Posts

Showing posts with the label https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/07/08/irrfan-front-pic_1594206900.jpg Dainik Bhaskar

इरफान खान के बेटे बाबिल ने कहा- मेरे पिता ने अभिनय की कला को ऊंचा करने में जीवन लगा दिया, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर वे सिक्स पैक एब्स वालों से हारते रहे दिवंगत अभिनेता इरफान खान के बेटे बाबिल ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक बड़ी सी पोस्ट शेयर की, जिसमें सिनेमा के छात्र होने के नाते उन्होंने बताया कि किस तरह विश्व सिनेमा में बॉलीवुड को सम्मान नहीं मिलता है। उन्होंने लिखा- मेरे पिता ने अपना अधिकांशजीवन अभिनय की कला को ऊंचा करने में लगाया, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर वे सिक्स पैक एब्स वालों से मात खाते रहे। अपने पिता के दो थ्रोबैक फोटो शेयर करते हुए बाबिल ने लिखा, 'आप जानते हैं सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक जो मेरे पिता ने मुझे सिनेमा के छात्र के रूप में मेरे फिल्म स्कूल जाने से पहले सिखाई थी, उन्होंने मुझे चेतावनी देते हुए कहा था कि मुझे खुद को साबित करके दिखाना होगा, क्योंकि विश्व सिनेमा में बॉलीवुड बेहद कम सम्मान मिलता है और इस वक्त मुझे भारतीय सिनेमा के बारे में जरूर बताना चाहिए जो हमारे नियंत्रित बॉलीवुड से परे है।' हमने परिपक्व होने से इनकार कर दिया 'बॉलीवुड का सम्मान नहीं था, 60 से 90 के दशक के भारतीय सिनेमा के बारे में कोई जागरूकता या विश्वसनीयता नहीं है। वर्ल्ड सिनेमा सेगमेंट में भारतीय सिनेमा के बारे में 'बॉलीवुड एंड बियॉन्ड' नाम का सिर्फ एक लेक्चर था। वो भी शोर-शराबे वाली क्लास में निकल गया। यहां तक कि सत्यजीत रे और के.आसिफ के वास्तविक भारतीय सिनेमा के बारे में ढंग कीचर्चा करना भी कठिन था। आप जानते हैं ऐसा क्यों है? क्योंकि हमने, भारतीय दर्शकों के रूप में विकसित होने से इनकार कर दिया।' अभिनय कला को ऊंचा करने में पिता नेजीवन लगा दिया 'मेरे पिता ने पिछले दशक में बॉलीवुड की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद अपना जीवन अभिनय की कला को ऊंचा करने में लगा दिया। उनकी लगभग पूरी यात्रा में उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर सिक्स पैक एब्स वाले ऐसे अभिनेताओं से मात खाई, जो बेहद नाटकीय वन लाइनर फिल्में दे रहे थे, जो वास्तविकता और भौतिक विज्ञान के नियमों के खिलाफ थीं, फोटोशॉप्ड आइटम गानों, धमाकेदार सेक्सिज्म और पितृसत्ता पर आधारित पुरानी परंपरा का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।' भ्रम को तोड़ने से हम डरते हैं '(और आपको इस बात को जरूर समझना चाहिए कि बॉक्स ऑफिस पर पराजित होने का मतलब है कि बॉलीवुड में निवेश का अधिकांश हिस्सा विजेताओं के पास जा रहा है, जो हमें एक दुष्चक्र में उलझा रहे हैं।) क्योंकि एक दर्शक के रूप में हमने वही चाहा, उसी का आनंद लिया, हमने सिर्फ मनोरंजन को तलाशा। इसलिए वास्तविकता के हमारे नाजुक भ्रम को तोड़ने से हम डरते हैं, इसलिए धारणा में किसी भी बदलाव को अस्वीकार कर देते हैं। सिनेमा की संभावना और मानवता और अस्तित्ववाद पर इसके निहितार्थ का पता लगाने के लिए किए गए सभी प्रयासों को अच्छे से अलग कर देते हैं।' हवा में नई खुशबू महसूस होरही है 'अब यहां एक बदलाव है, हवा में एक नई सुगंध है। एक नया युवा, नया अर्थ खोज रहा है। हमें अपनी जमीन पर खड़ा रहना चाहिए, इस प्यास का गहराई से फिर से दमन नहीं होने देना चाहिए। एक अजीब सी भावना व्याकुल कर देती है जब बाल छोटे कराने की वजह से लड़के की तरह दिखने पर कल्कि को ट्रोल किया जाता है। ये संभावना का शुद्ध उन्मूलन है।' आखिरी लाइन में उन्होंने लिखा, '(हालांकि मुझे बुरा लग रहा है कि सुशांत की मौत अब राजनीतिक बहसों का हिस्सा बनकर रह गई है, लेकिन यदि सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं तो हम इसे गले लगाना चाहिए)' विजय बोले- हम उनकी जलाई लौ को बचाकर रखेंगे बाबिल की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक्टर विजय वर्मा ने लिखा, 'हमने इरफान साहब से बहुत कुछ सीखा है और आशा है कि हम उस लौ को जलाए रखेंगे जिसे उन्होंने आलोचकों से बचाकर रखा था। इरफानवाद जिंदा रहेगा। बाबिल तुम्हारे लिए प्यार और भावनाएं। तुम हम सभी के लिए बोला है।' बाबिल की पोस्ट पर विजय वर्मा का कमेंट। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बाबिल ने अपनी पोस्ट के साथ पिता इरफान खान के दो फोटो भी शेयर किए। दिवंगत पिता इरफान खान के साथ बाबिल। https://ift.tt/3iEHiLP