परिवार वाले नहीं आए तो को-स्टार अलका ने किया आशालता वाबगांवकर का अंतिम संस्कार, बोलीं-उन्होंने कहा था, स्थिति बिगड़ जाए तो तुम ही मेरा अंतिम संस्कार कर देना मराठी और हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी एक्ट्रेस आशालता वाबगांवकर का 22 सितंबर को 83 साल की उम्र में निधन हो गया था। वे कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से महाराष्ट्र के सातारा में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थीं। आशा का परिवार मुंबई में रहता है जो कि सातारा नहीं पहुंच सका इसलिए एक्ट्रेस की को-स्टार अलका कुबल ने उनका अंतिम संस्कार किया। अलका ने इस बारे में मुंबई मिरर से बातचीत की है। अलका ने कहा, आशालता नहीं चाहती थीं कि उनकी सेहत के बारे में उनके परिवार को पता चले और उन्होंने कहा था कि अगर स्थिति बहुत बिगड़ जाए तो तुम ही मेरा अंतिम संस्कार कर देना। आशा की तबियत मंगलवार तक भी ठीक थी और लग रहा था कि वह जल्द ही ठीक भी हो जाएंगी लेकिन फिर अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। 22 सितंबर की सुबह 4.45 बजे उनकी मौत हो गई। कोरोना महामारी के चलते उनका परिवार मुंबई से सातारा नहीं आ पाया और उनके परिवार ने कहा कि उनकी बॉडी मुंबई ना लाई जाए जिसके बाद मैंने ही उनका अंतिम संस्कार सातारा में कर दिया। मैं खुश हूं कि मैं उनकी आखिरी इच्छा पूरी कर पाई क्योंकि वह मेरी मां समान थीं। शूटिंग करते हुए हुआ था कोरोना अलका ने आगे बताया, पिछले एक महीने से आशालता हमारे साथ मराठी टीवी सीरियल आई माजी कालुबाई की शूटिंग कर रही थीं। सेट पर सारी सावधानियां बरतने के बाद भी एक हफ्ते पहले 22 मेंबर्स कोरोना पॉजिटिव निकले। आशा जी भी संक्रमित हो गईं। कई लोग ठीक हो गए लेकिन आशा जी के केस में उम्र ने साथ नहीं दिया। 83 साल की होने के बावजूद वह इंडिपेंडेंट थीं। वह सीनियर सिटीजन थीं तो जब वह शूटिंग पर आईं तो उन्हें मेकर्स को लिखित में यह देना पड़ा था कि वह अपनी इच्छा से शूटिंग पर आ रही हैं क्योंकि 65 प्लस वाले एक्टर्स के शूट करने पर मनाही थी। बॉलीवुड में आशालता का सफर आशालता ने 100 से ज्यादा हिन्दी और मराठी फिल्मों में काम किया। बॉलीवुड में पहली बार वे बासु चटर्जी की फिल्म 'अपने पराए' में नजर आईं। इसके लिए उन्हें 'बंगाल क्रिटिक्स अवार्ड' और बेस्ट सह कलाकार का फिल्मफेयर मिला था। फिल्म 'जंजीर' में उन्होंने अमिताभ बच्चन की सौतेली मां का किरदार निभाया था। आशालता ने अंकुश, अपने पराए, आहिस्ता आहिस्ता, शौकीन, वो सात दिन, नमक हलाल और यादों की कसम समेत कई शानदार हिन्दी फिल्मों में काम किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आशालता और अलका मराठी टीवी सीरियल आई माजी कालुबाई की शूटिंग साथ ही कर रही थीं। https://ift.tt/2RNsbUi
मराठी और हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी एक्ट्रेस आशालता वाबगांवकर का 22 सितंबर को 83 साल की उम्र में निधन हो गया था। वे कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से महाराष्ट्र के सातारा में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थीं। आशा का परिवार मुंबई में रहता है जो कि सातारा नहीं पहुंच सका इसलिए एक्ट्रेस की को-स्टार अलका कुबल ने उनका अंतिम संस्कार किया।
अलका ने इस बारे में मुंबई मिरर से बातचीत की है। अलका ने कहा, आशालता नहीं चाहती थीं कि उनकी सेहत के बारे में उनके परिवार को पता चले और उन्होंने कहा था कि अगर स्थिति बहुत बिगड़ जाए तो तुम ही मेरा अंतिम संस्कार कर देना। आशा की तबियत मंगलवार तक भी ठीक थी और लग रहा था कि वह जल्द ही ठीक भी हो जाएंगी लेकिन फिर अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। 22 सितंबर की सुबह 4.45 बजे उनकी मौत हो गई।
कोरोना महामारी के चलते उनका परिवार मुंबई से सातारा नहीं आ पाया और उनके परिवार ने कहा कि उनकी बॉडी मुंबई ना लाई जाए जिसके बाद मैंने ही उनका अंतिम संस्कार सातारा में कर दिया। मैं खुश हूं कि मैं उनकी आखिरी इच्छा पूरी कर पाई क्योंकि वह मेरी मां समान थीं।
शूटिंग करते हुए हुआ था कोरोना
अलका ने आगे बताया, पिछले एक महीने से आशालता हमारे साथ मराठी टीवी सीरियल आई माजी कालुबाई की शूटिंग कर रही थीं। सेट पर सारी सावधानियां बरतने के बाद भी एक हफ्ते पहले 22 मेंबर्स कोरोना पॉजिटिव निकले। आशा जी भी संक्रमित हो गईं। कई लोग ठीक हो गए लेकिन आशा जी के केस में उम्र ने साथ नहीं दिया। 83 साल की होने के बावजूद वह इंडिपेंडेंट थीं। वह सीनियर सिटीजन थीं तो जब वह शूटिंग पर आईं तो उन्हें मेकर्स को लिखित में यह देना पड़ा था कि वह अपनी इच्छा से शूटिंग पर आ रही हैं क्योंकि 65 प्लस वाले एक्टर्स के शूट करने पर मनाही थी।
बॉलीवुड में आशालता का सफर
आशालता ने 100 से ज्यादा हिन्दी और मराठी फिल्मों में काम किया। बॉलीवुड में पहली बार वे बासु चटर्जी की फिल्म 'अपने पराए' में नजर आईं। इसके लिए उन्हें 'बंगाल क्रिटिक्स अवार्ड' और बेस्ट सह कलाकार का फिल्मफेयर मिला था। फिल्म 'जंजीर' में उन्होंने अमिताभ बच्चन की सौतेली मां का किरदार निभाया था। आशालता ने अंकुश, अपने पराए, आहिस्ता आहिस्ता, शौकीन, वो सात दिन, नमक हलाल और यादों की कसम समेत कई शानदार हिन्दी फिल्मों में काम किया।
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hi wite for you