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किसी ने मां को शिक्षक कहा तो किसी ने कोविड महामारी को, टीवी सेलेब्स ने बताया उन्होंने किससे समझा जीवन का असली मतलब एक शिक्षक को स्कूल या कॉलेज में पढ़ाने के लिए ही जाना नहीं जाता। एक शिक्षक वो व्यक्ति भी हो सकता हैं जो आपको जीवन का अर्थ सिखाए या जिसने आपको प्रेरित किया हो और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया। 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के मौके पर कई फेमस टीवी सेलेब्स ने अपने शिक्षक और गुरुओं के बारे में बताया। रिशिना कंधारी: मेरे लिए हर दूसरा व्यक्ति 'द्रोणाचार्य' है रिशिना कंधारी ने कहा, 'जो लोग मुझे जीवन का पाठ पढ़ाते हैं, वे सभी एक तरह से मेरे गुरु हैं। आज मैं जो कुछ भी हूं या अपने जीवन में मैंने जो भी दर्जा प्राप्त किया है, वे सभी अलग-अलग प्रकार के लोगों से मिली जीवन की सीख के कारण हैं। मैं अपने आप को 'एकलव्य' कहती हूं और मेरे लिए हर दूसरा व्यक्ति 'द्रोणाचार्य' है। वर्तमान में मैं एक शो कर रही हूं जिसके लिए मुझे शो में राजस्थानी मारवाड़ी भाषा बोलनी है। मेरे निर्देशक धर्मेंद्र शर्मा और को-स्टार नीलू वाघेला मुझे ये भाषा सिखने में काफी मदद कर रहे हैं इसलिए वे सेट पर मेरे गुरु हैं।' शशांक व्यास। शशांक व्यास: मेरी मां सबसे बड़ी शिक्षक है शशांक व्यास ने कहा, 'मेरे जीवन में हर शिक्षक ने शानदार भूमिका निभाई है, लेकिन मां ही मेरी सबसे बड़ी शिक्षक है। वो आपको चलना सिखाती है और आपके साथ-साथ चलती भी है। उसने मुझे सिखाया कि लोगों को कैसे समझना है। वो कभी अपने बच्चों के बीच भेदभाव नहीं करती है, जबकि स्कूल में शिक्षक बच्चों के बीच भेदभाव करते हैं। एक बार एक शिक्षक ने मेरे पिता से कहा कि आपके बेटे की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है, जीवन में कोई लक्ष्य नहीं है, क्योंकि मुझे परीक्षा में बहुत कम अंक मिले थे। मुझे लगता है कि शिक्षकों को उन छात्रों पर अधिक ध्यान और गर्मजोशी दिखानी चाहिए जो पढ़ाई में कमजोर हैं, इससे उन्हें अधिक मदद मिलेगी। संख्या के बजाय, उन्हें बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि विफलता से कैसे निपटना है। इसे पढ़ाया जाना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।' करण पटेल। करण पटेल: मेरा जीवन ही सबसे बड़ा शिक्षक हैं करण पटेल ने कहा, 'हर व्यक्ति या स्थिति इंसान को कुछ-ना-कुछ जरूर सिखाती है और मैं हमेशा एक छात्र हूं जो हमेशा अच्छा या बुरा सबक सीखने के लिए तैयार रहता है। मेरे लिए कभी भी एक व्यक्ति या स्थिति मेरा गुरु या शिक्षक नहीं बन सकती, मेरे लिए मेरा जीवन ही सबसे बड़ा शिक्षक है। वही मुझे सबकुछ सिखाता है। मेरे नजरिये में जीवन से बढ़कर कोई आपको सीखा नहीं पाता।' पूजा बनर्जी। पूजा बनर्जी: मैं खुद अपनी शिक्षक और गुरु हूं पूजा बनर्जी बोलीं 'मैंने अपने अनुभवों से एक्टिंग को चुना और खुद को कैमरे में परफॉर्म करते हुए देखा। मेरा अभिनय करियर स्टार प्लस से शुरू हुआ, यह मेरे लिए सीखने का एक बड़ा मंच था क्योंकि उस वक्त मैं एक अभिनेत्री नहीं थी और मुझे सिखाने वाला कोई नहीं था। मेरे पहले शो के लिए हर दिन शूटिंग करना मेरे लिए सीखने का अनुभव बन गया। समय और धैर्य ने मुझे सिखाया कि दिन खत्म होने तक बेहतर प्रदर्शन कैसे किया जाए। इसीलिए अभिनय के मामले में मैं खुद अपनी शिक्षक और गुरु हूं।' आमिर अली। आमिर अली: कोविड महामारी ने बहुत कुछ सिखाया आमिर अली बोले 'कोविद महामारी ने पिछले कुछ महीनों में हमें यह सिखाया कि आप जैसे हो वैसे खुद को अपनाओ, दिखावटी दुनिया अब ज्यादा वक्त तक नहीं टिक पाएगी। सालों से हम समय की कमी के बारे में शिकायत करते रहे हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों ने बहुत कुछ सिखाया। परिवार का समय आज हमारा मंत्र है, अपने परिवार को फिट रखें, योग करें, खेल खेलें, साथ में फिल्में देखें, साथ में हंसें और हर उस क्षण की सराहना करें, जो आपको खुश रख सकता है। मेरे लिए ये कोविद महामारी शिक्षक बनकर आई जिसने मुझे जिंदगी में बहुत कुछ सिखाया।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Someone called mother a teacher and someone told Kovid epidemic, TV celebs told whom they knew the real meaning of life Rishina Kandhari, Shashank Vyas, Karan Patel, Puja Banerjee, Aamir Ali Teachers day Celebration https://ift.tt/3lTIzAg

बाकी टीचर्स तो सिर्फ मार्क्‍स लाने पर जोर देते थे, रूमा मुखर्जी मैम ने सपनों का पीछा करने पर जोर दिया शिक्षक दिवस के मौके पर 'गली ब्वॉय' फेम अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी ने अपनी फेवरेट टीचर से जुड़ी बातें दैनिक भास्कर के साथ शेयर कीं। उन्होंने बताया, 'मेरी सबसे फेवरेट स्‍कूल टीचर रूमा मुखर्जी थीं। वो इंग्लिश पढ़ाती थीं। मुझे वो सब्‍जेक्‍ट पसंद भी था। मुझे पोएट्री में मजा आता था।' सिद्धांत ने कहा, 'रूमा मैम की वजह से इंग्लिश लिटरेचर में मेरी दिलचस्‍पी गहरी हुई। पता भी चला कि मुझे स्‍टोरी टेलिंग में आगे बढ़ना चाहिए। रूमा मैम बड़ी सपोर्टिव थीं। उन्‍होंने मुझे मोनोलॉग्‍स सिखाए। मर्चेंट ऑफ वेनिस, जूलियस सीजर जैसे प्‍लेज में एक्टिवली पार्टिसिपेट करवाया। बाकी सब लोग तो डायलॉग रट्टा मारते थे। मगर मुझे वो परफॉर्म करने पर जोर दिलवाया करती थीं।' 'वो ही मुझे मोटिवेट करती थीं' 'मैं बड़ा शर्मीला था। पर वो एनुअल डेज पर मुझे पुश करती थीं कि जाऊं और डांस करूं। उन्‍होंने मेरी झिझक तोड़ी। वो मुझे मोटिवेट करती रहीं। रूमा मैम तो अब कोलकाता मूव हो चुकी हैं। कभी कभार मैं उनसे चैट कर लेता हूं। फिल्‍म देखने के बाद उन्‍होंने मुझे मैसेज करके बताया था कि वो जानती थीं कि मैं एक दिन इस फील्‍ड में जरूर अच्‍छा करूंगा।' 'वे बाकी टीचर्स से बिल्कुल अलग थीं' सिद्धांत के मुताबिक, 'उन्‍होंने मुझे अपने पैशन को फॉलो करना सिखाया। वो पहली पर्सन थीं, जिन्‍होंने मुझसे कहा कि मुझे एक्‍सप्रेस करना आता है। बाकी टीचर्स तो सिर्फ मार्क्‍स लाने पर जोर देते थे, मगर वे हमेशा हम सबसे अपने सपनों को साकार करने पर जोर लगाने को कहती थीं।' 'रजनी मैम पढ़ाती थीं हिंदी' आगे उन्होंने कहा, 'हिंदी टीचर्स से जरूर डांट वांट पड़ती थी। मैं हिंदी बोल बहुत अच्‍छा लेता था, पर लिखने में मात्राओं की गलती करता था। रजनी मैम थी हमारी। उन्‍होंने मुझे लिखने पर जोर देने को कहा था। बहुत देर से पता चली, जब आठवीं-नौंवी में था, जब डांसिंग से कॉन्फिडेंस आया। मेरे कर्ली बाल थे। पीटी सर से कई बार डांट खाई। तब से ही छोटे बाल रखने लगा।' 'स्कूल के दिनों में शरीफ बच्चा था' 'स्‍कूल के दिनों में चुपचाप सा रहता था। शरीफ बच्‍चा था। कहते थे कि इंग्लिश अच्‍छी लिख लेता हूं। हिंदी में एक्‍सप्रेशन सही था। बाकी पेरेंट्स तो टीचर होते हैं। टीचर या टीचिंग सिर्फ स्‍कूल-कॉलेज तक सीमित नहीं होते। पेरेंट्स ने यही सिखाया कि जो कोई सिखाए उनके चरणस्‍पर्श करो।' 'चाहे जितने दिन इंडस्‍ट्री में हो जाए, मगर अपने सीनियर्स की इज्‍जत कभी कम मत होने देना। तो इस तरह से रितेश सिधवानी, फरहान, जोया, रणवीर सब टीचर हैं। मेरे थिएटर वाले सीनियर टीचर हैं। एमसी शेर टीचर है।' (जैसा अमित कर्ण से शेयर किया) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The rest of the teachers insisted on bringing only Marx, Ruma Mukherjee Mam insisted on chasing dreams. https://ift.tt/3lSjvKc

एक्ट्रेस अलाया एफ बोलीं- एक्टिंग कोच रितेश कांत, डांस गुरू डिंपल कोटेचा और उत्‍कर्ष चतुर्वेर्दी की शुक्रगुजार हूं, उन्‍हें सलाम है फिल्म 'जवानी जानेमन' में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस अलाया एफ ने शिक्षक दिवस के मौके पर दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने फेवरेट टीचर्स के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'मैं अब्रॉड से पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई लौटी थी। यहां हर उस टीचर को सलाम है, जिन्‍होंने मुझे बेहतर परफॉर्मर बनने में मदद की। खासकर रितेश कांत जो मेरे एक्टिंग के ट्रेनर रहे।' अलाया ने आगे कहा, 'डिंपल कोटेचा और उत्‍कर्ष चतुर्वेदी ने मुझे डांस की ट्रेनिंग दी। इन सबसे मैंने यही सीखा कि अगर आप वाकई दिल से कुछ करना चाहते हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं। खूब मेहनत करें। ढेर सारी प्रैक्टिस बार-बार करें। क्‍लास बंक ना करें। पॉजिटिव रहें।' अलाया ने बताया, 'हमारी क्‍लासेज वीक में तीन दिन के लिए डिजाइन रहते थे, पर मैं सातों दिन क्‍लास करती थीं। उन लोगों ने मुझमें इतना बिलीव किया कि मुझ पर मोरल रेस्पॉसिबिलिटी ही आ गई थी कि मुझे रिजल्‍ट देना ही है।' 'मेरी जो थोड़ी बहुत आलोचना होती थी, वो इसलिए होती थी कि मैं जरा जिद्दी हूं। अपने काम से संतुष्‍ट नहीं होती तो उसे बार-बार करती रह जाती हूं, भले ही सामने वाला संतुष्‍ट रहे तो भी। अभी भी मुझे बहुत कुछ सीखना है। लंबा रास्‍ता तय करना है मंजिल तक पहुंचने में।' 'पेरेंट्स ने भी यही सिखाया है कि अपने सपनों को फॉलो करो। मेरे पास वंडरफुल ग्रुप है लोगों का, जो मुझे लगातर गाइड कर रहे हैं। कभी-कभी तो लगता है कि टीचर पेरेंट्स से हो गए हैं।' (जैसा अमित कर्ण से शेयर किया) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Actress alaya furniturewala thanks her Acting Coach Ritesh Kant, Dance Guru Dimple Kotecha and Utkarsh Chaturvedi on Teachers Day https://ift.tt/3lTtgYw

मानुषी छिल्‍लर बोलीं- मिस इंडिया जीतने के बाद मैं अपनी सबसे फेवरेट टीचर से जाकर मिली थी, मैं आज भी उन्‍हें बहुत मिस करती हूं शिक्षक दिवस के मौके पर पूर्व मिस इंडिया और एक्ट्रेस मानुषी छिल्लर ने अपनी फेवरेट टीचर और उनसे जुड़ी बातें दैनिक भास्कर के साथ शेयर की हैं। उन्होंने कहा, 'स्कूल से मेरी सबसे खास टीचर सुश्री बोस थीं। वो हमें जूनियर स्कूल में भारतीय नृत्य और संगीत सिखाती थीं।' मानुषी ने आगे बताया, 'तब मैं सात साल की थी, जब हमारा परिवार दिल्‍ली शिफ्ट हुआ था। सुश्री बोस ने ही वहां मुझ में स्‍टेज के लिए प्‍यार जगाया था। बहुत कम उम्र से वो मुझे अपने कार्यक्रमों में ले जाती थी। वे सबसे सख्त शिक्षकों में से एक थीं। वो काफी अनुशासन पसंद करती थीं और उनकी सख्‍ती ने ही मुझमें अनुशासन का संचार किया। उन्होंने ही किसी भी चीज पर जमकर अभ्‍यास करना सिखाया। सेल्‍फ डिसिप्‍लीन मुझमें आया। मानुषी ने कहा, 'धीरे-धीरे मैं बड़ी होती गई और सीनियर स्कूल के लिए आगे बढ़ती गई। मुझे याद है कि मैं अपने वार्षिक दिवस के दौरान साल में एक बार उनसे मिलती थी और वो जूनियर स्कूल की लड़कियों के अपने दस्ते के साथ सीनियर स्कूल में आती थी। मैं हमेशा उनके पांव छूती हूं (और आज तक जब भी मुझे उनसे मिलने का मौका मिलता है) तो वो मुझे अपना नमस्कार पूरा नहीं करने देतीं और मुझे गले से लगा लेती हैं। 'मैं सुश्री बोस के साथ एक बहुत ही विशेष बंधन साझा करती हूं और वो मेरी सबसे खास टीचर्स में से एक हैं। मुझे याद है कि जब हम 12वीं में पढ़ रहे थे, तो हमारा कैंडल लाइट समारोह था और सभी लोग काफी भावुक थे। एकमात्र शिक्षक जिसके बारे में मैं सोचती रही, वो वे ही थीं, क्योंकि उन्‍होंने मुझे बड़े होते देखा था और हमेशा प्रोत्साहित किया और मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पुश किया।' 'मैंने उन्‍हें गले लगाया और मुझे लगता है कि हम दोनों खूब रोते रहे। हम दोनों को पता था कि हम एक-दूसरे के साथ काम करना मिस करने वाले हैं। मिस इंडिया जीतने के बाद मैं उनसे दोबारा मिली और मैं अब भी उन्हें मिस कर रहा हूं। वह एक शिक्षिका थी, जो मेरे जीवन में सबसे सख्त रही हैं, लेकिन साथ ही वह सबसे प्यारी भी रही है और मुझे बहुत प्यार दिया और अपने बच्चे की तरह मेरा ख्याल रखा।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अपनी फेवरेट टीचर सुश्री बोस के साथ मानुषी छिल्लर। https://ift.tt/3buefYd

अभिनेता के पूर्व अकाउंटेंट ने ईडी को बताया- श्रुति मोदी सुशांत को बैंक स्टेटमेंट नहीं दिखाती थीं, मामला सुलझाने के लिए रिया चक्रवर्ती को बुला लेती थीं सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों के हवाले से नया दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि अभिनेता की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी उन्हें बैंक स्टेटमेंट नहीं दिखाती थीं। रिपोर्ट्स की मानें तो जांच एजेंसी को यह जानकारी सुशांत के पूर्व अकाउंटेंट रजत मेवाती ने दी, जिनसे हाल ही में पूछताछ की गई थी। मेवाती ने बताया कि मार्च में जब सुशांत ने श्रुति से बैंक स्टेटमेंट दिखाने को कहा था, तब उन्होंने वे नहीं दिखाए थे। यहां तक कि श्रुति कभी भी अभिनेता को बैंक स्टेटमेंट नहीं दिखाती थीं। बल्कि मामला सुलझाने के लिए वे रिया चक्रवर्ती को बुला लेती थीं। सुशांत बैंक में नंबर बदलवाना चाहते थे टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत और बैंक मैनेजर के बीच हुई वॉट्सऐप उनके हाथ लगी है। यह चैट 21 मई की है। इसमें सुशांत ने लिखा था- 'हाय हर्ष (बैंक मैनेजर)। इस ओर सुशांत सिंह राजपूत है। जब भी संभव हो, प्लीज कॉल कीजिए।' इसके बाद संभवतः दोनों की फोन पर बात हुई होगी। क्योंकि हर्ष ने सुशांत से साइन करने की बात कही थी। उन्होंने लिखा था- हाय। मुझे फॉर्म पर आपके सिग्नेचर की जरूरत है। मैं किस मेल आईडी पर फॉर्म भेजूं?" यह क्लियर नहीं नहीं है कि सुशांत के सिग्नेचर किस फॉर्म पर चाहिए थे। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे बैंक खातों में अपना नंबर बदलवाना चाहते थे। ईडी मामले में लगातार लोगों से पूछताछ कर रही है। इधर, सैमुअल ने मानी ड्रग्स खरीदने की बात इधर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की पूछताछ में सैमुअल मिरांडा ने ड्रग्स खरीदने की बात स्वीकार की है। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने यह माना है कि वे सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स खरीदते थे। हालांकि, रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक ने उन पर लगे तमाम आरोपों को नकार दिया है। शोविक ने पूछताछ में कहा कि उन्होंने कभी ड्रग्स नहीं खरीदा। साथ ही इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। एनसीबी यह जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है कि सैमुअल किसके इशारे पर सुशांत के लिए ड्रग्स खरीद रहा था। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा के घर छापा मारा था और शोविक और मिरांडा को हिरासत में ले लिया था। जैद ने मानी शोविक से कनेक्शन की बात पिछले दिनों अरेस्ट हुए ड्रग पैडलर जैद विलात्रा ने एनसीबी की पूछताछ में यह माना है कि उसने सैमुअल मिरांडा को ड्रग सप्लाई किया था। विलात्रा के मुताबिक, शोविक ने उसे पैसा कैश में दिया था। शोविक से लगातार पूछताछ जारी है। हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो उन्हें फिलहाल अरेस्ट नहीं किया जाएगा। पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया जाएगा। सुशांत केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं... 1. सुशांत की साइकोथेरेपिस्ट का बयान वायरल:डॉ. सुजैन वॉकर ने कहा- सुशांत को यकीन होने लगा था कि वे अब ठीक नहीं हो सकते, वे अपनी बीमारी को लेकर लापरवाह थे 2 .360 डिग्री घूमा सुशांत डेथ केस:खुदकुशी की थ्योरी से शुरू हुआ मामला अब फिर वहीं पहुंचा, लेकिन एक अभिनेता की मौत बॉलीवुड को ड्रग्स मुक्त कराने का अभियान बन गई 3 .सुशांत सुसाइड मामला:कुछ चैनल्स पर चल रहे 'मीडिया ट्रायल' के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी, पक्षपातपूर्ण और झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सुशांत सिंह राजपूत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा ने एनसीबी की पूछताछ में माना है कि वे अभिनेता के लिए ड्रग्स खरीदते थे। https://ift.tt/31Vd9Se

'ए थर्सडे' में दिखाई देगा यामी गौतम का ग्रे-शेड कैरेक्टर, 'उरी' देखकर मेकर्स ने उन्हें इस रोल के लिए फाइनल किया यामी गौतम को पिछले दो दिनों में बैक टू बैक दो फिल्‍में मिली हैं। एक ‘भूत पुलिस’ और दूसरी ‘ए थर्सडे’। ‘भूत पुलिस’ तो सिनेमाघरों के लिए बन रही है। ‘ए थर्सडे’ डायरेक्‍ट टू ओटीटी के लिए बन रही है। इस फिल्‍म में यामी का ग्रे शेड दिखाई देगा। फिल्‍म के डायरेक्‍टर बेहजाद खंबाटा और अन्य लोगों ने दैनिक भास्‍कर के साथ फिल्‍म से जुड़ी खास जानकारियां शेयर की हैं। बेहजाद ने कहा, 'यह फिल्‍म सिनेमाघरों के लिए नहीं, बल्कि ओटीटी के लिए बन रही है। जिस तरह एपलॉज एंटरटेनमेंट ने वेब शोज बनाकर पहले बैंक कर लिए थे और फिर ओटीटी वालों को बेचे, यह तकरीबन उस फॉर्मेट का होगा। इसकी शूटिंग जनवरी से शुरू होगी। फिल्‍म का बैकग्राउंड मुंबई ही रहेगा।' यामी को ध्‍यान में लिखा गया रोल बेहजाद ने आगे बताया, ‘हमारी फिल्‍म में लीड रोल में यामी गौतम हैं। इसमें उनका ग्रे शेड रोल है। अब तक के करियर में उन्‍हें ज्‍यादातर लोगों ने लव बर्ड्स वाले रोल दिए हैं। वो ग्‍लैमरस अवतार में दिखती रही हैं। पर जब मैंने उन्‍हें ‘उरी’ में रॉ ऑफिसर के तौर पर आतंकी को ग्रिल करते देखा तो अपनी फिल्‍म की मेन लीड का कैरेक्‍टर क्रिएशन उन्‍हें ध्‍यान में रखकर किया। इसमें वो एक प्‍ले स्कूल टीचर नैना का रोल प्‍ले कर रही हैं। अचानक एक दिन 16 बच्‍चों को बंधक बना लेती हैं। वो ऐसा क्‍यों करती है, उसके पीछे अहम वजह है, जो बाद में पता चलती हैं। ‘उरी’ भी रॉनी स्‍क्रूवाला की फिल्‍म थी।' नीरज पांडे की ‘ए वेडनसडे’ से कोई नाता नहीं यामी वाली इस फिल्‍म का टाइटल रॉनी स्‍क्रूवाला के जहन में आया था। उन्‍होंने कहा कि यह भी एक थ्रिलर फिल्‍म है। इसका सुर भी उस तरह का हो सकता है। ‘ए वेडनसडे’ भी उन्‍हीं की ‘बेबी’ थी। ‘यूटीवी मोशन पिक्‍चर्स में उन्‍होंने ही अपने कार्यकाल में ‘ए वेडनसडे’ को सपोर्ट किया था। हालांकि बेजाद कहते हैं कि उनकी फिल्‍म का ‘ए वेडनसडे’ से कोई नाता नहीं है। न ही यह उस ढर्रे की फिल्‍म है। सिर्फ जॉनर के हिसाब से दोनों में समानता है। स्क्रिप्‍ट पसंद आने पर रॉनी स्‍क्रूवाला ही यामी गौतम को बोर्ड पर लेकर आए। यामी बोलीं- नैना में उग्रता और मासूमियत दोनों यामी गौतम ने कहा, 'बेहजाद ने मजबूत कैरेक्‍टर क्रिएट किया है। मेरा किरदार उग्र और प्‍यारा दोनों है। उरी के वक्‍त रॉनी स्‍क्रूवाला की कंपनी के साथ मेरे अच्‍छे संबंध बने थे। उनके संग फिर से काम करना बड़ा एक्‍साइटिंग है।' स्क्रूवाला बोले- फिल्म में समाज को लेकर संदेश भी रॉनी स्‍क्रूवाला ने बताया, 'यह शानदार थ्रिलर है। अंत में यह समाज के बारे में कई बातों पर सवाल भी खड़े करती है। इसे हम ब्‍लू मंकी फिल्‍म्‍स के साथ मिलकर बना रहे हैं। हम इसे 2021 में रिलीज करने की तैयारी में हैं।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एक्ट्रेस यामी गौतम, फिल्म के मेकर्स रॉनी स्क्रूवाला (दाएं सबसे ऊपर) और प्रेमनाथ राजगोपालन व फिल्म के डायरेक्टर बेहजाद खंबाटा (दाएं सबसे नीचे)। https://ift.tt/2Z7GOpl

फिल्म इंडस्ट्री की रेप्युटेशन पर हो रहे लगातार हमलों से प्रोड्यूसर्स गिल्ड हुआ आहत और नाराज, स्टेटमेंट जारी कर निंदा की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा फिल्म उद्योग की छवि पर लगातार हो रहे हमलों से प्रोड्यूसर्स गिल्ड बहुत आहत और नाराज है। जिसके बाद उसने शुक्रवार को एक स्टेटमेंट जारी कर इसकी निंदा की है। इस स्टेटमेंट को अभिषेक बच्चन, फरहान अख्तर, रीमा कागती, रकुलप्रीत सिंह, कोंकणा सेन और निखिल आडवाणी ने भी अपनी ट्विटर वॉल पर शेयर कर इससे सहमति जताई। अपने स्टेटमेंट में गिल्ड ने कहा, 'पिछले कुछ महीनों से सभी मीडिया द्वारा भारतीय फिल्म उद्योग की प्रतिष्ठा पर लगातार हमला किया जा रहा है। एक होनहार युवा कलाकार की दुखद मृत्यु को कुछ लोग फिल्म उद्योग और उसके सदस्यों का नाम बदनाम करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।' 'आउटसाइडर्स के लिए इस इंडस्ट्री को एक भयावह रूप में चित्रित किया गया है, जहां आउटसाइडर्स की निंदा की जाती है। एक ऐसा स्थान जहां लोग प्रवेश करने का प्रयास करते हैं पर उनके साथ अपमानजनक दुर्व्यवहार किया जाता है, एक ऐसा स्थान जहां आपराधिकता और मादक द्रव्यों का सेवन किया जाता है। यह कहानी मीडिया इंडस्ट्री को अपनी रेटिंग और रीडरशिप बढ़ाने के लिए पर्याप्त है। परन्तु यह सत्य नहीं है।' 'इसमें कोई दो राय नहीं कि अन्य क्षेत्रों की तरह फिल्म इंडस्ट्री में भी कई खामियां हैं, और किसी भी उद्योग को निरंतर सुधार लाने का प्रयास जारी रखना चाहिए। इंडस्ट्री को इससे सीखते और विकसित होते रहना चाहिए और किसी भी अनुसूचित तथ्यों का निराकरण करना चाहिए। परन्तु पूरी इंडस्ट्री को इन खामियों का जिम्मेदार ठहरना बहुत ही गलत बात है।' 'फिल्म इंडस्ट्री सैकड़ों-हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करती है, यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा देती है। फिल्म इंडस्ट्री दुनियाभर में भारत की सॉफ्ट पॉवर का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत में से एक माना जाता है। यह इंडस्ट्री कई दशकों से करोड़ों लोगों का मनोरंजन करती आई है, जिसने देश के गौरव और सम्मान को बढ़ाने में निरंतर साथ दिया है। इस इंडस्ट्री ने देशभर से कला, साहित्य और संगीत से जुड़ी प्रतिभाओं का स्वागत किया है। इन कलाओं ने अद्वितीय सिनेमेटिक लैंग्वेज बनाई है।' 'इसी वजह से हम अभी भी कुछ ऐसे देशों में से एक हैं जो लंबे दशक से हॉलीवुड इंडस्ट्री के आक्रामक होने के बावजूद कई भाषाओं में स्थानीय फिल्म इंडस्ट्रीज को संपन्न और जीवंत रखे हैं। इतना ही नहीं इस इंडस्ट्री ने राष्ट्रहित से जुड़े कामों में उदारता से योगदान भी किया है और हमने अक्सर बिना बुलाए भी आसानी से अपने संसाधनों (नाम, मान्यता, समय और धन) की पेशकश की है।' 'हम इंडस्ट्री में से किसी के व्यक्तिगत अनुभवों को नकारते नहीं हैं। यह सत्य है कि कुछ लोग जो इस व्यवसाय में प्रवेश करते हैं और खुद को स्थापित करने की कोशिश करते हुए कई कठिनाइयों, संघर्षों और निराशाओं का सामना करते हैं। किसी भी क्षेत्र चाहे वह राजनीति, कानून, व्यवसाय, चिकित्सा या मीडिया हो, हर जगह नए प्रवेशकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।' 'यह सब जानते हुए भी ऐसी ठोस कोशिशें की जा रही हैं, जिनमें पूरी फिल्म इंडस्ट्री को इस तरह से दर्शाया जा रहा है कि वो नए बाहरी टैलेंट्स को इस इंडस्ट्री में आगे बढ़ने से रोकते हैं। यह सत्य नहीं है।' 'ऐसे कई प्रतिभाशाली अभिनेता, निर्देशक, लेखक, संगीतकार, छायाकार, संपादक, साउंड डिजाइनर, प्रोडक्शन डिजाइनर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर और कला निर्देशक हैं, जिनका फिल्म इंडस्ट्री से कोई संबंध नहीं है, फिर भी वे प्रभावशाली काम करके खुद को इस इंडस्ट्री में स्थापित कर चुके हैं। इस इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने प्रेरणादायक और चुनौतीपूर्ण कार्य किए हैं जिसने भारतीय सिनेमा को पुनर्भाषित किया है।' 'इंडस्ट्री में जन्म लेने के कारण कुछ लोगों को आसानी से अपना पहला ब्रेक मिल जाता है, पर उसके बाद उन्हें अपनी कला और प्रतिभा को साबित करना पड़ता है, तभी वे इस इंडस्ट्री में आगे बढ़ते हैं।' 'हम फिल्म इंडस्ट्री के सभी उम्मीदवारों को यह बताना चाहते हैं कि उन्हें क्लिकबैट पत्रकारिता से गुमराह नहीं होना चाहिए। ऐसी पत्रकारिता के जरिए यह दिखाया जा रहा है कि फिल्म इंडस्ट्री एक बहुत ही डरावनी जगह है। जबकि यह एक ऐसी जगह है जो अंततः आपकी प्रतिभा, काम की नैतिकता और दर्शकों से जुड़ने की क्षमता स्वीकार करती है- आपके धर्म, लिंग, जाति या आर्थिक स्तर की परवाह किए बिना।' 'हालांकि आउटसाइडर्स के लिए इंडस्ट्री में अपनी प्रतिभा को पेश करना बहुत मुश्किल है लेकिन लगन, दृढ़ता और भाग्य से वे सफल हो सकते हैं और हुए भी हैं। कई ऐसे लोग हैं जो आउटसाइडर्स होने के बावजूद इंडस्ट्री में अपना नाम बना चुके हैं।' 'यह समय हमारे देश और दुनिया के लिए यह बहुत ही कठिन हैं। इसलिए एक-दूसरे के प्रति हमारे भय और कुंठाओं को बाहर निकालने के बजाय, हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए है। इस आउटसाइडर्स की बहस में दोनों पक्षों को, विशेष रूप से महिलाओं को बलात्कार की और मौत की धमकी मिल रही है, जो अस्वीकार्य है और हमें इसे रोकना ही होगा।' 'मीडिया को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और गुनाह को बढ़ावा देने से रोकना चाहिए। विज्ञापन, राजस्व और रेटिंग की तुलना में कुछ और चीजें महत्वपूर्ण हैं- जैसे कि सामान्य मानव शालीनता। आइए हम भी अपनी मानवता दिखाते हैं।' एकजुटता से प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Producers Guild of India pens an open letter to media & those who are ruining reputation of film industry : They writes, "Upset with the relentless attacks on the reputation of the Indian film industry across all media. The media must stop fanning the flames." https://ift.tt/2QYbkNS

कंगना रनोट से लेकर स्वरा भास्कर तक ने झेला कास्टिंग काउच, ऑडिशन के बहाने किसी ने मांगा सेक्सुअल फेवर तो किसी ने कहा 'आई लव यू' फिल्म इंडस्ट्री में बाहर से भले ही ग्लैमर और चमक-दमक नजर आती है, पर बॉलीवुड की इस चकाचौंध भरी दुनिया के पीछे कई कड़वी सच्चाइयां भी हैं। इन्हीं में से एक है कास्टिंग काउच। हाल ही में एक्ट्रेस समीरा रेड्डी ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि जब वह फिल्मों में सक्रिय थीं तो उन्हें कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अचानक से किसिंग सीन डाल दिया गया था। जब उन्होंने इसके बारे में डायरेक्टर से पूछा तो उसने कहा कि आपने फिल्म मुसाफिर में भी तो किसिंग सीन किया था तो यहां क्या दिक्कत है। इसके अलावा समीरा के साथ ही एक और वाकया हुआ था जब ज्यादा दिलचस्पी ना दिखाने की वजह से एक हीरो ने समीरा से कह दिया था कि वह बेहद बोरिंग हैं और वह भविष्य में उनके साथ काम नहीं करेंगे। वैसे, समीरा अकेली नहीं हैं जिन्होंने कास्टिंग काउच झेला। इस पैकेज में हम बता रहे हैं ऐसी एक्ट्रेसेस के बारे में जिन्हें कभी न कभी कॉस्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा। कंगना रनोट बॉलीवुड क्वीन कंगना रनोट भी कॉस्टिंग काउच का शिकार हो चुकी हैं। कंगना ने खुद कई इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है कि करियर की शुरुआत में उन्हें किस तरह की तकलीफों से गुजरना पड़ा था। उनसे ऑडिशन के बाद सेक्स की डिमांड की जाती थी। लेकिन वो ये प्रपोजल ठुकरा देती थीं। ऋचा चड्ढा ऋचा चड्ढा ने खुलासा किया था कि करियर की शुरुआत में वे कास्टिंग काउच का शिकार होते-होते बची थीं। एक आदमी ने उनका फायदा उठाने की कोशिश की थी। ऋचा के मुताबिक, यह घटना एक पार्टी के दौरान हुई थी, जिसमें वे अपने एक अंकल (जो एक एडवरटाइजिंग कंपनी में काम करते थे) के साथ पहुंची थीं। बकौल ऋचा, "उस वक्त रात के करीब 10:30-11:00 बज रहे थे। अंकल भी रूम में ही थे। उस आदमी ने मेरे पास आकर कहा, 'हमें डिनर करना चाहिए।' मैं बोली- 'सर मैंने तो खा लिया। पनीर, दाल, दही रोटी।' उसने फिर कहा- 'नहीं नहीं, नहीं...हमें डिनर करना चाहिए।' मैं बोली, 'सर मैंने पापड़, अचार भी खाया।' जितनी भी चीजें मैंने खाई थीं, सब गिना दीं। लेकिन जब उसने मेरी बांह पर हाथ फेरते हुए अश्लील लहजे में वही बात दोहराई तो मैं उसका इशारा समझ गई और चीखते हुए अंकल को आवाज लगा दी।" ईशा कोप्पिकर 'पिंजर', 'सलाम-ए-इश्क' और 'एक विवाह ऐसा भी' जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं ईशा कोप्पिकर ने खुलासा किया था कि करियर की शुरुआत में एक सुपरस्टार ने उनका गलत फायदा उठाने की कोशिश की थी। बकौल ईशा, "जी हां मेरा गलत फायदा उठाने की कोशिश की गई थी। एक प्रोड्यूसर ने मुझसे कहा था, 'यह फिल्म बन रही है। इस अभिनेता को फोन करो। तुम्हें इसकी गुड बुक्स में शामिल होने की जरूरत है।' मैंने उसका पूरा टाइमटेबल भी जाना। मैंने उसे (अभिनेता को) फोन किया। उसने मुझे अपनी डबिंग के बीच मुझे मिलने के लिए बुलाया।" "उसने पूछा कि किसके साथ आ रही हो? मैंने कहा- अपने ड्राइवर के साथ। तब वह बोला अकेले आना, किसी को साथ मत लाना।' उस वक्त मैं 15-16 साल की भी नहीं थी। लेकिन मुझे पता था कि क्या हो रहा है। इसलिए मैंने कहा, 'मैं कल फ्री नहीं हूं। आपको बाद में बताती हूं।" "फिर मैंने तुरंत प्रोड्यूसर को फोन किया और कहा कि उसे मुझे टैलेंट की वजह से कास्ट करना चाहिए। मुझ पर इन सब बातों का दबाव नहीं डाला जा सकता। बहुत से लोगों के लिए यह डरावना होता है। जब एक महिला इनकार कर देती है तो उनसे बर्दाश्त नहीं होता।" ईशा की मानें तो उन्होंने उस एक्टर के साथ फिर कभी काम नहीं किया। स्वरा भास्कर स्वरा का भी सामना कास्टिंग काउच से हो चुका है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, जब मैं स्ट्रगल कर रही थी तब एक मीटिंग के दौरान एक व्यक्ति जिसने कहा कि वह एक बड़े प्रोड्यूसर का मैनेजर है, मुझसे बार-बार मेरे घर का एड्रेस पूछ रहा था। उस दौरान मैंने बहुत कोशिश की कि मैं मीटिंग छोड़कर निकल जाऊं लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। फिर उस व्यक्ति ने मेरे कान पर किस करने की कोशिश की और बोला 'आई लव यू। मैं बड़ी मुश्किल से वहां से निकली और खुद को बचा पाई। ममता कुलकर्णी ममता कुलकर्णी ने राजकुमार संतोषी पर इल्जाम लगाया था कि फिल्म 'चाइना गेट' के सेट्स पर उन्होंने ममता को सेक्स का ऑफर दिया था। ममता कुलकर्णी ने कहा था कि इसे ठुकराने के बाद संतोषी ने उनका रोल छोटा कर दिया और कई फिल्मों से भी निकलवा दिया। इसके बाद ममता फिल्मों में नहीं दिखाई दीं। चित्रांगदा सिंह 2017 में चित्रांगदा सिंह कुशान नंदी की फिल्म 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' को छोड़ने की वजह से सुर्खियों में थी। एक्ट्रेस ने फिल्म के डायरेक्टर पर हेरेस करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि डायरेक्टर ने सेट पर उनके साथ बुरा व्यवहार किया। उनसे नवाजद्दीन के साथ बोल्ड सीन करने के लिए कहा। चित्रांगदा ने सेट पर ऐसा करने से मना कर दिया और फिल्म छोड़ दी। पायल रोहतगी पायल ने दिबाकर बैनर्जी पर कास्टिंग काउच के आरोप लगाए थे। कुछ सालों पहले पायल के मुताबिक, बैनर्जी ने उन्हें अपनी एक फिल्म में कास्ट किया था। एक रात बातचीत करने के बहाने बैनर्जी उनके घर पर आए और उनसे नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करने लगे। पायल ने बैनर्जी को अपने घर से निकाल दिया जिसका नतीजा ये हुआ कि उन्हें फिल्म से हटा दिया गया। हालांकि, दिबाकर ने पायल के इन आरोपों को गलत बताया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today From Kangana Ranaut to Swara Bhaskar, when actresses faced casting couch https://ift.tt/32UzNJG

पबजी पर बैन के दो दिन बाद अक्षय कुमार ने फौजी गेम लाने का ऐलान किया; रेवेन्यू का 20% फौजियों के ट्रस्ट को जाएगा चीन में बने पॉपुलर मोबाइल गेमिंग ऐप पबजी पर बैन के दो दिन बाद ही अक्षय कुमार ने FAU-G यानी फौजी गेम लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह गेम खेलने वालों को देश के जवानों के बलिदान के बारे में भी जानकारी देगा। यह अक्षय कुमार का पहला गेमिंग वेंचर है। केंद्र ने 2 सिंतबर को पबजी समेत 118 चाइनीज ऐप्स को बैन कर दिया था। सरकार ने कहा था कि इनसे भारत की सुरक्षा को खतरा है। भारत के वीर ट्रस्ट को देंगे रेवेन्यू का हिस्सा अक्षय ने इंस्टाग्राम पर लिखा है- पीएम मोदी के आत्मनिर्भर मूवमेंट को सपोर्ट करते हुए इस एक्शन गेम का प्रेजेंट करते हुए गर्व हो रहा है। निडर और एकता की मिसाल गार्ड्स - फौजी। एंटरटेनमेंट से इतर इस खेल में प्लेयर्स हमारे सैनिकों के सैक्रिफाइज को जान सकेंगे। इस मोबाइल गेम से मिलने वाले रेवेन्यू का 20 फीसदी हिस्सा भारत के वीर ट्रस्ट को डोनेट किया जाएगा। पबजी भारत में 17.5 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया था फौजी गेम के बारे में फिलहाल इतनी ही इन्फॉर्मेशन सामने आई है। यह गेम तब लॉन्च किया जा रहा है, जब पबजी पर बैन लगा दिया है। पबजी भारत में बेहद पॉपुलर था। इसे देश में करीब 17.5 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया था। गलवान में भारत-चीन के सैनिकों की झड़प के बाद केंद्र ने 29 जून को 59 चीनी ऐप्स, 27 जुलाई को 47 ऐप और 2 सितंबर को 118 ऐप्स बैन किए हैं। हालांकि, पबजी का मोबाइल और डेस्कटॉप वर्जन अभी भी मौजूद है। लेकिन, अक्षय कुमार के अनाउंसमेंट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने फौजी को लेकर पॉजिटिव कमेंट्स दिए हैं। ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा फौजी अक्षय के इस गेम के बारे में शेयर करते ही यह ट्विटर पर टॉप ट्रेंड करने लगा। FAU-G यानी फौजी गेम को विशाल गोंदाल के इंडिया गेम्स और बैंगलुरु के एनकोर गेम्स ने मिलकर तैयार किया है। इंडिया ट्रेंडिंग में आते ही महज एक घंटे के अंदर इस पर करीब 20 हजार से ज्यादा ट्वीट्स किए जा चुके हैं। बियर ग्रिल्स के साथ भी एक्शन करते नजर आएंगे अक्षय बात अगर अक्षय के वर्क फ्रंट की करें तो हाल ही में वो अपनी फिल्म बेल बॉटम की शूटिंग के सिलसिले में ब्रिटेन गए थे। यह कोरोना के बाद शूटिंग की इजाजत मिलने पर शूट हो रहा बड़ा बॉलीवुड प्रोजेक्ट है। इसमें वाणी कपूर अक्षय कुमार के अपोजिट हैं। इसके अलावा अक्षय मैन वर्सेज वाइल्ड फेम बियर ग्रिल्स के साथ एक शो में नजर आएंगे। शो का नाम है इन टू द वाइल्ड। अक्षय ने इस एपिसोड का प्रोमो भी शेयर किया था और कहा था कि बियर ग्रिल्स के लिए उनके मन में बेहद सम्मान है। ग्रिल्स भी अक्षय की सादगी और चुनौतियों के लिए उनके जुनून से काफी प्रभावित हुए थे। ग्रिल्स ने कहा था कि अक्षय के सामने चुनौती रखो तो उनकी आंखों में चमक आ जाती है और ऐसा उन्होंने बहुत कम सेलेब्रिटीज में देखा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Akshay Kumar announced aatm nirbhar multiplayer game FAU-G after government baned chinese mobile game PUBG https://ift.tt/2QRvJnW

8 साल से फिल्मों से गायब समीरा बोलीं- एक फिल्ममेकर और एक हीरो ने मुझसे सेक्शुअल फेवर मांगा था, स्टारकिड के लिए रिप्लेस भी की गई पिछले 8 सालों से बॉलीवुड से गायब समीरा रेड्डी की मानें तो उन्हें अपने करियर के दौरान कास्टिंग काउच और नेपोटिज्म जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में अपने साथ घटी इन घटनाओं के बारे में बात की। समीरा के मुताबिक उनसे दो बार अप्रत्यक्ष रूप से सेक्सुअल फेवर मांगा गया था। एक बार एक फिल्ममेकर ने ऐसा किया और दूसरी बार एक हीरो ने। फिल्ममेकर ने अचानक किसिंग सीन की डिमांड रखी पिंकविला से बातचीत में समीरा ने कहा , "मैं एक फिल्म कर रही थी। अचानक मुझे कहा गया कि इसमें एक किसिंग सीन होगा। यह पहले नहीं था। इसलिए मैं इसके लिए तैयार नहीं हुई। मेकर्स ने मुझे यह कहते हुए कारण समझाने की कोशिश की कि तुमने 'मुसाफिर' में भी तो किया था। जवाब में मैंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि मैं यह करती ही रहूंगी। इसके बाद उसने मुझसे ताना मारते हुए कहा कि प्लीज इसे अच्छे से हैंडल कीजिए। लेकिन याद रखिए कि आपको रिप्लेस की जा रही हैं।" हीरो ने कहा था- आप बहुत बोरिंग हैं समीरा ने दूसरी घटना के बारे में बताते हुए कहा, "एक एक्टर ने मुझ पर कमेंट किया था कि तुम बहुत ही अनअप्रोचेबल हो। उसने मुझे बोरिंग बताया और बोला तुम्हारे साथ मजा नहीं आता। उसने यह भी कहा कि मैं दोबारा तुम्हारे साथ काम नहीं करना चाहता। और उस फिल्म के बाद मैंने फिर कभी उसके साथ काम नहीं किया।" समीरा के मुताबिक, इंडस्ट्री में यह सिस्टम सालों से है। वे चाहती हैं कि यहां कोई डिफेन्स मेकेनिज्म बने, जो लोगों को इन गिद्धों से बचाए। वे कहती हैं, "यह पूरा खेल सांप-सीढ़ी का है। इसलिए आपको यह समझने की जरूरत है कि कैसे सांपों के आसपास रहते हुए अपना रास्ता बनाया जाए।" वे आगे कहती हैं, "अपने शूट के बाद मैं कभी एक्टर्स के साथ पार्टी में नहीं गई। इसके बदले मैं घर लौटकर टीवी देखना पसंद करती थी। मैं वाकई कभी सोशेलाइट नहीं हुई। मैं जानती हूं कि यह फिल्म दिलाने में मदद करता है। लेकिन ठीक है। यह इस बिजनेस का नेचर है।" स्टार-किड से रिप्लेस भी की गईं समीरा ने बताया, "मुझे तीन फिल्मों में रिप्लेस किया गया था। मुझे इसकी असली वजह भी नहीं बताई गई। एक बार मुझे एक स्टार-किड के लिए बदल दिया गया था और दूसरी बार सिर्फ इसलिए कि हीरो किसी और के साथ फ्रेंडली था।" समीरा के मुताबिक, उन्होंने एक फिल्म साइन की थी। इसके बाद प्रोड्यूसर ने उन्हें अपने ऑफिस में बुलाकर यह कहा था कि वे अब फिल्म का हिस्सा नहीं है। एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें बुरा बहुत लगा था। लेकिन इसके लिए वे खुद में ही कमी तलाश रही थीं। बाद में किसी ने उन्हें बताया कि वे एक स्टार-किड के लिए रिप्लेस की गई हैं। समीरा की मानें तो यह उनके करियर की एक शुरूआती फिल्म की ही बात है। हालांकि, उन्होंने फिल्म के नाम का खुलासा नहीं किया। बॉलीवुड में आखिरी बार 'तेज' में दिखी थीं समीरा समीरा ने 2002 में 'मैंने दिल तुझको दिया' से बॉलीवुड डेब्यू किया था। उन्होंने 'मुसाफिर' (2004), 'अशोक' (2006), 'रेस' (2008) और 'दे दना दन' (2009) जैसी फिल्मों में काम किया। बतौर लीड एक्ट्रेस उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म 'तेज' (2012) थी। हालांकि, इसके बाद 'चक्रव्यूह' (2012) के एक गाने में में उन्होंने स्पेशल अपीयरेंस दिया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बॉलीवुड में बतौर एक्ट्रेस समीरा रेड्डी आखिरी बार फिल्म 'तेज' में दिखाई दी थीं। https://ift.tt/3lPa2Dh

कंगना रनोट ने कहा- मुंबई आ रही हूं किसी के बाप में दम है तो रोक ले, राउत बोले- वो मेंटल केस है, उन्हें दो दिन के लिए पीओके भेजना चाहिए एक्ट्रेस कंगना रनोट और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच जारी जुबानी जंग शुक्रवार को और तेज हो गई है। जब कंगना ने कहा कि मैं 9 सितंबर को मुंबई आ रही हूं, किसी के बाप में हिम्मत है तो रोक ले। उनके इस ट्वीट के बाद राउत ने उन्हें मेंटल करार देते हुए कहा है कि वे जिस थाली में खा रही हैं उसी में थूक रही हैं। साथ ही राउत ने उन्हें पीओके भेजने की बात भी कही। शुक्रवार को किए अपने ट्वीट में कंगना ने लिखा, 'मैंने देखा कि बहुत से लोग मुझे मुंबई वापस नहीं आने को लेकर धमका रहे हैं, इसलिए मैंने फैसला किया है कि मैं आने वाले सप्ताह में 9 सितंबर को मुंबई की यात्रा करूंगी, मैं वो समय भी बताऊंगी जब मैं मुंबई हवाई अड्डे पर उतरूंगी, किसी के बाप में हिम्मत है तो रोक ले।' राउत बोले- कंगना ने महाराष्ट्र का अपमान किया कंगना के ट्वीट और उन्हें धमकाने को लेकर संजय राउत ने टीवी टुडे नेटवर्क से बात की। उन्होंने कहा, 'देखिए जिस भाषा का इस्तेमाल वो करती है, उस भाषा का इस्तेमाल हम नहीं करेंगे। उसने महाराष्ट्र का अपमान किया है मुंबई पुलिस का अपमान किया है। अगर वो हिमाचल पुलिस की सुरक्षा लेकर आ रही हैं तो ये उनकी जिम्मेदारी है। कंगना के साथ हमारी कोई निजी दुश्मनी है। कोई भी हो किसी भी पुलिस के बारे में उन्हें इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।' पुलिस को लेकर फालतू बातें करना ठीक नहीं आगे राउत ने कहा, 'आप जिस राज्य में रहते हो, जिस शहर में आप रहते हो, जहां आप कमाते हो, जहां आपको शोहरत मिली है, सबकुछ मिला है। वहां की पुलिस हमेशा आपकी रक्षा करती है और आप उस पुलिस के बारे में अनाप-शनाप बात करोगे। क्या एक महिला को ये भाषा शोभा देती है? आगे मुंबई पुलिस के बलिदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'जिस पुलिस ने 26/11 के हमले में कई जवानों की शहादत देते हुए लोगों को बचाया। 1992 के दंगों में भी कई पुलिस जवान शहीद हुए थे। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भी 50 से ज्यादा जवान ऑन ड्यूटी शहीद हो चुके हैं। ऐसी पुलिस के बारे में आप इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते हो, क्या ये एक महिला को शोभा देता है, जो कि पढ़ी लिखी महिला है? जिस थाली में खाती हो, उसी में थूकती हो राउत ने कहा, 'अगर हमने ये कहा, तो बोलती हैं हमने उन्हें धमकी दी। वो मेंटल केस है। आप जिस थाली में खाते हो उस थाली में थूकते हो। उस राज्य का अपमान करते हो, झांसी का अपमान करते हो और कुछ पॉलिटिकल पार्टी उसको सपोर्ट कर रही है।' उन्हें दो दिन के लिए पीओके भेजना चाहिए मुंबई की तुलना पीओके से करने को लेकर राउत ने कहा, 'उनको पीओके में दो दिन के लिए सरकारी खर्चे से भेजना चाहिए। नहीं तो हम उनका पूरा बंदोबस्त करके पहुंचा देंगे। एकबार देख लीजिए पीओके क्या है। वहां के लोग हिंदुस्तान के बारे में क्या बोलते हैं। उनकी क्या भूमिका है। दूसरी बात आप किस मानसिकता से ये बात कह रही हैं। आपकी मानसिकता क्या है?' जो करना है वो करते हैं फालतू धमकियां नहीं देते कंगना को धमकी देने के बारे में उन्होंने कहा, 'देखिये ये फालतू धमकी-वमकी देना हमारा काम नहीं है। हमको जो करना है हम करेंगे। धमकियां देना या हवा में तलवार चलाना या हवा में बंदूकें चलाना ये हमारा काम नहीं है। ठीक है ना अगर कोई चुनौती दे रहा है तो देने दो। कंगना ने पीओके से की थी मुंबई की तुलना गुरुवार को किए अपने ट्वीट में कंगना ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर मुंबई लौटकर नहीं आने की धमकी देने का आरोप लगाया था। एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘‘शिवसेना नेता संजय राउत ने मुझे खुली धमकी दी है और कहा है कि मुंबई लौटकर मत आना, मुंबई की गलियों में आजादी के नारे लगने के बाद अब खुली धमकियां, मुंबई क्यों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की तरह लग रही है?’’ ## Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today संजय राउत ने कंगना को मेंटल केस बताते हुए कहा कि उन्हें दो दिन के लिए सरकारी खर्चे पर पीओके भेजना चाहिए। ताकि वे जान सकें कि असली पीओके क्या है। https://ift.tt/3lNrZC9