पिता ऋषि को परफेक्ट हसबैंड मानते थे रणबीर कपूर, क्योंकि पत्नी नीतू के साथ कई लड़ाइयों के बावजूद उनका प्यार कभी कम नहीं हुआ ऋषि कपूर की 4 सितंबर को बर्थ एनिवर्सरी है। 68वीं बर्थ एनिवर्सरी पर उनके बेटे रणबीर कपूर द्वारा लिखे एक इमोशनल नोट पर नजर डालते हैं जो उन्होंने ऋषि कपूर की बायोग्राफी खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड में लिखा था जो कि 2017 में पब्लिश हुई थी। रणबीर ने इस नोट में पिता से मिले सबसे अहम तोहफे का जिक्र किया था। रणबीर ने लिखा था, मैं शांति से बैठकर जब पिता के साथ अपने रिलेशनशिप पर नजर डालता हूं तो कह सकता हूं कि उन्होंने मुझे जिंदगी में दो सबसे बेहतरीन चीजें दी हैं। एक है मेरी बहन रिद्धिमा तो दूसरी हैं मेरी मां। पापा ने हमारे सामने उदाहरण पेश किया कि मेरी मां नीतू हमारी जिंदगियों का केंद्र बिंदु हैं। उनके रहते हुए हमें जिंदगी का कोई भी उतार-चढ़ाव छू भी नहीं पाएगा। बेटी रिद्धिमा और बेटे रणबीर के साथ ऋषि। पिता को कहा था बेहतरीन हसबैंड इसके अलावा रणबीर ने इस नोट में ऋषि को बेहतरीन हसबैंड बताया था। कई आपसी मतभेदों और लड़ाइयों के बावजूद वह और नीतू साथ बने रहे। रणबीर ने कहा कि उन्होंने ऋषि का नीतू के प्रति प्यार और सम्मान कभी कम होते नहीं देखा। दोनों का प्यार उनके और रिद्धिमा के लिए एक मिसाल है और रहेगा। ऋषि कपूर ने नीतू से 1980 में शादी की थी। पिता के साथ पर्सनल रिलेशनशिप पर बात करते हुए रणबीर ने कहा था कि उन्हें लगता था कि एक पिता के तौर पर ऋषि उनसे वैसे ही पेश आते थे जैसे कि उनके पिता (राज कपूर) उनसे पेश आते थे। एक बेटे होने के नाते रणबीर ने कभी अपनी लाइन क्रॉस नहीं की लेकिन दोनों के बीच गैप था जिसे वो ठीक नहीं मानते थे। यही वजह है कि रणबीर अपने बच्चों के साथ रिलैक्स इक्वेशन चाहते हैं क्योंकि ऋषि ने उनके साथ कभी दोस्त जैसा व्यवहार नहीं किया। ‘एक्टिंग में कोई उनकी टक्कर का नहीं’ ऋषि कपूर के करियर पर रणबीर ने कहा था कि कोई भी अभिनेता उनके पिता की टक्कर का नहीं था। वह पर्दे पर नैचुरल और एफर्टलेस लगते थे। ओवरवेट होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को हमेशा बांधे रखा। यहां तक कि दूसरी पारी में अग्निपथ, दो दुनी चार, कपूर एंड संस जैसी फिल्मों के लिए कई अवॉर्ड जीतने के बाद उन्होंने यह बात साबित कर दी थी कि 44 साल फिल्म इंडस्ट्री में काटने के बाद भी उनके अंदर काफी कुछ स्पेशल बाकी था। कैंसर से हुआ था निधन ऋषि कपूर का 30 अप्रैल, 2020 को ल्यूकेमिया के चलते निधन हो गया था जो कि एक प्रकार का कैंसर होता है। 2018 में ऋषि कपूर को कैंसर हुआ था। इलाज के लिए वो अमेरिका गए थे। वहां 11 महीने रहने के बाद पिछले साल सितंबर में भारत लौटे थे। फरवरी 2020 में उनकी तबियत फिर खराब होनी शुरू हुई और फिर अप्रैल में वह दुनिया को अलविदा कह गए। ऋषि कपूर की तेरहवीं पर नीतू-रणबीर। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ranbir Kapoor considered father Rishi a perfect husband, because despite his many battles with wife Neetu, his love never faded https://ift.tt/2QSVKTV
ऋषि कपूर की 4 सितंबर को बर्थ एनिवर्सरी है। 68वीं बर्थ एनिवर्सरी पर उनके बेटे रणबीर कपूर द्वारा लिखे एक इमोशनल नोट पर नजर डालते हैं जो उन्होंने ऋषि कपूर की बायोग्राफी खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड में लिखा था जो कि 2017 में पब्लिश हुई थी।
रणबीर ने इस नोट में पिता से मिले सबसे अहम तोहफे का जिक्र किया था। रणबीर ने लिखा था, मैं शांति से बैठकर जब पिता के साथ अपने रिलेशनशिप पर नजर डालता हूं तो कह सकता हूं कि उन्होंने मुझे जिंदगी में दो सबसे बेहतरीन चीजें दी हैं। एक है मेरी बहन रिद्धिमा तो दूसरी हैं मेरी मां। पापा ने हमारे सामने उदाहरण पेश किया कि मेरी मां नीतू हमारी जिंदगियों का केंद्र बिंदु हैं। उनके रहते हुए हमें जिंदगी का कोई भी उतार-चढ़ाव छू भी नहीं पाएगा।
पिता को कहा था बेहतरीन हसबैंड
इसके अलावा रणबीर ने इस नोट में ऋषि को बेहतरीन हसबैंड बताया था। कई आपसी मतभेदों और लड़ाइयों के बावजूद वह और नीतू साथ बने रहे। रणबीर ने कहा कि उन्होंने ऋषि का नीतू के प्रति प्यार और सम्मान कभी कम होते नहीं देखा। दोनों का प्यार उनके और रिद्धिमा के लिए एक मिसाल है और रहेगा।
पिता के साथ पर्सनल रिलेशनशिप पर बात करते हुए रणबीर ने कहा था कि उन्हें लगता था कि एक पिता के तौर पर ऋषि उनसे वैसे ही पेश आते थे जैसे कि उनके पिता (राज कपूर) उनसे पेश आते थे। एक बेटे होने के नाते रणबीर ने कभी अपनी लाइन क्रॉस नहीं की लेकिन दोनों के बीच गैप था जिसे वो ठीक नहीं मानते थे। यही वजह है कि रणबीर अपने बच्चों के साथ रिलैक्स इक्वेशन चाहते हैं क्योंकि ऋषि ने उनके साथ कभी दोस्त जैसा व्यवहार नहीं किया।
‘एक्टिंग में कोई उनकी टक्कर का नहीं’
ऋषि कपूर के करियर पर रणबीर ने कहा था कि कोई भी अभिनेता उनके पिता की टक्कर का नहीं था। वह पर्दे पर नैचुरल और एफर्टलेस लगते थे। ओवरवेट होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को हमेशा बांधे रखा। यहां तक कि दूसरी पारी में अग्निपथ, दो दुनी चार, कपूर एंड संस जैसी फिल्मों के लिए कई अवॉर्ड जीतने के बाद उन्होंने यह बात साबित कर दी थी कि 44 साल फिल्म इंडस्ट्री में काटने के बाद भी उनके अंदर काफी कुछ स्पेशल बाकी था।
कैंसर से हुआ था निधन
ऋषि कपूर का 30 अप्रैल, 2020 को ल्यूकेमिया के चलते निधन हो गया था जो कि एक प्रकार का कैंसर होता है। 2018 में ऋषि कपूर को कैंसर हुआ था। इलाज के लिए वो अमेरिका गए थे। वहां 11 महीने रहने के बाद पिछले साल सितंबर में भारत लौटे थे। फरवरी 2020 में उनकी तबियत फिर खराब होनी शुरू हुई और फिर अप्रैल में वह दुनिया को अलविदा कह गए।
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hi wite for you