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लिवर कैंसर के चलते 10 महीने से बिस्तर पर थे 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' के गीतकार अभिलाष, परिवार के पास नहीं थे ट्रांसप्लांट के पैसे 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' (अंकुश) जैसे गीत लिखने वाले गीतकार अभिलाष का मुंबई में निधन हो गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो सोमवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। अभिलाष लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले 10 महीने से बिस्तर पर थे। उनका लिवर ट्रांसप्लांट होना था। लेकिन पैसों की तंगी के चलते यह हो नहीं सका। पत्नी ने IPRS से आर्थिक मदद मांगी थी दो दिन पहले ही मीडिया में अभिलाष की हालत के बारे में जानकारी सामने आई थी। गीतकार की पत्नी नीरा अभिलाष ने इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स सोसाइटी (IPRS) से अर्जेंट फाइनेंशियल हेल्प मांगी थी। इलाज पर खर्च हो गई थी जमा-पूंजी रिपोर्ट्स में परिवार के सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि फैमिली ने अपनी पूरी जमा-पूंजी अभिलाष की मेडिकल केयर पर खर्च कर दी थी। शुरुआत में उन्हें शुभचिंतकों से मदद मिल रही थी। लेकिन वे भी ज्यादा दिनों तक खर्च नहीं उठा सके। क्योंकि लिवर कैंसर का खर्च काफी महंगा है। इन फिल्मों के लिए लिखे थे गाने IMDB की लिस्ट के मुताबिक, अभिलाष ने 'रफ्तार' (1975), 'जहरीली' (1977), 'सावन को आने दो' (1979),'लाल चूड़ा' (1974), 'अंकुश' (1986), 'हलचल' (1995) और 'मोक्ष' (2013) जैसी फिल्मों के लिए गाने लिखे थे। इसके अलावा 'जय जगन्नाथ' (2007) के डायलॉग्स और 'जीते हैं शान से' (1988) की एडिशनल स्टोरी के लिए भी उन्हें क्रेडिट दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अभिलाष की पत्नी नीरा ने इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स सोसाइटी (IPRS) से अर्जेंट फाइनेंशियल हेल्प मांगी थी। https://ift.tt/335QdjQ

हरिहरन बोले- पहले स्टेज शो के दौरान दीदी ने ऑडियंस की ओर देखने से मना किया था, बाद में पता चली उनके ऐसा कहने की वजह स्वर कोकिला लता मंगेशकर के 92वें जन्मदिन पर फेमस सिंगर हरिहरन ने उन्हें बधाई देते हुए उनके साथ काम करने का अपना अनुभव दैनिक भास्कर के साथ शेयर किया। उन्होंने बताया कि जब मैं पहली बार उनके साथ स्टेज शो में गा रहा था तो उन्होंने मुझे एक खास सीख दी थी। हरिहरन ने कहा, 'दीदी को जन्मदिन बहुत-बहुत मुबारक हो। यही प्रार्थना करता हूं कि वे स्वस्थ और खुश रहें। फिल्मों में गाने से पहले उनके साथ बंगाल, लंदन आदि जगहों पर बहुत बड़े-बड़े शोज किए हैं। उसके बाद उनके साथ लम्हे, सत्य आदि फिल्मों में गाने गाए। अपने पिताजी के नाम पर साल में एक बार प्रोग्राम करती थीं। उसमें मैंने तीन-चार साल परफॉर्म किया। उनके पिताजी के नाम पर जो अवॉर्ड है उसे भी दिया। मेरे लिए ये सौभाग्य की बात है कि सबसे पहले उन्होंने एक लाइव म्यूजिशियन को यह अवॉर्ड दिया। दीदी ने ऑडियंस को देखने से मना किया था 'ईस्ट बंगाल में उनके साथ पहली बार शोज में गा रहा था। गाना था 'ये रात भीगी भीगी...' स्टेज पर जाने से पहले उन्होंने कहा कि हरि पहली बार गा रहे हो तो ज्यादा ऊपर और ऑडियंस की तरफ मत देखना। अब कोई कहता है कि ऊपर मत देखना तो उसी बात के लिए उत्साहित रहते हैं।' 'मना करने के बाद भी मैंने बात नहीं मानी' 'पहला मुखड़ा गाया तो उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने इशारों से भी कहा कि बहुत अच्छा लगा। लेकिन जैसे म्यूजिक बजने लगा मैंने चुपके से नजर उठाकर ऑडियंस की तरफ देख लिया। वहां पर लाख लोगों से ज्यादा ऑडियंस बैठी थी। पहली बार इतने लोगों को एक साथ देखकर चंद लम्हे के लिए मेरा ध्यान हट गया। फिर तो अंतरा शुरू होते ही गलती कर बैठा।' 'मेरी गलती पर वो हंस रही थीं' 'खैर गलती ऑडियंस को नहीं सिर्फ हमें ही मालूम पड़ी। लेकिन जब 2 मिनट बाद दीदी की तरफ देखा तो वे हंस रही थीं कि तुमने क्यों ऑडियंस की तरफ देखा। उनको ऑब्जर्व करने से ही हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।' 'गाना याद नहीं होने तक वे माइक पर नहीं आतीं' 'दीदी को जब तक गाना याद नहीं हो जाता, तब तक वे माइक के सामने नहीं आती। ऐसा कभी नहीं हुआ कि बिना याद किए माइक के सामने आ जाएं। रिहर्सल दो-तीन बार करने के बाद हर बार उसी तरह का गाना गाती थीं। दो-तीन रिहर्सल के बाद ऐसा लगता था कि गाने में क्या रोशनी आ गई।' 'दीदी कैरम बहुत अच्छा खेलती हैं' दीदी कैरम बोर्ड बहुत अच्छा खेलती हैं। वेरी गुड कैरम बोर्ड प्लेयर। मैंने उनके साथ उनके घर पर एक-दो बार कैरम खेला है। उनका कैरम बोर्ड खेलने का अंदाज ही अलग होता है। एकदम शार्प। उसे खेलने में भी एक अलग तरह की नजाकत होती थी, वे बिल्कुल अलग तरह से सोचती हैं। लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर पर हुआ था। वे पांच भाई-बहनों के बीच सबसे बड़ी हैं। इस खास मौके पर बॉलीवुड सिंगर उदित नारायण ने लता दीदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके साथ काम करने का अपना अनुभव दैनिक भास्कर के साथ साझा किया है। उन्होंने बताया कि लता दीदी के साथ गाना गाना ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा अवॉर्ड है। (जैसा हरिहरन ने उमेश कुमार उपाध्याय को बताया) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Hariharan remembers his memories with Lata Mangeshkar on her Birthday, says- Didi refused to look at the audience during the first stage show, later found out the reason for her saying so https://ift.tt/3kQEqvJ

दुनिया को 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गाने दिए, लेकिन पिता के सामने गाने से डरती थीं लता दीदी 'भारत रत्न' लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं। बकौल लता जी, 'पिताजी जिंदा होते तो मैं शायद सिंगर नहीं होती'...ये मानने वाली महान गायिका लता मंगेशकर लंबे समय तक पिता के सामने गाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थीं। फिर परिवार को संभालने के लिए उन्होंने इतना गाया कि सर्वाधिक गाने रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान 'गिनीज बक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 1974 से 1991 तक हर साल अपने नाम दर्ज कराती रहीं। 91वें जन्मदिन पर लताजी से जुड़े कुछ खास किस्से। लता जब गातीं तो मां डांटकर भगा देती थीं लता मानती हैं कि पिता की वजह से ही वे आज सिंगर हैं, क्योंकि संगीत उन्होंने ही सिखाया। जानकर आश्चर्य हो सकता है कि लता के पिता दीनानाथ मंगेशकर को लंबे समय तक मालूम ही नहीं था कि बेटी गा भी सकती है। लता को उनके सामने गाने में डर लगता था। वो रसोई में मां के काम में हाथ बंटाने आई महिलाओं को कुछ गाकर सुनाया करती थीं। मां डांटकर भगा दिया करती थीं कि लता के कारण उन महिलाओं का वक्त जाया होता था, ध्यान बंटता था। पिता के शिष्य को सिखाया था सही सुर एक बार लता के पिता के शिष्य चंद्रकांत गोखले रियाज कर रहे थे। दीनानाथ किसी काम से बाहर निकल गए। पांच साल की लता वहीं खेल रही थीं। पिता के जाते ही लता अंदर गई और गोखले से कहने लगीं कि वो गलत गा रहे हैं। इसके बाद लता ने गोखले को सही तरीके से गाकर सुनाया। पिता जब लौटे तो उन्होंने लता से फिर गाने को कहा। लता ने गाया और वहां से भाग गईं। लता मानती हैं 'पिता का गायन सुन-सुनकर ही मैंने सीखा था, लेकिन मुझ में कभी इतनी हिम्मत नहीं थी कि उनके साथ गा सकूं।' सच हो गई पिता की भविष्यवाणी इसके बाद लता और उनकी बहन मीना ने अपने पिता से संगीत सीखना शुरू किया। छोटे भाई हृदयनाथ केवल चार साल के थे जब पिता की मौत हो गई। उनके पिता ने बेटी को भले ही गायिका बनते नहीं देखा हो, लेकिन लता की सफलता का उन्हें अंदाजा था, अच्छे ज्योतिष जो थे। लता के मुताबिक उनके पिता ने कह दिया था कि वो इतनी सफल होंगी कि कोई उनकी ऊंचाइयों को छू भी नहीं पाएगा। साथ ही लता यह भी मानती हैं कि पिता जिंदा होते तो वे गायिका कभी नहीं बनती, क्योंकि इसकी उन्हें इजाजत नहीं मिलती। 13 की उम्र से संभाला परिवार पिता की मौत के बाद लता ने ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली और अपनी बहन मीना के साथ मुंबई आकर मास्टर विनायक के लिए काम करने लगीं। 13 साल की उम्र में उन्होंने 1942 में 'पहिली मंगलागौर' फिल्म में एक्टिंग की। कुछ फिल्मों में उन्होंने हीरो-हीरोइन की बहन के रोल किए हैं, लेकिन एक्टिंग में उन्हें कभी मजा नहीं आया। पहली बार रिकॉर्डिंग की 'लव इज ब्लाइंड' के लिए, लेकिन यह फिल्म अटक गई। ऐसे मिला पहला बड़ा ब्रेक संगीतकार गुलाम हैदर ने 18 साल की लता को सुना तो उस जमाने के सफल फिल्म निर्माता शशधर मुखर्जी से मिलवाया। शशधर ने साफ कह दिया ये आवाज बहुत पतली है, नहीं चलेगी'। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म 'मजबूर' के गीत 'अंग्रेजी छोरा चला गया' में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और 'अनारकली', 'जिद्दी' जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए। कभी अचार-मिर्च से नहीं किया परहेज करियर के सुनहरे दिनों में वो गाना रिकॉर्ड करने से पहले आइसक्रीम खा लिया करती थीं और अचार, मिर्च जैसी चीजों से भी उन्होंने कभी परहेज नहीं किया। उनकी आवाज हमेशा अप्रभावित रही। 1974 में लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में परफॉर्म करने वाली वे पहली भारतीय हैं। अपने सफर को जब लता याद करती हैं तो उन्हें अपने शुरुआती दिनों की रिकॉर्डिंग वाली रातें भुलाए नहीं भूलतीं। तब दिन में शूटिंग होती थी और रात की उमस में स्टूडियो फ्लोर पर ही गाने रिकॉर्ड होते थे। सुबह तक रिकॉर्डिंग जारी रहती थी और एसी की जगह आवाज करने वाले पंखे होते थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लता जी सर्वाधिक गाने रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान 'गिनीज बक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 1974 से 1991 तक हर साल अपने नाम दर्ज कराती रहीं। https://ift.tt/3kVtMnE

उदित नारायण बोले- लता दीदी ने जब पहली बार स्टेज शो के लिए बुलाया था तो रात भर सो नहीं पाया था, DDLJ की रिकॉर्डिंग के वक्त उन्हें सामने देखकर नर्वस हो रहा था स्वर कोकिला लता मंगेशकर आज 91 साल की हो गईं। उनका जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर पर हुआ था। वे पांच भाई-बहनों के बीच सबसे बड़ी हैं। इस खास मौके पर बॉलीवुड सिंगर उदित नारायण ने लता दीदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके साथ काम करने का अपना अनुभव दैनिक भास्कर के साथ साझा किया है। उन्होंने बताया कि लता दीदी के साथ गाना गाना ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा अवॉर्ड है। उदित नारायण ने कहा, 'सबसे पहले तो साक्षात सरस्वती, भारत रत्न, कोकिला कंठ को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां देना चाहता हूं। पांच-छह साल की उम्र में सरपंच, मुखिया के यहां ट्रांजिस्टर पर दूर खड़ा होकर गाने सुना करता था तो सोचता था कि इसके अंदर बैठकर ये लोग इतना सुंदर कैसे गाते हैं। खैर, काफी संघर्ष करने के बाद मुंबई आया।' लता दीदी के साथ काम करना भारत रत्न मिलने जैसा 'अपनी जनरेशन में मैंने लता मंगेशकर के साथ सबसे ज्यादा तकरीबन दो-ढाई सौ फिल्मों में गाने गाए हैं। यह मेरे लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट है। मुझे भारत सरकार ने 2009 में 'पद्मश्री' और 2016 में 'पद्म भूषण' दिया, लेकिन लता जी के साथ मुझे जो इतना काम करने का मौका मिला वही मेरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है। मैं तो समझता हूं कि मुझे भारत रत्न मिल गया। लता जी के साथ कई बार स्टेज शेयर करने का मौका मिला।' लता दीदी ने स्टेज शो करने के लिए बुलाया तो रात भर सो नहीं पाया 'यह बात 1 दिसंबर, 1992 की है। लता जी ने लोगों से कहा कि इस शो में मुझे उदित नारायण चाहिए। मुझे जब खबर मिली कि लता दीदी ने इस तरह की बातें की हैं, तब खुशी के मारे रात भर सो नहीं पाया। सौभाग्य से 1 दिसंबर को मेरा जन्मदिन भी रहता है। जब गाने के लिए गया तो उन्होंने अनाउंसर हरीश भिमाणी जी से कहा कि स्टेज पर मुबारकबाद देने के बाद मेरी तरफ से उन्हें 'प्रिंस आफ प्लेबैक सिंगिंग' का टाइटल दे देना। इतना ही नहीं उन्होंने मुझे गोल्ड की एक चैन भी स्टेज पर भेंट की थी।' DDLJ की रिकॉर्डिंग के समय लता दीदी को देख नर्वस हो रहा था 'फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का गाना- मेहंदी लगा के रखना... गा रहा था तब तक स्टूडियो में मेरे सामने आकर लता दीदी बैठ गईं। उन्हें सामने देखकर मैं नर्वस हो रहा था। मैंने कहा- दीदी आप सामने बैठी रहेंगी तो मैं कैसे गा पाऊंगा। उन्होंने कहा- मैं तुम्हें ही सुनने के लिए यहां आई हूं। लेकिन उनके सामने गाना गा पाना मेरे लिए संभव नहीं था। फिर उन्होंने कहा आप कुछ भी कर लो, लेकिन आज मैं यहां बैठकर आपका गाना सुनूंगी।' 'खैर जब लगा कि मैं नर्वस हो जाऊंगा, तब वे मुझे जोक वगैरह सुनाने लगीं। बाद में यश चोपड़ा जी आए। उन्होंने खाना वगैरह मंगाया। हम सबने साथ में खाना खाया बाद में वे रिकॉर्डिंग रूम के पास चली गईं और कहा कि मैं यहां बैठकर आपका गाना सुनूंगी। फिर मैंने मेहंदी लगा के रखना... गाना गाया था।' भोली सी सूरत... गाने में लता जी का सिर्फ आलाप है 'उस जमाने में लता जी कई बार फिल्ममेकर से अपने साथ गाने के लिए मेरा नाम लेती थीं। भोली सी सूरत आंखों में मस्ती दूर खड़ी शर्माए... गाना माधुरी दीक्षित और शाहरुख खान पर फिल्माया गया है। यह मेरा सोलो गाना था, लेकिन इसमें लता जी सिर्फ आलाप दे रही हैं। दरअसल सिचुएशन ही ऐसी थी कि फिल्म में शाहरुख खान गाना गाते हैं और माधुरी दीक्षित बीच-बीच में आलाप करती हुई दिखाई देती है।' घर पर आईं तो कहने लगीं एक चाय और हो जाए 'वीर-जारा' के गाने जानम देख लो मिट गई दूरियां... में स्वर्गीय मदन मोहन जी का म्यूजिक था, जिसे मैंने गाया था। जब लता जी ने यह गाना सुना तो मुझे फोन करके कहने लगीं, आपको बहुत-बहुत बधाई हो। आपने मदन भैया का गाना बहुत अच्छा गाया है। उनसे तारीफ सुनकर मैं सोच में पड़ गया। फिर उन्होंने बताया मैं स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करने आई हूं। मैंने उनसे गुजारिश की कि आप मेरे घर के पास में ही हैं। घर पर आकर आपका आशीर्वाद मिल जाए तो खुद को सौभाग्यशाली समझूंगा। खैर पहले तो मना करने लगी, लेकिन 2 घंटे बाद देखा तो उनकी गाड़ी मेरे घर के सामने आकर खड़ी हो गई। दीदी घर पर आईं तो हम सबने मिलकर साथ में चाय पी और पोहे खाए। उस समय मेरे माताजी-पिताजी घर पर आए हुए थे, तब दीदी ने उनसे लगभग 4 घंटे तक बातें की। जाने का वक्त हुआ, तब कहने लगे कि दार्जिलिंग की एक चाय और हो जाए। खैर, उनका आशीर्वाद पाकर अभिभूत रहा। जाते वक्त उनके चरणों में अपना माथा रखकर आशीर्वाद लिया। मुझे 'दिल तो पागल है', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'वीर-जारा', 'सातवां आसमान', 'दुश्मन' समेत कई अन्य फिल्मों में उनके साथ गाने का सौभाग्य मिला।' (जैसा उदित नारायण ने उमेश कुमार उपाध्याय को बताया) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Udit Narayan said - When Lata Didi was called for a stage show for the first time, she could not sleep through the night, she was nervous to see him in front of DDLJ recording. https://ift.tt/343sfFd

सतीश मानशिंदे ने एनसीबी पर लगाए आरोप, कहा- क्षितिज के घर से सिर्फ सूखी सिगरेट का बट मिला, फिर भी उसे थर्ड डिग्री दी सतीश मानशिंदे ने एक बार फिर एनसीबी पर आरोप लगाए हैं। इस बार सतीश ने कहा है कि उनके क्लाइंट क्षितिज प्रसाद के घर से सिर्फ सूखी सिगरेट का बट मिला था, लेकिन फिर भी उन्हें थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया। सतीश ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बयान में करन जौहर, सोमन मिश्रा, राखी, अपूर्व, नीरज, राहिल के नाम शामिल करने कहा था। जिसे क्षितिज ने नकार दिया था। एनसीबी ने खारिज किए आरोप इसके पहले भी सतीश मानशिंदे रिया के केस में भी एनसीबी अधिकारियों पर आरोप लगा चुके हैं, कि रिया ने पूछताछ के दौरान किसी ए लिस्टर का नाम नहीं लिया था। एनसीबी के दावे झूठे हैं। हालांकि जब एनसीबी से इस बारे में पूछा गया तो एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'यही तो हर अपराधी कहता है, सतीश मानशिंदे को शुभकामनाएं'। 3 अक्टूबर पर कस्टडी में रहेंगे क्षितिज रकुल प्रीत सिंह ने भी पूछताछ के दौरान क्षितिज प्रसाद का नाम लिया था। एनसीबी ने क्षितिज से 24 घंटों तक पूछताछ की थी। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। क्षितिज 3 अक्टूबर तक एनसीबी की कस्टडी में रहेंगे। उन पर ड्रग्स रखने और उसकी सप्लाई करने का आरोप है। क्षितिज का कहना है कि उनका किसी ड्रग पैडलर से कोई कनेक्शन नहीं है उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sathish Manashinde accuses NCB, says - Kshitij's house got only butt of dry cigarette, still gave him hird degreet https://ift.tt/3jaBiu9

शादी के 12 दिनों बाद पूनम पांडे ने पति सैम पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा- 'मुझे बेरहमी से मारता है, मेरी वीडियो बेचकर पैसे कमाते हैं', बाद में कर ली सुलह अपनी बोल्ड वीडियोज के चलते सुर्खियों में रहने वाली पूनम पांडे ने 10 सितम्बर को अचानक शादी करके सबको हैरान कर दिया था। एक्ट्रेस पिछले दो सालों से सैम बॉम्बे के साथ लिव इन रिलेशन में थीं जिसके बाद दोनों ने शादी की है। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए गोवा गए थे जहां महज 12 दिनों के अंदर ही पूनम ने सैम के खिलाफ मारपीट करने शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद अब एक्ट्रेस ने खुलकर पति सैम पर उनकी वीडियो से पैसे कमाने और बेरहमी से मारने के आरोप लगाए हैं। पूनम ने हनीमून के दौरान ही कैनाकोना, गोवा में उनके खिलाफ मारपीट करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसपर बात करते हुए एक्ट्रेस ने स्पॉटब्वॉय से कहा कि सैम ने उन्हें होटल में बेहरमी से मारा था। वो इसकी शिकायत नहीं करवाना चाहती थीं मगर होटल के स्टाफ ने उनके चिल्लाने की आवाज सुनी। इसके बाद स्टाफ ने ही पुलिस को बुलाया था। चिल्लाने की आवाज सुनकर जब स्टाफ मेंबर कमरे में आए तो उनके चेहरे में सूजन थी और उनके शरीर में जख्म थे। ये देखकर बाद में उन्हीं लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई। मेरी वीडियो बेचकर पैसे कमाते हैं सैमः पूनम एक्ट्रेस ने इंटरव्यू के दौरान कहा, 'इस आदमी ने मेरी सारी तस्वीरें अपने सोशल मीडिया से हटा दी हैं जबकि मैंने ये सोचकर ऐसा कुछ नहीं किया कि सब ठीक हो जाएगा। वो हमेशा से ही ऐसा करते हैं। मुझे मैं मूर्ख लगती हूं जो अपने खिलाफ इसके दिए गए आर्टिकल पढ़कर भी साथ हूं कि मैं इसके जरिए पैसे कमाती हूं। सच्चाई तो ये है कि ये मेरी वीडियो बेचकर वो पैसे कमाता है। मैं ये सब उसके सामने कह रही हूं'। शिकायत वापस लेने के लिए गिड़गिड़ाए सैम एक्ट्रेस ने ई टाइम्स से बातचीत में बताया है कि शिकायत किए जाने के बाद सैम ने उनके सामने इसे वापस लेने की विनती की थी। वो बहुत रोए थे और सब ठीक करने की बात की। जिसके बाद दोनों के बीच रिश्ते सुधर चुके हैं। दोनों फिलहाल गोवा में ही हैं लेकिन जल्द ही वापस मुंबई आएंगे। सुलह होने के बाद सैम बॉम्बे ने पूनम के साथ शादी की तस्वीर भी शेयर की है। ## Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today After 12 days of marriage, Poonam Pandey accuses husband Sam of being vicious and says - 'he Beats me badly, earns money by selling my videos', later solved the matter https://ift.tt/33YhELA

बोरियत से परेशान होकर बढ़ी हुई दाढ़ी में बताया अपना हाल, 70 साल पुराना रफी का गाना गाते हुए बोले- बच्चा हो गया हूं दोस्तों बॉलीवुड के हीमैन धर्मेन्द्र का एक अजब सा रूप दिखाई दिया। ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि कल रात उन्हें एक अजीब से कैफियत थी। फिर उन्होंने मो. रफी का गाया एक गाना गाया, जिन रातों में नींद उड़ जाती है...। धर्मेन्द्र अक्सर एकदम रेडी मोड में ही फोटो या वीडियो बनाते हैं, लेकिन इस बार उनकी उम्र का असर उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था। पोस्ट में उन्होंने लिखा- ये गाना कॉलेज के दिनों में मेरा फेवरिट था। जी चाहा सुना दूं आप सब लोगों को भी, पसंद न आए तो डिलीट कर देना। इसके बाद उन्होंने एक और वीडियो शेयर किया जिसमें लिखा- बच्चा हो गया हूं दोस्तों। इस खिलौने से दिल बहल जाता है। फिर झिझक जाता हूं। अगर अच्छा न लगा .. इस वीडियो की खास बात यह थी कि धर्मेंद्र खुद गा भी रहे थे। ## 70 साल पुरानी फिल्म रात की रानी का गाना धर्मेन्द्र जो गाना सुन रहे हैं वह 1949 की फिल्म रात की रानी का है। इसका म्यूजिक हंसराज बहल ने तैयार किया था। आवाज मोहम्मद रफी की है। धर्मेंद्र ने बताया कि ये गाना उनका कॉलेज के दिनों में पसंदीदा हुआ करता था। फिल्म में मुनव्वर सुलताना, जगदीश सेठी, मदन पुरी और चमन पुरी लीड एक्टर थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dharmendra singing 70 years old movie Raat ki rani song in new videos and Said Bachcha ho gaya hoon doston https://ift.tt/344fYQQ

अजय देवगन ने बताया बेटी न्यासा को अपनी सबसे बड़ी कमजोरी, अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और शिल्पा समेत सितारों ने लिखा बेटियों के लिए भावुक नोट 27 सितम्बर को आज पूरी दुनिया में डॉटर्स डे मनाया जा रहा है। ये एक खास दिन दुनियाभर की बेटियों को समर्पित किया जाता है। कभी इमोशनल सपोर्ट देने वाली तो कभी सहारा बनने वाली बेटियों की मां-बाप के दिल में एक खास जगह होती है। ऐसे में इस स्पेशल मौके पर बॉलीवुड के सितारों ने भी बेटियों के लिए कुछ खास लिखा है। आइए देखते हैं सेलेब्स के डॉटर्स डे पर पोस्ट… अजय देवगन की कमजोरी हैं बेटी न्यासा अजय देवगन ने अपनी बेटी न्यासा की तस्वीर शेयर करते हुए ट्विटर पर डॉटर्स डे की बधाई दी है। एक्टर लिखते हैं, 'मेरी बेटी, न्यासा बहुत कुछ है। मेरी सबसे अच्छी क्रिटिक, मेरी सबसे बड़ी कमजोरी और ताकत भी। वो मेरे और काजोल के लिए यंग एडल्ट है। वो हमेशा हमारी बेबी गर्ल ही रहेगी'। अक्षय कुमार की बेटी नितारा हैं परफेक्ट की परिभाषा बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय हमेशा से ही अपनी नन्ही परी नितारा के बेहद करीब रहे हैं। डॉटर्स डे के इस खास मौके पर उन्होंने बेटी के साथ खूबसूरत तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'तुम परफेक्ट की एक परिभाषा हो। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं यहां तक कि मून एंड बैक से भी ज्यादा। हैप्पी डॉटर्स डे मेरी बेबी गर्ल'। ## शिल्पा ने बेटी समीशा को बताया चमत्कार एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी सरोगेसी से जरिए बेटी की मां बनी हैं। डॉटर्स डे में अपनी बेटी के लिए एक्ट्रेस ने लिखा, 'किसने कहा कि चमत्कार नहीं होते, अब मैं एक चमत्कार को अपने हाथों में पकड़ा हुआ हूं। जिंदगी एक चमत्कार है, है ना। डॉटर्स डे पर अपनी बेटी समीशा को पकड़े हुए मैं एक खुशी को सेलिब्रेट कर रही हूं। मुझे वाकई किसी खास दिन की जरूरत नहीं है इसके लिए। इस दुनिया और भगवान को पर्याप्त शुक्रिया नहीं कर सकती हमारी दुआ कबूल करने के लिए, खासकर विआन की। बहुत खूबसूरती से। हम हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे। आज अपनी बेटी को जोर से गले मिलना मत भूलना'। ## बिग बी ने शेयर की खूबसूरत पलों की तस्वीर अमिताभ बच्चन अपने बच्चों से बेहद करीब हैं। बिग बी ने इस खास मौके पर अपनी बेटी श्वेता नंदा की कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। तस्वीरों के साथ बिग बी ने बधाई देते हुए लिखा, 'हैप्पी डॉटर्स डे, हर दिन समर्पित बेटी को'। ## अपनी आंखों की चमक मत खोना- सोहा अली खान सोहा ने डॉटर्स डे पर अपनी नन्ही बेटी इनाया की क्यूट तस्वीर शेयर की है। इसके साथ एक्ट्रेस लिखती हैं, 'तुम अपनी आंखों की चमक कभी मत खोना, जो तुम्हारे हर कदम में छलकती हैं, या मेरी पसंदीदा लिपस्टिक जो तुमने अपने जेब में छिपाई है'। ## शब्द कम पड़ गए- नेहा धूपिया नेहा धूपिया अपनी बेटी मेहर के लिए आए दिन प्यार भरे पोस्ट लिखती हैं मगर आज डॉटर्स डे पर उनके पास शब्दों की कमी हो गई। एक्ट्रेस ने मेहर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'शब्द कम पड़ गए हैं… हैप्पी डॉटर्स डे आज और हर दिन मेरी छोटी चैटर बॉक्स'। ## Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today happy daughter's day: Ajay Devgan shares that daughter Nyasa is his biggest weakness, stars including Amitabh Bachchan, Akshay Kumar and Shilpa shetty wrote emotional notes for daughters https://ift.tt/36o8JWP

सुशांत पर ड्रग्स लेने के आरोप पर दोस्त युवराज ने कहा- वे अपना ठीकरा उन पर फोड़ रही हैं, यह क्या मजाक चल रहा है? सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त युवराज एस. सिंह ने सारा अली खान और श्रद्धा कपूर को उनके उस बयान पर फटकार लगाई है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत अभिनेता ड्रग्स लेते थे। ड्रग्स केस में नाम आने के बाद सारा और श्रद्धा शनिवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सामने पेश हुई थीं। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्होंने फिल्म के सेट पर और वैनिटी वैन में सुशांत को ड्रग्स लेते देखा था। युवराज बोले- वे अपना ठीकरा उन पर फोड़ रहीं टाइम्स नाउ से बातचीत में युवराज ने कहा, "जाहिर तौर पर वे (सारा और श्रद्धा) उन पर बहुत ज्यादा ड्रग्स लेने का आरोप लगा रही हैं, जैसे कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। वे अपना ठीकरा उनके ऊपर फोड़ रही हैं। यह क्या मजाक चल रहा है?" जब युवराज से पूछा गया कि आखिर क्यों सारा और श्रद्धा ऐसा करेंगी तो उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, "क्योंकि वे एनडीपीएस एक्टर की गंभीरता को जानती हैं। शायद इसलिए।" इससे पहले युवराज एक इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि सुशांत ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उनका मर्डर हुआ है। उनके मुताबिक, अभिनेता के शरीर पर नजर आ रहे निशान खुदकुशी के नहीं लगते। इसलिए उन्हें लगता है कि उनके साथ कुछ तो गलत हुआ है। सारा ने एनसीबी को क्या बताया? रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीबी की पूछताछ में सारा अली खान ने बताया कि केदारनाथ की शूटिंग के दौरान सुशांत ड्रग्स लेते थे। उनकी मानें तो वे सुशांत के साथ उनकी पार्टियों में जाती थीं। लेकिन, उन्होंने खुद कभी ड्रग्स नहीं लिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ कि सुशांत ने केदारनाथ की शूटिंग के दौरान ही ड्रग्स लेनी शुरू की थी या फिर वे पहले से इसे कंज्यूम कर रहे थे। श्रद्धा कपूर ने क्या बताया? एनसीबी की पूछताछ में श्रद्धा कपूर ने बताया कि फिल्म 'छिछोरे' की शूटिंग के दौरान उन्होंने सुशांत को वैनिटी वैन में ड्रग्स लेते देखा था। श्रद्धा ने यह भी कहा कि वे फिल्म की सक्सेस पार्टी के लिए पावना लेक के किनारे स्थित सुशांत के फार्महाउस पर गई थीं। इस पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि, श्रद्धा ने खुद ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today युवराज एस. सिंह सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी की थ्योरी को भी नकार चुके हैं। https://ift.tt/341XJeJ

बेटी ड्रग केस में उलझी, पिता शक्ति कपूर सुशांत पर बन रही फिल्म न्याय में निभाएंगे एनसीबी ऑफिसर का रोल विवादित मुद्दों फिल्म इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई करती हैं। इसलिए सुशांत केस पर बन रही फिल्म न्याय अभी से सुर्खियों में है। इस फिल्म में अब एक और बड़ा नाम जुड़ गया है शक्ति कपूर का। वे फिल्म में एनसीबी ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे। हालांकि उनकी अपनी बेटी श्रद्धा कपूर ड्रग्स केस में उलझी है। ये है फिल्म की स्टार कास्ट आईएएनस की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के लीड एक्टर यानी सुशांत का रोल निभाने जा रहे जुबैर के खान ने इस बात को कन्फर्म किया है। सरला सरावगी के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म में अमन वर्मा ईडी ऑफिसर का रोल निभाते नजर आएंगे। सुधा चंद्रन सीबीआई ऑफिसर बनेंगी, जबकि श्रेया शुक्ला रिया चक्रवर्ती के रोल में होंगी। वकील की डायरी से बनी फिल्म की स्क्रिप्ट फिल्म का मुहूर्त 1 सितंबर को था, और शूटिंग 2 सितंबर से शुरू कर दी गई है। ये फिल्म मुंबई के मड आईलैंड में शूट की जा रही है। न्याय का डायरेक्शन दिलीप गुलाटी कर रहे हैं। इस फिल्म की स्क्रिप्ट सुशांत की मैनेजर रहीं श्रुति मोदी के वकील अशोक सरावगी की डायरी से तैयार की गई है। फिल्म में अंकिता लोखंडे, सारा खान, सुशांत के परिवार वालों का हिस्सा भी नजर आएगा। हां, कुछ झलक ऑडियंस को ऐसी भी देखने मिलेंगी जो अब तक मीडिया में नहीं आई हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Shakti Kapoor will play role of NCB officer in the film Nyay the Justice based on Sushant singh rajput https://ift.tt/2GeOhwa

भारतीय महिला के बदलते चेहरे को प्रतिबिम्बित करतीं शबाना आजमी, उनके चरित्र हर फिल्म में नई चुनौतियों का सामना करते हैं बीती 18 सितंबर को अभिनेत्री, सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व राज्यसभा सदस्य (मनोनीत) शबाना आजमी ने अपने 70 वसंत पूरे कर लिए। यह बड़े गर्व की बात है कि अपनी जिंदगी के सात दशक में से 46 साल उन्होंने सिनेमा को समर्पित किए हैं। फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने कभी कहा था कि जब भी हम भारतीय सिनेमा के अध्याय पलटेंगे, शबाना आजमी उसके टर्निंग पाइंट्स पर नजर आएंगी। शबाना परदे पर भारतीय महिला के बदलते चेहरे को प्रतिबिम्बित करती हैं, न केवल आधुनिक, कामकाजी महिला के तौर पर, बल्कि एक गृहिणी के रूप में भी। पुराने दिनों में जहां हीरोइन सीता होती थी या शूर्पणखा, लेकिन शबाना ने अपने चरित्रों को ग्रे-शेड्स से लेकर यथार्थवादी अर्धांगिनी के विविध रूपों में मिश्रित कर दिया जो परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देते। शबाना ने श्याम बेनेगल की ‘अंकुर’ से एक ग्रामीण महिला के रूप में अपने फिल्मी करिअर का आगाज किया था। लेकिन उन्होंने शुरुआत से ही कई तरह के सिनेमा में काम किया। अगर ‘अंकुर’ के कारण उन्हें ‘निशांत’ और ‘कनेश्वर राम’ जैसी कला फिल्में मिलीं तो कांतिलाल राठोड़ की ‘परिणय’ ने ‘कादम्बरी’ जैसे मध्यमार्गीय सिनेमा के लिए उनकी राह प्रशस्त की। शशि कपूर ‘फकीरा’ मूवी में शबाना आजमी के पहले मुख्यधारा के हीरो थे। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्हें ‘अमर अकबर एंथोनी’ और ‘परवरिश’ जैसी कमर्शियल फिल्में मिलने लगीं। सरोकारों के समाधान की तलाश लगातार जारी रही और संदेश देने के लिए उनके फिल्म निर्माता उन पर ही भरोसा करते रहे। इसलिए अगर ‘निशांत’ में एक स्कूल शिक्षक की पत्नी सुशीला पीड़ित है, तो ‘शक’ में मीना जोशी अपने पति को सच बोलने के लिए कहती है। ‘स्वामी’ में सौदामनी अपने प्रिय को पाने की तमन्ना रखती है तो ‘जुनून’ में फिरदौस हमेशा कुछ न कुछ नुक्ताचीनी करती रहती है। ‘थोड़ी-सी बेवफाई’ में शबाना अपने पति की गलती के लिए माफ नहीं करतीं और ‘अर्थ’ में धोखेबाज पति के साथ फिर से दुनिया बसाने से इनकार कर देती हैं। ‘अर्थ’ फिल्म के आखिरी दृश्य में जब इंदर (कुलभूषण खरबंदा) अपने किए की माफी मांगते हुए घर लौटने की इच्छा जताता है तो पूजा (शबाना) एक ही सवाल पूछती है : जो काम तुमने किया है, अगर वही काम मैं करती और फिर वापस लौटना चाहती तो क्या तुम मुझे स्वीकार कर लेते? इंदर इनकार में सिर हिलाता है। तब पूजा कहती है - यही जवाब मेरा भी है। भावना सोमाया, जानी-मानी फिल्म लेखिका, समीक्षक और इतिहासकार ‘मासूम’ में कोई महिला नहीं, बल्कि एक बच्चा उसकी हंसती-खेलती दुनिया के लिए खतरा बन जाता है। फिल्म की शुरुआत में इंदु (शबाना) का बर्ताव उस बच्चे (जुगल हंसराज) के प्रति काफी कठोर होता है। लेकिन निर्देशक शेखर कपूर यह दिखाने में कामयाब रहते हैं कि बच्चे के प्रति दुराव दरअसल उसके पति के प्रति गुस्से की अभिव्यक्ति है। शबाना के चरित्र हर फिल्म में नई चुनौतियों का सामना करते हैं। ‘जीना यहां में’ एक जोड़ा शहर में जीने के लिए संघर्ष करता है तो ‘यह कैसा इंसाफ’ में वह अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाती हैं। ‘कमला’ मूवी एक खोजी पत्रकार की उस असल कहानी पर आधारित थी जो अपनी खबर के प्रमाण स्वरूप एक आदिवासी लड़की को खरीदता है। इस मूवी में वह अपने पति के दुस्साहस पर नाराज होती है। ‘एक डॉक्टर की मौत’ में वैक्सीन की खोज करने वाले अपने डॉक्टर पति के प्रति सीमा बहुत सहयोगी होती है, लेकिन वहीं पति के अपने काम में ही तल्लीन रहने पर वह गुस्सा भी दिखाती है। शबाना की कई फिल्मों में संदेश उनके चरित्रों से भी बड़े थे। उदाहरण के लिए नसीर के साथ ‘पार’ और ओम पुरी के साथ ‘सुष्मान’ मूवीज को ले सकते हैं। ‘फायर’ मूवी पसंद, ‘मॉर्निंग राग’ संगीत और ‘नीरजा’ अपने प्रिय के खोने पर आधारित थी। शादीशुदा जिंदगी के अलावा भी शबाना ने कई दमदार भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन इनके बारे में फिर कभी बात करेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अपनी पहली मूवी ‘अंकुर’ के एक दृश्य में शबाना आजमी। https://ift.tt/2S0ckSr