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इंडस्ट्री में पक्षपात झेल चुकी हैं सोनाली राउत, बोलीं- 'डायरेक्टर के कहने पर मुझे मेरी ही फिल्म के प्रमोशन से दूर रखा जाता था' सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही इंडस्ट्री में नेपोटिज्म और पक्षपात पर बहस छिड़ गई है। अब इस मुद्दे पर डेंजरस एक्ट्रेस सोनाली राउत ने अपनी आपबीती शेयर की है। अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपनी आपबीती शेयर की है। उन्होंने बताया कि लोग फिल्मी कनेक्शन के चलते काफी फायदा पाते हैं जबकि आउटसाइडर्स के साथ यहां पक्षपात किया जाता है। सोनाली राउत ने इनसाइडर्स और आउटसाइडर्स पर अपने विचार रखते हुए स्पॉटब्वॉय से कहा, 'मेरे कुछ दोस्त हैं इंडस्ट्री के जिनका पहले ही यहां आधार है इसलिए उनके लिए अच्छे बैनर से लॉन्च होना और काम मिलना काफी आसान था। उनके पास प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर घर पर ही होते हैं तो उनके लिए अवसर मिलना काफी आसान होता है'। आगे एक्ट्रेस ने बताया, 'मेरे परिवार में मेरे पिता पुलिसवाले हैं तो हमारे घर उनके काम से जुड़े लोग आते रहते हैं। मुझे लगता है कि आउटसाइडर्स के लिए इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि ये उनकी शुरुआत होती है। आपको पता नहीं होता कि आपको कैसे शुरू करना है और उसके लिए सही लोगों ने कॉन्टेक्ट होना जरूरी होता है'। डायरेक्टर के कहने पर मुझे प्रमोशन से दूर रखा गयाः सोनाली अपनी आपबीती सुनाते हुए एक्ट्रेस ने कहा, 'मेरी पहली फिल्म द एक्सपोज दो एक्ट्रेस का कहानी थी। जिसमें हिमेश रेशमिया और जोया अफरोज थे। फिल्म के दौरान मुझे प्रमोशन से दूर रखा जाता था जबकि मेरा लीड रोल था। और दूसरी एक्ट्रेस को हमेशा मुझसे आगे भेजा जाता था। मैंने इसपर आवाज उठाई और प्रोड्यूसर्स से इसकी वजह पूछी। उन्होंने कहा कि ये डायरेक्टर का फैसला है। मैंने इसे इग्नोर करके आगे बढ़ने का फैसला किया। मैंने अपना समय बर्बाद नहीं किया'। ## सोनाली राउत बिग बॉस 8 में नजर आ चुकी हैं। एक्ट्रेस ने द एक्पोज फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू किया था जिसके बाद वो कई फिल्मों में दिखी हैं। हाल ही में एक्ट्रेस की फिल्म डेंजरस रिलीज हुई है जिसमें करण सिंह ग्रोवर और बिपाशा बसु लीड रोल में हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sonali Raut has faced partiality in the industry, said- 'I was kept away from the promotion of my own film at the behest of the director' https://ift.tt/3j34e6N

सुशांत की डेड बॉडी देखकर मुंबई पुलिस को थम्स अप दिखाने वाले संदीप सिंह का आखिर क्या है सच, कभी आइसक्रीम बेचते थे फिर बन गए प्रोड्यूसर सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सबसे पहले सुशांत के कुक नीरज से पूछताछ की गई है। शनिवार को सुशांत के रूममेट सिद्धार्थ पिठानी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई सुशांत के दोस्त होने का दावा करने वाले संदीप सिंह से भी पूछताछ करने की तैयारी में है। इस मामले में संदीप की भूमिका काफी संदिग्ध मानी जा रही है। 14 जून को सुशांत की मौत के बाद उनके बांद्रा स्थित अपार्टमेंट पर संदीप सबसे पहले पहुंचने वालों में से थे। संदीप का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह सुशांत की डेड बॉडी ले जा रहे पुलिस कर्मियों को थम्स अप दिखाते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा संदीप ने नेशनल टेलीविजन पर अपने बयान भी बदल-बदलकर दिए हैं जिससे उनकी भूमिका और संदिग्ध हो चुकी है। संदीप को नहीं जानता सुशांत का परिवार सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने भी कहा है, ''परिवार का कोई सदस्य संदीप को नहीं जानता। जब सुशांत की मौत की खबर आई तो संदीप वहां पहुंच गए। डेड बॉडी देखकर सुशांत की बहन मीतू बेसुध होने लगीं तो संदीप उन्हें संभालने के लिए आगे आ गए। यहीं से उन्हें सब चीजों में आगे आने का मौका मिल गया। संदीप ने इस मौके का फायदा उठाया। पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक संदीप सब में शामिल रहे। 14 जून को मीतू सिंह के साथ संदीप। कई मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने सुशांत को अपना भाई करार दिया। यहां तक कि सुशांत के परिवार से पटना मिलने पहुंच गए और पब्लिसिटी बटोरने की कोशिश की।'' संदीप को लेकर सोशल मीडिया पर सुशांत के फैन्स भी लगातार गुस्सा जाहिर कर रहे हैं जिसकी वजह से सुशांत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कमेंट सेक्शन बंद कर दिया है। आइसक्रीम बेचते थे, बन गए प्रोड्यूसर मुजफ्फरपुर, बिहार में जन्मे संदीप कम उम्र में ही परिवार के साथ मुंबई आ गए थे। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई मुंबई में की लेकिन गरीबी के चलते पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। संदीप ने ट्यूशन लेकर और सड़कों पर आइसक्रीम बेचकर अपना गुजारा। इसके बाद 2001 में संदीप ने बतौर जर्नलिस्ट अपने करियर की शुरुआत की। फिर एक रेडियो चैनल में संदीप शो प्रोड्यूसर हो गए। इसके बाद सफलता का सिलसिला चल निकला। वह रेडियो मिर्ची के एंटरटेनमेंट हेड बना दिए गए। 38 साल के संदीप ने 2008 में कलर्स चैनल के लिए पहला इंडिपेंडेंट शो डांसिंग क्वीन बनाया था। इसके बाद संदीप 2011 में भंसाली प्रोडक्शन के सीईओ बने। भंसाली प्रोडक्शन में रहते हुए संदीप ने राउडी राठोड़, शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी, राम लीला, मैरीकॉम और टेलीविजन सीरीज सरस्वतीचंद्र (2013) को को-प्रोड्यूस किया। 2015 में संदीप ने खुद को बतौर प्रोड्यूसर स्थापित करने के लिए अलीगढ़, सरबजीत, भूमि और पीएम नरेंद्र मोदी जैसी फिल्में खुद प्रोड्यूस कीं। कभी सुशांत-अंकिता के कॉमन फ्रेंड थे संदीप कुछ मीडिया इंटरव्यू में 38 साल के संदीप ने कहा है कि अक्टूबर, 2019 के बाद से वह सुशांत के संपर्क में नहीं थे लेकिन उनके करीबियों में से एक थे। वह सुशांत और उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे के कॉमन फ्रेंड हैं। सुशांत की मौत के बाद संदीप ने कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं जिनमें वह सुशांत और अंकिता के साथ नजर आ रहे थे। सुशांत-अंकिता 2016 तक लिव इन रिलेशनशिप में थे और यह फोटो उसी दौरान की थीं। सुशांत-अंकिता 2016 तक लिव इन रिलेशनशिप में थे और यह फोटो उसी दौरान की है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Suspicious role of producer Sandip Singh in Sushant Singh Rajput death case https://ift.tt/32dp24N

सुशांत के घर पर मौजूद सभी लोग थे रिलैक्स, कमरे में नहीं झांकने दिया ; बताया-क्यों ताला तोड़ने के लिए चार्ज किया 2 हजार रुपए अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच सीबीआई की ओर से जारी है। तकरीबन दो महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या थी या आत्महत्या। इस बीच सुशांत की मौत के बाद उनके घर पहुंचने वाले मोहम्मद रफीक चाबीवाले का बयान सामने आया है। सुशांत की मौत के बाद उनके घर पहुंचने वाला रफीक ही पहला बाहरी शख्स थे। इस लिहाज से वे इस केस के सबसे महत्वपूर्ण विटनेस हैं। आज सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था और सिर्फ फोन नंबर लेकर घर जाने के लिए कहा। 14 जून के दिन क्या-क्या हुआ था? 14 जून की घटना को याद करते हुए रफीक ने बताया कि उनके पास दोपहर करीब 1:05 बजे फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके घर का दरवाजा बंद हो गया है और उन्हें तुरंत आकर लॉक खोलना है। इसपर रफीक ने उनसे पूछा कि लॉक कैसा है, नार्मल या कंप्यूटरीकृत, इसपर फोन करने वाले ने बताया कि यह कंप्यूटराइज्ड लॉक है। आगे रफीक ने कहा कि आज सन्डे का दिन है और उन्हें दूर से आना है इसलिए वे इसे तोड़ने या खोलने के लिए दो हजार रुपए लेंगे। फोन करने वाला तुरंत मान लिया और उन्हें जल्द से जल्द आने को कहा। फोन करने वाले ने उनसे सिर्फ इतना कहा था कि कमरे में कोई सो रहा है और दरवाजा नहीं खुल रहा। वहां मौजूद किसी भी शख्स के चेहरे पर नहीं था तनाव रफीक ने आगे बताया कि वे दो बार सुशांत के घर पर गए हैं। पहली बार उन्हें लॉक तोड़ने और दूसरी बार पुलिस ने बयान लेने के लिए बुलाया था। जब वे दूसरी बार पहुंचे तभी उन्हें पता चला कि उन्हें घर पर बुलाने वाले शख्स का नाम सिद्धार्थ पिठानी है। पहली बार वे 1.30 के करीब सुशांत के घर पर पहुंचे और तकरीबन 10 मिनट तक वहां रहे। उन्होंने बताया कि जब वे घर पहुंचे तो घर पर 3-4 लोग मौजूद थे। सभी रिलेक्स थे और किसी के चेहरे पर परेशानी का भाव नजर नहीं आ रहा था। चाबी बनाने में टाइम लग रहा था इसलिए दरवाजा तोड़ा रफीक ने पहले सुशांत के कमरे की चाबी बनाने का प्रयास किया, लेकिन उसमें टाइम लग रहा था। इस बीच घर पर मौजूद किसी शख्स ने उनसे ताले को तोड़ने के लिए कहा। इसके बाद तकरीबन दो से 3 मिनट में रफीक ने ताला तोड़ दिया। वह दरवाजा खोलने ही वाले थे कि पीछे से किसी ने उन्हें रोका और अपना टूल लेकर जाने के लिए कहा। इसके बाद सिद्धार्थ ने उन्हें 2 हजार रुपए निकाल कर दिए। काम हो जाने के बाद रफीक ने अपना बैग उठाया और वहां से चले गए। दूसरी बार बांद्रा वाले घर पर गए तो पता चला की सुशांत की मौत हुई है रफीक घर पर पहुंचे ही थे कि तकरीबन एक घंटे बाद एक पुलिसवाले का फोन आया और उसने उन्हें फिर से बांद्रा स्थित फ़्लैट पर पूछताछ के लिए बुलाया। इस बार रफीक वहां पहुंचे तो घर के बहार काफी भीड़ जमा थी। किसी तरह वे अन्दर पहुंचे तो उन्हें कमरे में सुशांत की एक बड़ी तस्वीर नजर आई। इसी से उन्हें पता चला कि यह फ़्लैट अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का है। इसके बाद वे काफी देर तक डुप्लेक्स फ्लैट के निचले हिस्से में खड़े रहे। रफीक ने बताया कि सिद्धार्थ ने उनका नंबर ऑनलाइन लिया था। सीबीआई को पूरा सहयोग करने के लिए कहा रफीक ने आगे बताया कि जब उन्हें सुशांत की मौत के बारे में जानकारी मिली तो वे बेहद हैरान हुए। वे सुशांत के फैन रहे हैं और उन्होंने उनकी लगभग सभी फिल्मों को देखा है। रफीक ने आगे बताया कि दूसरी बार जब वे गए तो पुलिस ऊपर वाले कमरे में जांच कर रही थी और नीचे वे खड़े होकर उनका इंतजार कर रहे थे। हालांकि, उनसे पुलिसवालों ने क्या सवाल किए इसपर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार कर दिया। रफीक ने कहा है कि वे चाहते हैं कि इस केस की सच्चाई जल्द से जल्द सामने आए। इसलिए वे सीबीआई को पूरा सहयोग करना चाहते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सुशांत के घर पहुंचने वाला मोहम्मद रफीक चाबी वाला पहला शख्स था। आज सीबीआई ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। https://ift.tt/3hn139H

सलमान के घर 19 साल पहले अर्पिता के कहने पर शुरू हुआ था गणेश उत्सव, आरके स्टूडियो बिकते ही कपूर खानदान ने बंद कर दी 70 साल पुरानी परंपरा देश में 10 दिन के गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। यह त्यौहार बॉलीवुड में भी धूमधाम से मनाया जाता है। कई सेलेब्स के घर गणेश जी की स्थापना होती है। इनमें फैन्स की नजर सबसे ज्यादा किसी सेलेब के गणपति पर रहती है तो वो हैं सलमान खान। सलमान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर यह उत्सव हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि, इस साल कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते सलमान के घर बहुत धूमधाम से गणेश उत्सव नहीं मनाया जाएगा। फिर भी खान परिवार के बीच इस उत्सव को लेकर उत्साह हर बार की तरह ही बरकरार है। सलमान के घर पर इस उत्सव का इतिहास भी कम दिलचस्प नहीं है। उनके घर पर इसकी शुरुआत आज से 19 साल पहले 2001 में हुई थी। एक वेबसाइट से बातचीत करते हुए सलमान की मां सलमा खान ने कुछ सालों पहले बताया था, ''हम अर्पिता के कहने पर भगवान गणेश को घर पर लेकर आए थे। वह हर साल इस उत्सव को लेकर बेहद उत्साहित रहती हैं और सारी तैयारियां भी खुद ही करती हैं। 2001 से लगातार हमारे घर में गणेश जी विराज रहे हैं।'' गैलेक्सी अपार्टमेंट में गणेश उत्सव के दौरान कई सेलेब्स भी पहुंचते हैं। सलीम खान की गोद ली बेटी हैं अर्पिता अर्पिता खान सलीम खान की गोद ली हुई बेटी हैं। 1981 में हेलन से शादी के बाद सलीम खान ने उन्हें बहुत कम उम्र में गोद लिया था। क्योंकि दोनों की कोई संतान नहीं थी। सलीम खान के बच्चों में सबसे बड़े सलमान खान, फिर अरबाज खान, सोहेल खान, अलवीरा खान और सबसे छोटी अर्पिता हैं। आरके स्टूडियो बिकते ही बंद हो गया गणेश उत्सव बॉलीवुड में खान खानदान के अलावा आरके स्टूडियो के गणपति की भी खासी चर्चा हुआ करती थी। आरके स्टूडियो में 70 सालों तक गणपति उत्सव मनाया जाता रहा। हर साल पूरी कपूर फैमिली गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां पहुंचती थी और पूजा करती थी। बाद में यहीं से गणपति विसर्जन का जुलूस भी निकलता था, जिसमें कपूर फैमिली के रणधीर, ऋषि, राजीव, रणबीर कपूर सभी शामिल होते थे लेकिन 2018 में आरके स्टूडियो बिकते ही 70 साल पुरानी इस परंपरा का अंत हो गया। 2018 में आरके स्टूडियो में अंतिम बार गणेश उत्सव मनाते रणधीर कपूर-राजीव कपूर। 2017 में मुंबई के चेंबूर इलाके में स्थित आरके स्टूडियो में भीषण आग लग गई थी जिसकी वजह से यह पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। इसके बाद 2018 में कपूर खानदान ने इसे बेचने का फैसला किया। कहा जाता है कि इसे 250 करोड़ में बेचा गया। 1948 में आरके स्टूडियो की नींव रखी गई थी। इस स्टूडियो में 1948 में पहली फिल्म आग शूट की गई थी। इसके अलावा बरसात, आवारा और श्री 420 इस स्टूडियो में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक हैं। शो-मैन राज कपूर ने 70 साल पहले 1948 में आरके स्टूडियो की नींव रखी थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today bollywood celebs ganesh utsav latest news and facts https://ift.tt/34oH07m

स्टारडम के टॉप पर पहुंच चुके विनोद खन्ना महेश भट्ट के कहने पर ही में चले गए थे ओशो की शरण में, बन गए थे संन्यासी फिल्ममेकर महेश भट्ट एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिया चक्रवर्ती के साथ उनकी बातचीत के कुछ स्क्रीनशॉट सामने आए हैं। यह स्क्रीनशॉट 8 जून के हैं जब रिया ने सुशांत का घर छोड़ दिया था। रिया ने भट्ट को इस बात की जानकारी मैसेज करके दी थी जिसके बाद महेश भट्ट ने उन्हें पीछे ना मुड़कर देखने की सलाह दी थी। इससे पहले भी खबरें थीं कि महेश भट्ट ही वो शख्स हैं जिन्होंने रिया से कहा था कि वो सुशांत से दूरी बना लें। रिया ने ऐसा ही किया और 8 जून को सुशांत से दूर हो गईं जिसके बाद 14 जून को रहस्यमई हालत में सुशांत की मौत हो गई। वैसे, ये पहला मौका नहीं है जब महेश भट्ट किसी दूसरे सेलेब की जिंदगी के अहम फैसले लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले वह तब बेहद चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने दोस्त विनोद खन्ना को फिल्मी दुनिया छोड़ आध्यात्म की ओर जाने के लिए प्रेरित कर दिया था। भट्ट के कहने पर ओशो की शरण में गए विनोद खन्ना अस्सी के दशक में विनोद खन्ना स्टारडम के चरम पर थे। यही वो समय था जब उनकी लोकप्रियता अमिताभ बच्चन के बराबर हो चली थी। कहा जाने लगा था कि जल्द ही वह अमिताभ को पीछे छोड़ इंडस्ट्री के टॉप सुपरस्टार बन जाएंगे लेकिन इसी दौरान अपनी मां के देहांत से विनोद खन्ना टूट गए। इसी समय उनके दोस्त महेश भट्ट ने उन्हें आध्यात्म की ओर जाने की सलाह देते हुए ओशो रजनीश के बारे में बताया। एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा था, ज्यादा लोग नहीं जानते लेकिन मैं ही विनोद खन्ना को 'ओशो' रजनीश के पुणे आश्रम ले गया था। मां की मृत्यु से दुखी विनोद को मेरे साथ उस आश्रम में काफी सुकून मिला। हम दोनों संन्यासी बन गए। हम उन दिनों भगवा चोला पहना करते थे। कुछ समय बाद मैं आश्रम से निकल आया लेकिन विनोद वहीं रुक गए। उन्हें ओशो ने वहां रुकने के लिए मना लिया और फिर वह विनोद को अपने साथ अमेरिका ले गए। पांच वर्ष तक संन्यासी जीवन जीने के बाद विनोद फिर से मुंबई आ गए और फिल्मी दुनिया में दोबारा कदम रखा। विनोद खन्ना की फिल्मों में फिर से जगह बनाने की कोशिश नाकाम रही। ब्लेडर कैंसर के चलते 27 अप्रैल, 2017 को विनोद खन्ना का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर सुनकर महेश भट्ट ने एक फोटो शेयर करते ट्विटर पर लिखा था, वो भी क्या दिन थे मेरे दोस्त, वो दिन कभी खत्म नहीं हो सकते। हम हमेशा गाएंगे और डांस करेंगे। बेहद गहरी थी दोनों की दोस्ती महेश भट्ट को सबसे पहले विनोद खन्ना को 1979 में आई फिल्म 'लहू के दो रंग' में डायरेक्ट करने का मौका मिला था। तब विनोद खन्ना को इंडस्ट्री में पांच साल ही हुए थे। इसके बाद दोनों दोस्त बन गए। एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने कहा था, 'हम करीबी दोस्त थे। हम उनकी मर्सिडीज में ओशो आश्रम जाया करते थे। मेरे पास पैसा नहीं था। वह मेरी देखभाल करते थे और मेरी ट्रेवलिंग का खर्चा उठाते थे। वह सही मायनों में मेरे सीनियर थे।' महेश भट्ट ने विनोद खन्ना के साथ जुर्म (1990) और मार्ग (1992) में काम किया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today mahesh bhatt taken vinod khanna to osho ashram https://ift.tt/2EiAuUN

अभिनेता की गर्दन पर मिला था 33 सेंटीमीटर का 'गहरा निशान, पिता के वकील ने उठाए कई सवाल; जांच के लिए एम्स ने बनाई 5 सदस्यों की टीम अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी रिपोर्ट दैनिक भास्कर के हाथ लगी है। इस रिपोर्ट में उनके गले के पास 'लिगेचर मार्क' की बात लिखी गई है। लिगेचर मार्क को आम भाषा में 'गहरा निशान' कहते हैं। आमतौर पर ये 'यू' शेप का होता है, जो बताता है कि गला किसी रस्सी या उसी जैसी चीज से कसा गया है। इस बीच सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उनके पिता के वकील विकास सिंह ने सवालियां निशान लगाया है। उन्होंने कहा कि जिन बातों का मौत के वक्त जिक्र किया गया था, उस बात की डिटेल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय क्यों नहीं है। यह ऑटोप्सी रिपोर्ट कुल सात पन्नों की है। इस पेज पर सुशांत के शरीर पर मिले निशान का जिक्र है। सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुख्य पॉइंट्स सुशांत के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं दिखाई दिए। गले और सिर के आसपास कोई हड्डी टूटी हुई नहीं थी। पीएम रिपोर्ट मौत के वक्त का जिक्र नहीं है। सुशांत की बॉडी का कोरोना टेस्‍ट भी नहीं किया गया था। अभिनेता की गर्दन की परिधि 49.5 सेंटीमीटर थी। सुशांत के गले के नीचे 33 सेंटीमीटर का लंबा 'लिगेचर मार्क' मिला था। रस्सी का निशान ठुड्डी से 8 सेंटीमीटर नीचे था। गले के दाहिनी तरफ निशान की मोटाई 1 सेंटीमीटर थी। गले की बांई तरफ निशान की मोटाई 3.5 सेंटीमीटर थी। वकील विकास सिंह का पीएम रिपोर्ट को लेकर सवाल सुशांत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर झोल हैं। इसी झोल में छुपे राज को बेपर्दा करने की जरूरत है। पीएम रिपोर्ट में एक्टर की मौत का समय और जूस का जिक्र नहीं है। सुशांत के चेहरे पर निशान का रिपोर्ट में कहीं कोई जिक्र नहीं है। ऑटोप्सी की फाइलों की जांच करेगी एम्स की टीम एम्स ने सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी की फाइलों की जांच के लिए शुक्रवार को फॉरेंसिक विशेषज्ञों के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। सीबीआई ने इस मामले में शुक्रवार को एम्स से राय मांगी थी। एम्स के फॉरेंसिंक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता इस दल का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने बताया, ''हम हत्या की आशंका को देखेंगे, हालांकि सभी संभावित कोणों की गहराई से जांच की जाएगी।" उन्होंने बताया कि सुशांत के शरीर पर घाव के निशानों को देखकर परिस्थितिजन्य सबूतों से उनका मिलान किया जाएगा। गुप्ता ने कहा, ''संरक्षित विसरा की जांच की जाएगी। राजपूत को अवसाद दूर करने के लिए जो दवाएं दी जा रही थीं उनका विश्लेषण एम्स की प्रयोगशाला में किया जाएगा।" Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर 14 जून की है, जब अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का पार्थिव मुंबई के कूपर हॉस्पिटल ले जाया गया था। https://ift.tt/3j4bvTW

पत्नी के साथ पहुंचे सचिन पिलगांवकर का खुलासा- शोले में सिर्फ एक्टिंग ही नहीं की थी बल्कि कुछ सीन्स का डायरेक्शन भी किया था टीवी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' में इस वीकेंड गणेश उत्सव मनाया जाएगा। इस शुभ अवसर पर मशहूर कलाकार सचिन पिलगांवकर और उनकी पत्नी सुप्रिया पिलगांवकर खास मेहमान के रूप में नजर आएंगे। इस मल्टी टैलेंटेड पति-पत्नी की जोड़ी ने सभी एक्ट्स का जमकर मजा लिया और अपने करियर और निजी जिंदगी को लेकर कुछ दिलचस्प खुलासे भी किए। सचिन पिलगांवकर के बारे में ऐसा ही एक खुलासा शो में टीआरपी मामा जी के नाम से पहचाने जाने वाले परितोष त्रिपाठी ने किया। उन्होंने बताया कि सचिन ने फिल्म शोले (1975) में न सिर्फ काम किया था, बल्कि उन्होंने आंशिक रूप से इस फिल्म का निर्देशन भी किया था। मैंने ऋषिकेश मुखर्जी से एडिटिंग सीखी जब शो के लोगों ने इस बारे में जानना चाहा तो सचिन ने बताया, 'जब शोले बन रही थी, तब मैं 17 साल का था, लेकिन इस फिल्म पर काम तब से शुरू हो गया था, जब मैं सिर्फ 16 की उम्र में था। शोले की शूटिंग से पहले मैं अपने गुरुओं में से एक ऋषिकेश मुखर्जी से एडिटिंग सीख रहा था, जो उस समय के प्रसिद्ध एडिटर थे और हम सभी जानते हैं कि वे आगे चलकर एक मशहूर डायरेक्टर भी बने।' रमेश सिप्पी ने पूछा क्या एडिंटिंग करोगे? 'शोले की शूटिंग के दौरान मैं रमेश सिप्पी सर की कुर्सी के पीछे बैठकर देखता था कि वो कैसे हर शॉट लेते हैं और फिर उसे काटकर एडिट करते हैं। इसी दौरान सिप्पी सर ने कुछ दिनों तक मुझे देखा और फिर मुझसे पूछा कि क्या मैं एडिटिंग करना चाहूंगा। तो मैंने उन्हें बताया कि मैंने दो साल तक ऋषिकेश सर से इसका प्रशिक्षण लिया है और उनके लिए काम भी किया है। इस तरह मिला डायरेक्शन का मौका आगे फिल्म के डायरेक्शन के बारे में बताते हुए सचिन ने कहा, 'रमेश सिप्पी ने मुझसे पूछा था कि क्या मैं उन दो प्रतिनिधियों में से एक बनना चाहूंगा, जिन पर वो इस फिल्म के एक एक्शन सीक्वेंस के लिए भरोसा कर सकते हैं, क्योंकि वो उस हिस्से की शूटिंग के लिए मौजूद नहीं रह पा रहे थे और इसके लिए उन्हें दो प्रतिनिधियों की जरूरत थी।' वो बोले- उम्र कोई मायने नहीं रखती 'उनकी बात सुनकर मैं बहुत खुश हो गया और मैंने कहा, 'मैं इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे संभाल सकता हूं? मैं तो सिर्फ 17 साल का हूं।' इस पर उन्होंने कहा, 'उम्र कोई मायने नहीं रखती और मुझे इसमें कोई तर्क नजर नहीं आता। आप इस इंडस्ट्री में तब से हैं, जब आप साढ़े 4 साल के थे और मैं आपको 17 साल का नहीं, बल्कि 27 साल के एक प्रोफेशनल की तरह देखता हूं।' अमजद खान थे उनके दूसरे प्रतिनिधि सचिन के मुताबिक 'इस काम के लिए दूसरे प्रतिनिधि थे अमजद खान, जिन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में एक्टिंग, डायरेक्टिंग आदि के लिए अनेक अवॉर्ड्स जीते थे। वो बहुत टैलेंटेड थे और मैं उन्हें मंजू भाई कहकर बुलाता था।' लकड़ी के लट्ठे वाला सीन मैंने शूट किया था 'इस फिल्म में एक दृश्य है, जहां संजीव कुमार के साथ धरम जी और अमित जी हाथों में हथकड़ी लगाए ट्रेन में जा रहे हैं। केवल इतना हिस्सा ही रमेश जी ने शूट किया था और बाकी का एक्शन सीक्वेंस अमजद और मैंने पूरा किया था।' 'मुझे याद है एक एक्शन दृश्य में मुझे लगा था कि एक साथ लकड़ी के लट्ठे लुढ़कते दिखेंगे तो यह पर्दे पर बहुत प्रभावशाली लगेगा। रमेश जी को यह सीक्वेंस बहुत अच्छा लगा और उन्होंने मेरी पीठ भी थपथपाई थी। वो वाकई बहुत बड़े दिल के इंसान हैं।' ऋषिकेश मुखर्जी मुझे सचू बाबा कहते थे सचिन ने कहा, 'मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे फिल्म आनंद (1971) के लिए ऋषि दा के साथ काम करने का मौका मिला। इस फिल्म के लिए मैंने नेगेटिव्स काटने का काम किया था। ऋषिकेश सर कहते थे, 'नेगेटिव्स सचू बाबा काटेगा।' वे मुझे सचू बाबा कहकर बुलाते थे।' आगे उन्होंने बताया कि ऋषिकेश मुखर्जी, मीना कुमारी, बलराज साहनी, रमेश सिप्पी और गुरुदत्त जैसे दिग्गज कलाकार युवाओं को बहुत से अवसर देते थे और हमेशा उनका मार्गदर्शन करते थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मशहूर कलाकार सचिन पिलगांवकर और उनकी पत्नी सुप्रिया पिलगांवकर। https://ift.tt/3aKIUA4

सीन को रीक्रियेट और कुछ अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर सकती है सीबीआई, अब तक जमा किए ये सबूत; अटॉप्सी की फाइलों की जांच के लिए एम्स की पांच सदस्यीय टीम बनी अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी के बाद सीबीआई की 16 सदस्यों की टीम मुंबई में है। टीम आज सुशांत के बांद्रा स्थित घर जाकर सीन को रीक्रिएट कर सकती है। इसके अलावा इस केस से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ भी कर सकती है। जिसमें सुशांत के घर काम करने वाले दीपेश सावंत और केशव बचनेर भी शामिल हैं। सीबीआई इस केस के सबसे अहम गवाह सिद्धार्थ पिठानी से भी आज या कल पूछताछ कर सकती है। अटॉप्सी की फाइलों की जांच करेगी एम्स की टीम एम्स ने सुशांत सिंह राजपूत की अटॉप्सी की फाइलों की जांच के लिए शुक्रवार को फॉरेंसिंक विशेषज्ञों के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। सीबीआई ने इस मामले में शुक्रवार को एम्स से राय मांगी थी। एम्स के फॉरेंसिंक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता इस दल का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने बताया, ''हम हत्या की आशंका को देखेंगे, हालांकि सभी संभावित कोणों की गहराई से जांच की जाएगी।" उन्होंने बताया कि सुशांत के शरीर पर घाव के निशानों को देखकर परिस्थितिजन्य सबूतों से उनका मिलान किया जाएगा। गुप्ता ने कहा, ''संरक्षित विसरा की जांच की जाएगी। राजपूत को अवसाद दूर करने के लिए जो दवाएं दी जा रही थीं उनका विश्लेषण एम्स की प्रयोगशाला में किया जाएगा।" सीबीआई ने इन चीजों को मुंबई पुलिस से अपने कब्जे में लिया सुशांत के 3 मोबाइल फोन, सुशांत का लैपटॉप। जिसमें सुशांत ने जूस पिया था वो मग। सुशांत ने उस समय जो कपड़े पहने थे और फंदे के लिए इस्तेमाल में किए गए हरे रंग का कपड़ा। ऑटोप्सी और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सीबीआई को मिल गई है। सुशांत के घर और फॉर्म हाउस से बरामद डायरी। 13 से 14 जून की सीसीटीवी फुटेज भी सीबीआई को सौंपी गई हैं। रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती और इस केस से जुड़े सभी लोगों की सीडीआर। 56 गवाहों के बयान की कॉपी भी सीबीआई की टीम ने मुंबई पुलिस से ली है। मुंबई पुलिस के अधिकारियों से पूछताछ सीबीआई की टीम ने मुंबई पुलिस के डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे से भी शुक्रवार को पूछताछ की है। रिया चक्रवर्ती की कॉल हिस्‍ट्री से यह भी पता चला है कि सुशांत की मौत की जांच के बीच रिया की अभ‍िषेक त्र‍िमुखे से कई बार बात हुई थी। यह भी चर्चा है कि आज सीबीआई की टीम डीसीपी रैंक के अधिकारी परमजीत सिंह दहिया से भी पूछताछ करगेी। सुशांत के जीजाजी ने सुशांत की मौत से कुछ महीने पहले डीसीपी दहिया को मैसेज कर सुशांत की जान को खतरा बताया था। सीबीआई टीम ने इसके अलावा इस केस से जुड़े बांद्रा पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बात की है। टीम शुक्रवार को तकरीबन 10 घंटे तक बांद्रा पुलिस स्टेशन में रही। सीबीआई को इन पॉइंट्स का पता लगाना है सीबीआई की जांच बिहार पुलिस की एफआईआर पर बेस्ड होगी। इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया था। उस एफआईआर में आईपीसी की धारा 341, 348, 380, 406, 420, 306 और 120बी शामिल हैं। इसके अलावा, सीबीआई को इन पॉइंट्स का पता लगाना है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत खुदकुशी है या मर्डर? दोनों के पीछे का कारण। सुशांत की मौत में रिया, उनके परिवार, बॉलीवुड से जुड़े लोग और उसके घर पर काम करने वाले लोगों की क्या भूमिका थी? पैसों के लेन-देन, कमाई और सुशांत के पिता द्वारा लगाये आरोपों की जांच करना। सुशांत की बीमारी, उनके डिप्रेशन की थ्योरी और उनके डॉक्टर्स के दावों की पड़ताल करना। पिता ने डॉक्टर्स पर भी संदेह जताया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की सच्चाई को परखना और फॉरेंसिक रिपोर्ट से इसका मिलान करना। कॉल डिटेल्स की पड़ताल और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के सहारे इस केस की तह तक जाने का प्रयास किया जाएगा। 13 और 14 जून का पूरा सच सामने लाने की पूरी जिम्मेदारी भी सीबीआई के कंधों पर रहेगी। सीबीआई के सामने 3 चुनौतियां 1. सुशांत की मौत को 60 से ज्यादा दिन हो गए हैं। क्राइम सीन पर साक्ष्य पूरी तरह मिट चुके होंगे। सीबीआई के पास सिर्फ मौके से ली गई तस्वीरें ही सहारा होंगी। 2. मुंबई पुलिस का पूरा रिकॉर्ड मराठी भाषा में है और उसे मराठी से इंग्लिश में ट्रांसलेशन कराने में लंबा वक्त लग सकता है। इनमें 56 गवाहों के बयान भी शामिल हैं। 3. सुशांत की मौत का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है। केवल एक आदमी है जिसने डेड बॉडी को लटके देखा और उसने भी डेड बॉडी उतार दी। ऐसे में डेड बॉडी कहां और कैसे लटकी हुई थी उसके पैर कहां पर थे इन बातों को समझने के लिए भी सीबीआई को मशक्कत करनी पड़ेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बांद्रा पुलिस स्टेशन में सीबीआई की टीम शुक्रवार को तकरीबन 10 घंटे से जायदा समय तक रही और इस दौरान उन्होंने कई सबूत अपने कब्जे में लिए। https://ift.tt/2Yof5k9

सुशांत का घर छोड़ने के बाद रिया ने लिखा था- 'आपने मुझे फिर बचा लिया', जब अभिनेता की मौत हुई तो भट्ट ने रिया को कॉल करने को कहा था महेश भट्ट और रिया चक्रवर्ती के बीच हुई वॉट्सऐप चैट के कुछ और स्क्रीन शॉट सामने आए हैं। ये स्क्रीनशॉट 9 जून से 15 जून तक के हैं। रिया ने 8 जून को सुशांत सिंह राजपूत का घर छोड़ दिया था और 9 जून की रात करीब 10: 20 बजे उन्होंने भट्ट को मैसेज किया था, जिसमें लिखा था, "मेरे एंजल मैं आपके बगैर क्या कर सकती थी। आई लव यू सर। आपने मुझे एक बार फिर बचा लिया।" जवाब में भट्ट ने फोल्डिंग हैंड की इमोजी शेयर की थी और फिर रिया ने दिल की इमोजी से उनका आभार जताया था। सुशांत की मौत के महेश भट्ट का मैसेज- मुझे कॉल करो 14 जून की दोपहर जब न्यूज चैनल्स और वेबसाइट्स पर सुशांत की मौत की खबर ब्रेक हुई, तब महेश भट्ट ने रिया को मैसेज किया था। 2:35 बजे उन्होंने रिया को लिखा, "कॉल मी" (मुझे कॉल करो)। इसके बाद रिया ने उनसे बात की या नहीं, इसका खुलासा नहीं हुआ। लेकिन शाम 4:01 और 5:13 बजे रिया के फोन पर महेश भट्ट के दो वॉयस मिस्ड कॉल जरूर थे। सुबह 9:36 बजे से शुरू हो गई थी चैटिंग सुशांत की मौत के पहले 14 जून की सुबह रिया ने महेश भट्ट को पहला मैसेज किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, "गुड मॉर्निंग सर। मैं मॉर्निंग कोट के जरिए आपकी एनर्जी के डेली डोज की डिमांड करती हूं, जो आप रोज वॉट्सऐप पर भेजते हैं। बस। लव यू।" जवाब में भट्ट ने एक अंग्रेजी कोट भेजा, जिसका हिंदी अनुवाद है, "भावनाएं हवा से भरे आकाश में बादलों की तरह आती-जाती रहती हैं। होश ही मेरा एंकर है।" इसके बाद रिया ने फोल्डिंग हैंड की इमोजी से उनका शुक्रिया अदा किया। फिर महेश भट्ट ने लिखा, "लव यू चाइल्ड" और रिया ने दिल की इमोजी बनाते हुए "लव यू सर माय एंजल" लिखकर रिप्लाई किया। भट्ट और रिया के बीच ये मैसेज सुबह 9:36 बजे से 10:05 बजे के बीच एक्सचेंज हुए। 10 से 13 जून के बीच का कन्वर्सेशन 10 जून को महेश भट्ट ने रिया को अंग्रेजी कोट भेजा, जिसका हिंदी अनुवाद है, "जिंदगी को जीना है, कंट्रोल, नहीं करना है और निश्चित हार के सामने खेलना जारी रखकर मानवता को जीता जाता है।" 11 जून को भी भट्ट ने कोट भेजा, जिसका अनुवाद है, "कभी-कभी आपको चीजों को जस का तस देखने के लिए एक कदम पीछे हटना होता है, फिर दूसरा और फिर कुछ और।" जवाब में रिया ने लिखा था, "सही है। अभी भी मेरी नजर अपने विजन को वापस पाने पर है। गुड मॉर्निंग।" 13 जून को महेश भट्ट ने जो विचार भेजा, उसका हिंदी अनुवाद कुछ इस प्रकार है, "अकेलापन पर्सनल क्रिएटिविटी और खुद की पहचान के बीज को पनपाने में अहम भूमिका निभाता है।" 8 जून को लिखा था- पीछे मुड़कर मत देखना इससे पहले रिया चक्रवर्ती और महेश भट्ट के बीच 8 जून को रात 7:43 से 8:08 बजे के बीच हुई वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट वायरल हुए थे। यही वो दिन था, जब रिया सुशांत का घर छोड़कर चली गई थीं। चैट के मुताबिक, भट्ट ने रिया को पीछे मुड़कर न देखने की सलाह दी थी। (पढ़ें पूरी खबर) सुशांत केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं... 1. सुशांत के शव के सामने रिया के अंतिम शब्द:फिल्ममेकर सुरजीत सिंह राठौर एक्ट्रेस को मॉर्चरी में ले गए थे, बोले- सुशांत के सीने पर हाथ रखकर रिया ने 'सॉरी बाबू' कहा था 2. रिया चक्रवर्ती-महेश भट्ट की वॉट्सऐप चैट वायरल:सुशांत का घर छोड़ने के बाद रिया ने किया था महेश भट्ट को मैसेज, जवाब में भट्ट ने कहा था- पीछे मुड़कर मत देखना 3. रिया चक्रवर्ती का नया दावा:एक्ट्रेस के वकील ने कहा- मौत से पहले सुशांत फोन पर रोते थे, परिवार को मुंबई बुला रहे थे, जब उनकी बहन आने को तैयार हुईं तो उन्होंने रिया को उनके घर भेज दिया Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वायरल चैट के मुताबिक, 8 जून को सुशांत सिंह राजपूत का घर छोड़ने के बाद से रिया चक्रवर्ती लगातार महेश भट्ट के संपर्क में थीं। https://ift.tt/3laAc2T

सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर बोले सिंगर मीका सिंह, अच्छा काम करने के बावजूद ट्रोल होने पर दुख होता है इस हफ्ते 'द कपिल शर्मा शो' के मंच पर सिंगर मीका सिंह नजर आएंगे। इस दौरान दोनों सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर भी बात करते नजर आएंगे। मीका का कहना है कि सोशल मीडिया पर सभी को ट्रोलर्स का गुस्सा झेलना पड़ता है। लेकिन अब मैंने उन सभी को जवाब देना शुरू कर दिया है। शो के दौरान जब कपिल ने बताया कि किस तरह सेलिब्रिटीज को अपनी पोस्ट्स पर नेगेटिव कमेंट्स का सामना करना पड़ता है। तो मीका ने कहा, 'सोशल मीडिया पर सभी को ट्रोलर्स का गुस्सा झेलना ही पड़ता है। मुझे समझ नहीं आता कि वो हमेशा इतने आक्रामक क्यों रहते हैं।' अच्छे काम को दिखावा बताने पर दुख होता है आगे मीका ने कहा, 'अपनी एनजीओ के जरिए हम पिछले तीन महीनों से रोजाना एक हजार लोगों को भोजन मुहैया करा रहे हैं। फिर भी मुझे इस तरह की टिप्पणियों से ट्रोल किया जा रहा है कि ‘सब कुछ दिखावा है’, ‘टैक्स बचा रहा है’। इससे मुझे वाकई बहुत दुख होता है।' मीका के मुताबिक, 'इसके बाद मैंने अपने मैनेजर से पूछा कि हमारे स्टाफ में कितने लोग हैं और फिर उनसे कहा कि इन सभी ऑनलाइन हेटर्स को जवाब देना शुरू करें। तब से मैं चैन से सो रहा हूं क्योंकि अब इन ट्रोलर्स का बराबर ख्याल रखा जा रहा है।” फेक आईडी से जुड़ा किस्सा बताया मीका ने आगे बताते हुए कहा, 'कपिल ने एक बार अपने शो में सोनाक्षी के सामने मेरा एक सीक्रेट बता दिया था। दरअसल, मेरा सोशल मीडिया पर एक फेक आईडी भी है। तो जब ट्रोलर्स मुझे टारगेट करते हैं तो मैं अपनी उसी फेक आईडी से इसका जवाब देता हूं।' कपिल ने खोल दिया था मीका का राज 'सोशल मीडिया पर हुई एक ऐसी ही मुठभेड़ के दौरान मैंने एक ट्रोलर को अपनी फेक आईडी से जवाब दिया, तो उसने तुरंत मुझे पलटकर जवाब देते हुए कहा– ‘तू चुप कर, मुझे पता है तू मीका है।’ मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि उसने मुझे पकड़ लिया। जब मैंने उससे पूछा कि उसे कैसे पता चला तो उसने बताया कि कपिल ने अपने एक एपिसोड में इस बात का जिक्र किया था।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Singer Mika Singh says, despite doing good work it hurts to be trolled https://ift.tt/3hvLMmU

घर पर पहली बार गणपति स्थापना कर रहीं मानुषी छिल्लर, शिल्पा शेट्टी बोलीं- इस बार ये पर्व सिर्फ परिवार के लोगों तक सीमित रहेगा फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने भी इस साल गणपति उत्सव की तैयारियां कर ली हैं। अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म 'पृथ्वीराज चौहान' से डेब्यू करने जा रही एक्ट्रेस मानुषी छिल्लर इस साल पहली बार अपने घर पर गणपति स्थापना करेंगी और इस बात से वे खासी रोमांचित हैं। वहीं शिल्पा शेट्टी इस साल इसे परिवार के सदस्यों के साथ सीमित रखते हुए सेलिब्रेट करेंगी। 23 वर्षीय पूर्व मिस वर्ल्ड मूल रूप से हरियाणा से हैं, लेकिन अब मुंबई भी उनका घर है और वे अपने पूरे परिवार के साथ अपने घर पर गणेश उत्सव मनाना चाहती हैं। वे कहती हैं, 'मेरे माता-पिता हमेशा चाहते थे कि मैं विभिन्न संस्कृतियों का अनुभव करूं और उनका जश्न मनाऊं।' मानुषी ने कहा, 'मैं हरियाणा से हूं, लेकिन मुंबई भी मेरा घर है। जब मैंने पहली बार शहर में गणपति महोत्सव का अनुभव किया तो इससे काफी रोमांचित हुई थी। महाराष्ट्र में लोग जिस ऊर्जा, प्यार और जुनून जिसके साथ गणपति को मनाते हैं वो वास्तव में विशेष है।' स्थापना को लेकर रोमांचित हैं मानुषी आगे उन्होंने कहा, 'यहां का उत्सव देख मुझे भी गणेश पूजा की इच्छा हुई और मैंने उसी वक्त गणपति की स्थापना करने का फैसला कर लिया। मुझे याद है कि मैंने अपने माता-पिता से कहा था कि मैं घर पर गणपति पूजा करना चाहती हूं और उन्होंने तुरंत हां कह दिया। इससे मैं रोमांचित थी। 'मैं अपने घर पर गणपति को रख रही हूं और ये पहला साल है और मुझे इससे ज्यादा खुशी नहीं मिल सकती। ये मेरे लिए बेहद खास पल है और मैं सभी की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करूंगी।' करेंगी इको-फ्रेंडली गणपति की स्थापना मानुषी के अनुसार, 'मैं जो गणपति रख रही हूं, वो मूर्ति इको-फ्रेंडली हैं। मूर्ति में बीज डाला गया है और इसलिए मैं इसका विसर्जन भी घर पर ही मिट्टी के गमले में ही करूंगी। मैं बीजों का अच्छी तरह से ख्याल रखना चाहती हूं, ताकि यह अंकुरित हो।' आगे उन्होंने कहा, 'त्योहारों को मनाना काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लोगों और संस्कृतियों को करीब लाता है। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मना सकें, तो हम प्रकृति संरक्षण की दिशा में भी योगदान करेंगे।' शिल्पा शेट्टी ग्राउंड फ्लोर पर नहीं करेंगी स्थापना उधर शिल्पा शेट्टी ने गणपति स्थापना को लेकर कहा, 'इस वर्ष कोविड-19 महामारी के प्रभाव के चलते ये उत्सव परिवार के साथ सीमित सा मामला होने वाला है। हर साल हम बप्पा को ग्राउंड फ्लोर पर लाते थे, लेकिन इस बार हम उन्हें ऊपरी मंजिल पर लाएंगे, क्योंकि इस बार बाहरी लोग तो आएंगे नहीं, सिर्फ फैमिली के लोग ही मौजूद रहेंगे।' समिशा का अन्नप्राशन भी होगा उन्होंने कहा, 'हम इस बार सत्यनारायण पूजा करेंगे, सात्विक भोजन करेंगे, घर पर खाना बनाया जाएगा। 22 तारीख को मैं अपनी बेटी समिशा को अपना पहला 'अनाज' (ठोस) खिलाऊंगी। इसे 'अन्नप्राशन' कहा जाता है। भले ही यह कम महत्वपूर्ण हो, लेकिन फिर भी यह बहुत खास होगा।' भगवान की कृपा सब पर बरसे शिल्पा ने कहा, 'मुझे लगता है कि इस महामारी ने हम सभी को बहुत सारी चीजों का एहसास कराया है, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आवश्यकता और विलासिता के बीच का अंतर। इस स्वास्थ्य संकट को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इसलिए सामाजिक दूरी पालन करने के मानदंडों को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।' आखिरी में उन्होंने कहा, 'यहां उम्मीद है कि भगवान गणपति हम सभी पर अपनी कृपा बरसाएंगे और सभी चिंताओं को दूर करेंगे।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मानुषी छिल्लर और शिल्पा शेट्टी। https://ift.tt/3j6fxvk