस्तों के साथ मिलकर किसी की मदद की हो?

मैं लंगर बहुत लगाता रहा हूं आज तक। पैसे इकट्ठे कर मीठे जल के छबीले लगाते थे। वो चीज शुरू से ही थी। पेरेंट्स से ही सीखा था। मदर-फादर सब यही कहते रहे थे कि मदद करते रहो। जो भी हाथ आगे फैलाए उसकी तो यकीनन मदद करो। यह बचपन से करने की वजह से आज यहां तक आदतें बरकरार हैं। मुझे लगता है भगवान ने यह शक्ति प्रदान की है। मैं चाहता हूं कि वह आगे भी ऐसा ही जोश मुझमें भरता रहे और मैं यूं ही मदद करता रहूं।

कॉलेज या बचपन में जन्मदिन कैसे मनाते थे

मेरे ख्‍याल से मैं कॉलेज में जरा चुपचाप सा रहने वाला शख्‍स था। वह इसलिए‍ कि उसी कॉलेज में मेरी मां प्रोफेसर थीं तो और ज्‍यादा डिसीप्लिन से चलता था। मेरी मदर जरूर कहा करती थीं कि उन स्‍टूडेंट्स की जरूर हेल्‍प किया करो, जो फीसेज अफोर्ड नहीं कर सकते। अगर वो किसी तरह का काम करना चाहते हैं तो उनकी जरूर हेल्‍प करो। आज मेरे पेरेंट्स तो नहीं रहे, मगर मैं हमेशा इस चीज की गुहार लगाता रहा हूं कि मुझे गर्व है कि उन्‍होंने जो सीख दी, उनकी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया।

वाइफ सोनाली और बेटे ईशान अयान कैसे सरप्राइस देते रहे हैं?

हैंडमेड कार्ड बनाते रहे हैं। उन पर बड़ी अच्‍छी अच्‍छी मेमरीज लिखेंगे। उनका कोलाज बनाते रहे हैं। मेरी वाइफ केक बहुत अच्‍छा बनाती हैं। ये छोटी-छोटी चीजें मेरा दिन बना देती हैं। इस बार भी वही है। घर पर ही रहूंगा। फैमिली के साथ ही टाइम बिताने का प्‍लान है। उम्‍मीद है कि इस बार भी बड़ा मजेदार दिन गुजरने वाला है।

जॉब देने के लिए अपने एप्प में और क्या आप ऐड करने वाले हैं?

देखिए मैं सबसे टच में हूं। जितने बड़े-बड़े कॉरपोरेट्स हैं, उन सबके। उन्‍हें बड़ी तादाद में लोग चाहिए। हमारे पास बहुत लोग हैं, जिन्‍हें काम की तलाश है। जितने भी प्रवासी भाई हैं, उन सबको ब्‍लू कॉलर्ड जॉब, ह्वाइट कॉलर्ड जॉब मुहैया कराने हैं। उन्‍हें उनके मतलब के जॉब दिलवाने हैं।

इस बर्थडे पर क्‍या रेजॉल्‍यूशन ले रहे हैं सोनू?

यही कि जो मुहिम मैंने छेड़ी है, वह आगे भी यूं ही चलती रहे। जरूरतमंदों के लिए कुछ न कुछ करता रहूं। यही इस मुहिम का आइडिया है। मैं आगे ऐसा करता ही रहूंगा।

इन चार महीनों में इम्‍यून सिस्‍टम बेहतर रखने के लिए क्‍या कुछ करते रहे हैं?

मैंने शुरू से ही बहुत ध्‍यान रखा है अपने शरीर का। एक्‍सरसाइज रेगुलर करता रहा हूं। ऐसा नहीं है कि इन तीन चार महीनों में ही कुछ एडिशनल किया है। जो आज तक मैंने खुद को संभाला है, उन्‍हीं ने मेरी मदद की है आज तक।

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happy birthday sonu sood: From childhood, Sonu used to collect money and anchor it

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ईडी ने बिहार पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी, मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर सकती है; बिहार पुलिस ने भी सुशांत के बैंक अकाउंट की जांच की

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में उनकी मौत के 46 दिन बाद कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। नया डेवलपमेंट आया है कि इस केस में अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी जुड़ गया है। मुंबई और पटना पुलिस के बाद यह तीसरी एजेंसी है जो सुशांत के केस की जांच कर सकती है। ईडी ने मंगलवार को सुशांत के पिता द्वारा दर्ज एफआईआर की डीटेल मांगी है। सुशांत के पिता केके सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रिया द्वारा सुशांत के खाते से कुल 15 करोड़ रुपये निकाले गए हैं।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार केस में हुए इस डेवलपमेंट के बारे में एक सूत्र ने कहा कि ईडी आगे की जांच के लिए FIR का एनालिसिस करेगी। बिहार पुलिस को लिखे पत्र में ईडी ने सुशांत सिंह राजपूत के सभी बैंक खातों की जानकारी भी मांगी है।

स्टार्ट अप और मनी ट्रांसफर बने जांच की वजह

सुशांत सिंह राजपूत के बैंक खाते की जानकारी लेने के लिए बिहार पुलिस गुरुवार को मुंबई के बांद्रा में कोटक महिंद्रा बैंक पहुंची। सुशांत के पिता का आरोप था कि उनके बैंक खाते से 15 करोड़ रुपये तीन अननोन बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए थे। कथित तौर पर ये अकाउंट्स रिया, उसके भाई शोविक और उसकी मां के हैं। सुशांत और रिया, जो रिलेशनशिप में रहे,उन्होंने एक साथ तीन स्टार्ट-अप में इनवेस्ट किया था।

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Enforcement Directorate writes to Bihar police seeking copy of FIR filed in death case of Sushant Singh Rajput; may file PMLA case

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इरफान खान के निधन को पूरे हुए तीन महीने, पत्नी ने इमोशनल होते हुए कहा, पार्टनर मैं तुम्हें मिस करती हूं और कितने रास्तों पर अकेले चलना पड़ेगा?

29 जुलाई को इरफान खान का निधन हुए तीन महीने बीत गए लेकिन उनकी पत्नी सुतापा अभी भी उनके इस दुनिया में ना होने के गम को स्वीकार नहीं कर पाई हैं। सुतापा को इरफान की याद सताती है। इस बात का जिक्र उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर किया।

सुतापा ने अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'मैं पीछे मुड़कर देखती हूं, जब जिंदगी इतनी ब्लैक एंड व्हाइट नहीं थी और तब मैं तुम्हें खड़ा पाती थी। अपनी गर्दन पर कैमरा लटकाए और लेंस के जरिए देखते हुए मुझे तुम दिखाई देते थे। इरफान मेरे पार्टनर मैं तुम्हें मिस करती हूं। और कितने मील बाकी हैं। कितने रास्तों पर अकेले ही चलना पड़ेगा?'

सुतापा अक्सर इरफान को याद कर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करती रहती हैं। इससे पहले उन्होंने लिखा था, 'यहां से बहुत दूर...गलत और सही के आगे एक खूबसूरत खाली मैदान है। जब हमारी आत्मा घास पर सुकून से लेटेगी और दुनिया बातें करते हुए थक चुकी होगी। ये बस कुछ समय की ही बात है। मिलेंगे...बातें करेंगे...दोबारा मिलने तक...।'

कोलोन इन्फेक्शन से हुआ था निधन

इरफान ने 29 अप्रैल को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। उन्हें करीब एक सप्ताह पहले कोलोन इन्फेक्शन के चलते वहां भर्ती कराया गया था और वे आईसीयू में भर्ती थे। इरफान खान आखिरी बार 'अंग्रेजी मीडियम' में नजर आए थे, जो 13 मार्च को रिलीज हुई थी।

न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से जूझ रहे थे इरफान

मार्च 2018 में इरफान खान न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज कराने लंदन गए थे। वहां वे करीब एक साल रहे और ठीक होने के बाद अप्रैल 2019 में भारत लौटे।

वापसी के बाद उन्होंने अपनी फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' की शूटिंग राजस्थान में शुरू की और फिर आगे के शेड्यूल के लिए लंदन चले गए थे, जहां वे डॉक्टर्स के संपर्क में भी रहे।

इसके बाद से वे अक्सर डॉक्टर्स का परामर्श लेने लंदन आते-जाते रहे। हालांकि,लॉकडाउन की वजह से वे मुंबई से बाहर नहीं जा पाए थे।

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Sutapa Sikdar shares a emotional note for Irrfan Khan: ‘I miss you partner, how many more roads alone’

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रिया और उनके भाई के साथ कंपनी शुरू करने के बाद डिप्रेशन का शिकार होने लगे थे सुशांत, एक्ट्रेस के पिता के फ्लैट पर ही रजिस्टर्ड थीं कंपनियां

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद बिहार पुलिस उनके खिलाफ तेजी से सबूत जुटा रही है। इसी बीच ये जानकारी भी सामने आई है कि सुशांत की जिन दो कंपनियों में रिया और उनका भाई डायरेक्टर था, वो दोनों इन लोगों के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती के पते पर रजिस्टर्ड थीं। साथ ही ये भी पता चला है कि पहली कंपनी को शुरू करने के कुछ वक्त बाद ही सुशांत डिप्रेशन का शिकार हो गए थे।

सुशांत ने रिया के साथ मिलकर दो कंपनियों 'विविडरेज रियालिटीएक्स प्राइवेट लिमिटेड' (Vividrage RhealityX Pvt Ltd) और 'फ्रंट इंडिया फोर वर्ल्ड फाउंडेशन' की शुरुआत की थी। इनमें से पहली कंपनी विवेडरेज की स्थापना सितंबर 2019 में हुई थी।

रिया ने बनवाया था भाई को डायरेक्टर

रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त रिया ने ना केवल अपने भाई शोविक चक्रवर्ती को कंपनी का डायरेक्टर बनाने के लिए सुशांत को मना लिया था, बल्कि कंपनी के नाम में अपना नाम शामिल कराने के लिए Reality की स्पेलिंग को भी 'Rhea'lity करवा दिया था।

अवसाद के बीच शोविक के साथ शुरू की नई कंपनी

रिया के साथ कंपनी शुरू करने के कुछ महीनों बाद ही सुशांत अवसाद का शिकार होने लगे। जिसका ट्रीटमेंट वे अलग-अलग डॉक्टर्स से करा रहे थे। इसी बीच जनवरी 2020 में सुशांत के इलाज के दौरान शोविक ने उनके साथ मिलकर एक और कंपनी 'फ्रंट इंडिया फोर वर्ल्ड फाउंडेशन' खोल ली।

रिया के पिता के फ्लैट पर रजिस्टर्ड थीं दोनों कंपनियां

जी न्यूज की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये दोनों कंपनियां नवी मुंबई के उल्वा स्थित एक फ्लैट के पते पर रजिस्टर्ड हैं और ये फ्लैट रिया और शौविक के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती के नाम पर है।

सुशांत की मौत से पहले रिया ने दिया पद से इस्तीफा

जून महीने में सुशांत के खुदकुशी करने से कुछ दिन पहले ही रिया ने 'विविडरेज रियालिटीएक्स' में डायरेक्टर के अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि इन दोनों कंपनियों में ही सुशांत ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा निवेश कर रखा था।

सुशांत के पिता ने दर्ज कराया केस

सुशांत की मौत मामले में उस वक्त बिलकुल नया मोड़ आ गया, जब 26 जून रविवार को सुशांत के पिता केके सिंह ने उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती, उसके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, मां संध्या चक्रवर्ती, भाई शोविक चक्रवर्ती और दो मैनेजर सौमिल चक्रवर्ती और श्रुति मोदी के खिलाफ पटना के राजीव नगर थाने में केस दर्ज कराया। रिया चक्रवर्ती के खिलाफ आत्महत्या, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

रिया पर लगाया हेराफेरी का आरोप

सुशांत के पिता ने रिया पर अन्य आरोपों के अलावा पैसों को हड़पने का आरोप भी लगाया। पुलिस को दिए बयाने में उन्होंने बताया, 'अपने बेटे के एक बैंक खाते के स्टेटमेंट से मुझे पता चला कि पिछले एकसाल में इस खाते से करीब 15 करोड़ रुपए निकाले गए। जिन जगहों पर पैसा ट्रांसफर हुए उनका मेरे बेटे से कोई लेना-देना नहीं था। मेरे बेटे के सभी खातों की जांच की जाए कि इन बैंक खातों व क्रेडिट कार्ड से कितना पैसा रिया ने अपने परिजनों एवं सहयोगियों के साथ मिलकर धोखेबाजी एवं षड्यंत्र से ठगा है इसकी जांच भी होनी चाहिए?'

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रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक के साथ सुशांत सिंह राजपूत।

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दोस्ती की मिसाल देंगें YAARA- देखिये आज फ्रेंडशिप डे पर ZEE5 का प्रीमियर

फ्रेंडशिप डे लोगों के जीवन में कई तरह से मायने रखता है जिसे असल जिन्दगी से लेकर सिनेमा के पर्दे पर भी बखूबी दिखाया जाता है. चाहे वो ब्लैक एंड वाइट के ज़माने की फ़िल्म दोस्ती हो या शोले के जय वीरू. पर्दे की इसी परंपरा को बरकरार रखते हुए एंटरटेनमेंट से भरपूर ZEE5 ओरिजिनल ऐप पर तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी फ़िल्म यारा( YAARA ) का प्रीमियर लॉन्च हो रहा है. जो दोस्ती की एक अविस्मरणीय कहानी को लोगों के सामने लाएगी।

क्यों देखें YAARA?

बड़े हो या छोटे हर किसी की लाइफ में दोस्ती की एक अलग जगह होती है. क्योंकि एक सच्चा दोस्त ही आपके जीवन में सुख दुःख का साथी होता है जिसके बिना जिंदगी बोरिंग लगने लगती है. ऐसे में ही हर साल 30 जुलाई को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है. जो लोग दोस्ती के मौके को सेलिब्रेट करना चाहते हैं वो कोरोनावायरस, लॉकडाउन, सामाजिक दूरी, क्वारंटाइन के चलते अपने घरों में ही रहना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। तो यही टाइम है कि अप घर पर बैठ कर YAARA फ़िल्म का मज़ा ले सकते हैं और साथ ही अपनी दोस्ती की यादों को ताज़ा भी कर सकते हैं.

दोस्ती की मिसाल बनेगी YAARA-

'YAARA' एक क्राइम ड्रामा है जो चार कुख्यात अपराधियों के बीच की दोस्ती पर आधारित है।यह फ्रेंच फीचर फिल्म "ए गैंग स्टोरी" का लाइसेंस प्राप्त फ़िल्म है जो आपको दोस्ती के नए पैमाने तक ले कर जाएगी. इस फ़िल्म में मुख्य किरदार के रूप में विद्युत जामवाल, अमित साध , विजय वर्मा, केनी बासुमतारी, श्रुति हासन और संजय मिश्रा जैसे कई उम्दा कलाकार हैं.

YAARA की कहानी करेगी आपका भरपूर मनोरंजन-

YAARA फ़िल्म चौकड़ी गैंग के शुरू होने से लेकर खत्म होने तक की कहानी है. ये कहानी 1970 के दशक के इर्द गिर्द घूमती है जब उस समय उत्तर प्रदेश और नेपाल की सीमा के बीच तस्करी, बंदूक चलाने और डकैती का संचालन किया जाता था। इस पूरी फिल्म के केंद्र में दो किरदार है जो लाइफ टाइम फ्रेंड हैं और जिन्होंने चौकड़ी गैंग को बनाया है; फागुन (विद्युत जामवाल) और मितवा (अमित साध). इसके अलावा बाकी के मुख्य किरदारों ने इस फ़िल्म में जान बिखेरी है जो दोस्ती के एक बड़ी मिसाल बन कर सामने आएगी.

इस फ़िल्म की झलक और ट्रेलर देखें-

कोरोना में मनोरंजन का बेहतर माध्यम-

ZEE5 भारत का सबसे बड़ा ConTech (Content + Tech) ब्रांड है जिसने अपने कंटेंट से एंटरटेनमेंट की परिभाषा बदल दी है. इस प्लेटफ़ॉर्म पर 100 से ज्यादा सीरीज और भाषाओं में फिल्मों का लुत्फ़ उठा सकते हैं. ZEE5 की सबसे सफल और लोकप्रिय मूल फिल्मों और शो की लिस्ट में रंगबाज़, रंगबाज़ फिरसे, घुमकेतु, बमफाद, अभय, द फाइनल कॉल, नेवर किस योर बेस्ट फ्रेंड, स्टेट ऑफ़ सीएज़ 26/11, ऑटो शंकर (तमिल), शरत आज (बंगाली), गोड्स ऑफ़ धर्मपुरी, लूज़र (तेलुगु) जैसे कई शो हैं और साथ ही इस कड़ी में आने वाले समय में यारा, परीक्षा जैसे फिल्में भी जुड़ने वाली हैं जो आपके एंटरटेनमेंट का बेहतर साधन साबित हो सकते हैं.

अगर आप भी कोरोनाकाल में भी फ्रैंडशिप डे को यादगार बनाना चाहते हैं तो ZEE5 आपको निराश नहीं करेगा. फ्रैंडशिप डे के अवसर पर ZEE5 ने आज YAARA का प्रीमियर किया है जो दोस्ती की त्यौहार में चार चाँद लगा देगी.

एंटरटेन्मेंट से भरपूर इस पूरी फ़िल्म का लुत्फ़ उठाने के लिए क्लिक करें.

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YAARA to set an example of friendship- Watch ZEE5 premiere today on Friendship Day

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रिया चक्रवर्ती ने सुशांत को पूरी तरह कंट्रोल कर लिया था, भूत-प्रेत की कहानियों से डराकर उनका घर तक बदलवा दिया था

रिया चक्रवर्ती ने भूत-प्रेत का डर दिखाकर सुशांत सिंह राजपूत से उनका घर बदलवाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खुलासा सुशांत की बहन मीतू सिंह ने पटना पुलिस की पूछताछ में किया। बताया जा रहा है कि पटना पुलिस ने मीतू, सुशांत के कुक और उनके करीबी दोस्त महेश शेट्टी से पूछताछ की है।

'रिया ने सुशांत को पूरी तरह कंट्रोल कर लिया था'

मीतू ने पटना पुलिस को बताया कि रिया ने सुशांत को पूरी तरह कंट्रोल में कर रखा था। मीतू ने यह भी कहा कि रिया ने सुशांत को भूत-प्रेत कहानियां सुनाईं और उनके अंदर डर पैदा कर उनका घर बदलवा दिया था। रिपोर्ट्स में मीतू के बयान के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि रिया ने सुशांत का स्टाफ तक बदलवा दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशांत ने 2015 में मुंबई में 20 करोड़ रुपए का पेंटहाउस खरीद लिया था। हालांकि, जहां उन्होंने सुसाइड किया, वहां वे किराए से रह रहे थे।

दोस्त महेश शेट्टी और कुक से भी हुई पूछताछ

पटना पुलिस ने सुशांत के कुक से करीब दो घंटे पूछताछ की। कुक उन लोगों में शामिल है, जो उस वक्त घर में ही मौजूद थे, जब सुशांत ने आत्महत्या की। कथिततौर पर जब काफी आवाज देने और फोन करने के बाद भी सुशांत ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो कुक ने बिल्डिंग के सिक्युरिटी गार्ड से चाबी बनाने वाले को बुलाने के लिए कहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशांत के दोस्त महेश शेट्टी से पूछताछ हो चुकी है। मौत से एक रात पहले सुशांत ने शेट्टी को फोन लगाया था, लेकिन वे उनका कॉल रिसीव नहीं कर पाए थे।

सुशांत की एक्स-गर्लफ्रेंड से हो चुकी पूछताछ

सुशांत सिंह राजपूत की एक्स-गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे से पटना पुलिस पूछताछ कर चुकी है। अंकिता ने अपने बयान में कहा कि सुशांत ने उन्हें बताया था कि रिया उन्हें हैरिस कर रही थीं। अंकिता के मुताबिक, यह तब की बात है, जब सुशांत ने उन्हें उनकी फिल्म 'मणिकर्णिका' के लिए शुभकामनाएं देने के लिए मैसेज किया था।

तब दोनों की काफी लंबी बात हुई थी और सुशांत ने बताया था कि वे रिया के साथ रिश्ते में परेशान हो चुके हैं और इससे बाहर आना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंकिता ने सुशांत और अपनी इस चैट के प्रिंट स्क्रीन पटना पुलिस को सौंप दिए हैं।

रिया पर इन धाराओं के तहत केस दर्ज
सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर थाने में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ धाराओं 341 और 342 (गलत तरीके से रोकना या बंधक बनाना), 380 (चोरी), 406 (भरोसा तोड़ना), 420 (धोखाधड़ी) और 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कराया है।

सुशांत के परिवार का बयान दर्ज करने की तैयारी में मुंबई पुलिस

रिपोर्ट्स की मानें तो इधर मुंबई पुलिस सुशांत के पिता केके सिंह, बहनें मीतू और प्रियंका सिंह समेत सभी फैमिली मेंबर्स के फुल स्टेटमेंट दर्ज करने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि पहले किन्हीं कारणों से इनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके। लेकिन अब जबकि पटना में सुशांत के पिता ने एफआईआर दर्ज करा दी है तो मुंबई पुलिस दबाव में आ गई है।

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Riya Chakraborty made Sushant Singh Rajput scare stories of ghosts, He was forced to change home

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रिया चक्रवर्ती ने सुशांत के घरवालों को नहीं दी गई थी उनके डिप्रेशन और ट्रीटमेंट की सूचना, चचेरे भाई नीरज बोले- 'उसको बरगला कर रखा होगा'

सुशांत सिंह राजपूत मामले में उनके पिता केके सिंह द्वारा बिहार में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ केस दर्ज करवाए जाने के बाद नए ट्विस्ट आ गए हैं। चार लोगों की टीम भी इन्वेस्टिगेशन के लिए मुंबई पहुंच चुकी है और हर मुमकिन एंगल की जांच कर रही हैं। अब सुशांत के कजिन और बीजेपी एमएलए नीरज कुमार सिंह उर्फ बब्लू ने बताया कि एक्टर के परिवार को उनके डिप्रेशन या ट्रीटमेंट की कोई जानकारी नहीं थीं और ना ही कभी सुशांत ने इंडस्ट्री में चल रहे नेपोटिज्म की बात शेयर की। आखिरी मुलाकात में सुशांत ने सिर्फ अपने कुछ सपने शेयर किए थे।

हाल ही में बॉम्बे टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सुशांत के चचेरे भाई नीरज कुमार सिंह ने बताया कि रिया ने कभी सुशांत को ट्रीटमेंट पर ले जाने से पहले परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी थी और ना सुशांत के डिप्रेशन की घरवालों को खबर थी। उन्होंने कहा, 'हम लोगों को डिप्रेशन की सूचना नहीं थी, और ना ही किसी ने ऐसी सूचना दी कि वो डिप्रेशन में था। अगर वो डिप्रेशन में गया होगा तो उसको बरगला कर रखा गया होगा। फैमिली के कम ही लोग उसके संपर्क में थे। जब भी वो पिता से बात करता था तो नॉर्मली बात करता था। कभी इन सब चीजों का जिक्र नहीं हुआ'।

रिया सुशांत को इलाज के लिए ले जाया करती थीं इसपर नीरज ने कहा, 'रिया को सुशांत को किसी भी तरह के ट्रीटमेंट के लिए ले जाने से पहले उनके पिता की इजाजत लेनी थी। मगर ऐसा नहीं हुआ। आगे नीरज ने ये भी बताया कि सुशांत ने कभी नेपोटिज्म का जिक्र भी नहीं किया'।

सुशांत कुछ महीनों पहले ही अपने घर पटना गए थे तब नीरज की उनसे आखिरी बार मुलाकात हुई थी। इस बारे में उन्होंने बताया, 'मैं उससे पटना में मिला था। वो काफी अच्छा और खुश नजर आ रहा था। उसने अपने सपने के बारे में शेयर करते हुए बताया कि वो 100 गरीब बच्चों को नासा भेजना चाहता था। वो ऑर्गेनिक फार्मिंग भी करना चाहता था। बड़े-बड़े सपने थे उसके और बहुत कुछ करना चाहता था वो'। गौरतलब है कि इससे पहले भी नीरज सुशांत मामले में अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।

सवालों के घेरे में रिया चक्रवर्ती

केके सिंह द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद से ही रिया पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कई लोगों ने उनपर आरोप लगाए हैं कि रिया सुशांत के ट्रीटमेंट के साथ छेड़छाड़ कर रही थीं और साथ ही इस बारे में सबको बताने की धमकी भी दे रही थीं। वहीं दूसरी तरफ सुशांत की बहन मीतू ने बताया कि रिया 8 जून को सुशांत के क्रेडिट कार्ड और कुछ जरूरी सामान लेकर उन्हें छोड़कर चली गई थीं। बिहार से आई चार लोगों की टीम ने रिया से पूछताछ करना चाहा मगर महिला पुलिस उपस्थित ना होने के चलते उन्होंने इनकार कर दिया। अब जल्द ही बिहार से महिला पुलिस को बुलाकर रिया से बातचीत की जाएगी।

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Riya Chakraborty had not given information to Sushant's family members about his depression and treatment, cousin Neeraj said - 'he must be tricked'

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