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बिग बी ने भावुक होते हुए आइसोलेशन वार्ड से ब्लॉग में लिखा- निकट प्राण , संबंध निकट, वो आत्मा नहीं रही 22 दिन से नानावटी हॉस्पिटल में कोविड-19 का इलाज करा रहे महानायक अमिताभ बच्चन ने आइसोलेशन वार्ड से ही अपने दोस्त और पॉलिटिशियन अमर सिंह को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने शनिवार शाम अपने ब्लॉग और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक फोटो साझा की है, जिसमें वे गर्दन झुकाए दिखाई दे रहे हैं। बिग बी ने सोशल मीडिया पर फोटो को कोई कैप्शन नहीं दिया है। लेकिन ब्लॉग पर इसके साथ अमर सिंह के सम्मान में दो इमोशनल लाइन लिखी हैं। अमिताभ ने लिखा है- "शोक ग्रस्त , मस्तिष्क झुका , प्रार्थनाएं केवल रहीं, निकट प्राण , संबंध निकट, वो आत्मा नहीं रही !" अमिताभ बच्चन का ब्लॉग। कभी बच्चन परिवार के बेहद करीब थे अमर सिंह एक समय था, जब अमर सिंह बच्चन परिवार के काफी करीब थे। कहा जाता है कि वे ही जया बच्चन को समाजवादी पार्टी में लेकर आए थे। हालांकि, 2012 में अनिल अंबानी की पार्टी में जया के साथ हुई कहा-सुनी के बाद बच्चन परिवार से उनके रिश्ते खराब हो गए थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "अमिताभ ने उस झगड़े में अपनी पत्नी का साथ दिया था। तभी से हमारे बीच दूरियां बढ़ गईं थीं।" बच्चन परिवार पर लगाए थे कई आरोप एक म्यूजिक एल्बम की लॉन्चिंग पर अमर सिंह ने कहा था, "अमिताभ बच्चन एक ऐसे एक्टर हैं, जो कई आपराधिक मामलों में लिप्त हैं। पनामा पेपर्स विवाद में भी उनका नाम आ चुका है।" एक अन्य कार्यक्रम के दौरान अमर सिंह ने कहा था, "ऐश्वर्या मेरी बहुत इज्जत करती है। अभिषेक ने भी आज तक मेरे खिलाफ कुछ नहीं कहा। मुझे अमिताभ बच्चन से भी कोई गिला नहीं है। उन्होंने खुद मुझे चेतावनी दी थी कि मैं जया बच्चन को पॉलिटिकल फील्ड में न उतारूं। मैंने ही उनकी भली सलाह नहीं मानी।" फरवरी में बच्चन परिवार से मांगी थी माफी अमर सिंह ने 18 फरवरी 2020 को अमिताभ बच्चन से माफी मांगी थी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, "आज मेरे पिताजी की पुण्यतिथि है और मुझे इसी वजह से अमिताभ बच्चन जी ने मैसेज भेजा। जिंदगी के ऐसे मोड़ पर जब मैं जीवन और मौत के संघर्ष में जूझ रहा हूं, मैं अमित जी और उनके परिवार के प्रति बेवजह की बयानबाजी के लिए खेद प्रकट करता हूं। भगवान उन सबकी रक्षा करे।" अमर सिंह ने 10 साल पुरानी बातें याद की थीं अमर सिंह ने ट्वीट के अलावा फेसबुक पर वीडियो भी पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा- "पिछले 10 वर्षों से मैं न सिर्फ बच्चन परिवार से दूर रहा, बल्कि यह भी प्रयत्न किया कि उनके दिल में मेरे लिए नफरत हो। लेकिन, आज अमिताभ बच्चनजी ने फिर मेरे पिताजी का स्मरण किया तो मुझे ऐसा लगा कि इसी सिंगापुर में 10 साल पहले गुर्दे की बीमारी के लिए मैं और अमित जी लगभग 2 महीने तक साथ रहे थे और इसके बाद हमारा और उनका साथ छूट सा गया। 10 साल बीत जाने पर भी उनकी निरंतरता में कोई बाधा नहीं आई और वे लगातार अनेक अवसरों पर, चाहे मेरा जन्मदिन हो या पिताजी के स्वर्गवास का दिन हो.. वे हर दिन का स्मरण कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहे हैं। मुझे लगता है कि मैंने अनावश्यक रूप से ज्यादा उग्रता दिखाई। 60 से ऊपर जीवन की संध्या होती है। एक बार फिर मैं जिंदगी और मौत की चुनौती के बीच से गुजर रहा हूं। वे मुझसे उम्र में बड़े हैं इसलिए उनके प्रति मुझे नर्मी रखनी चाहिए थी और जो कटुवचन मैंने बोला है, उसके लिए खेद भी प्रकट कर देना चाहिए। मेरे मन में कटुता और नफरत से ज्यादा उनके व्यवहार के प्रति निराशा रही, लेकिन उनके मन में न तो कटुता है और न ही निराशा। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि सबको ईश्वर उनके कर्मों के अनुसार यथोचित न्याय दे। हमें सब ईश्वर पर छोड़ना चाहिए बजाय इसके कि हम उसके काम में खुद दखल दें। अमित जी बहुत-बहुत धन्यवाद। " Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 2012 में अमिताभ बच्चन और अमर सिंह के रिश्ते में दरार आई थी। बताया जाता है कि अनिल अंबानी की एक पार्टी में जया बच्चन और अमर सिंह के बीच हुई कहासुनी के बाद ऐसा हुआ था। https://ift.tt/2PfIFmX

करन जौहर-काजोल से अजय देवगन-रोहित शेट्टी तक, बॉलीवुड के वे सेलेब्स, जो लड़े- झगड़े, अलग हुए, लेकिन अब भी हैं अच्छे दोस्त हर किसी की जिंदगी में दोस्त बेहद अहम होते हैं। हम सभी की तरह बॉलीवुड सेलेब्स के भी कुछ खास दोस्त हैं और उनकी दोस्ती सालों पुरानी है। हर किसी की तरह ये सेलेब्स अपने दोस्तों के साथ लड़ते भी हैं और फिर दोबारा एक हो जाते हैं। जानते हैं बॉलीवुड के कुछ बेस्ट फ्रेंड्स के बारे में... 1. काजोल और करन जौहर करन जौहर और काजोल की दोस्ती और झगड़ा किसी से छुपा नहीं है। दोनों की दोस्ती फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' के साथ शुरू हुई। यह दोस्ती इतनी गहरी थी कि हर छोटी-बड़ी खुशी में दोनों एक साथ नजर आते। करन की कई फिल्मों में काजोल ही लीड होती और नहीं तो वो किसी न किसी रूप में उनकी फिल्म में नजर आ ही जाती थीं। लेकिन एक वक्त ऐसा आया कि दोनों के बीच में दरार पड़ गई। वजह थी करन की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' और काजोल के पति अजय की फिल्म 'शिवाय' का एक साथ रिलीज होना। दोनों अपनी फिल्मों की रिलीज डेट बदलने को तैयार नहीं हुए तो काजोल ने पति का साथ देते हुए करन से बातचीत बंद कर दी। दोनों की फिल्म एक साथ रिलीज हुई और अजय की फिल्म को काफी नुकसान हुआ। इसके बाद दोनों के रिश्ते और भी खट्टे हो गए। बात यहां तक पहुंच गई की करन ने अपनी बायोग्राफी में काजोल के नाम का जिक्र तक नहीं किया। कहते हैं समय सारे घाव भर देता है। दोनों को एक बार फिर अपनी दोस्त याद आई और करन ने काजोल को अपने बुक में शामिल न करने के लिए नेशनल टेलीविजन पर माफी मांगी। आज एक बार फिर ये दोनों अच्छे दोस्त हैं। 2. अजय देवगन और रोहित शेट्टी काजोल की तरह अजय देवगन भी दोस्ती निभाने में किसी से कम नहीं हैं। अजय देवगन और रोहित शेट्टी बचपन के दोस्त हैं। यही वजह है कि रोहित की ज्यादतर फिल्मों में अजय लीड रोल में नजर आते हैं। लेकिन कुछ वक्त पहले रोहित ने शाहरुख खान को ‘दिलवाले’ में कास्ट किया। इस बात से अजय और रोहित के बीच दूरियां आईं। इस फिल्म के फ्लॉप होने के बाद रोहित ने ये साफ कर दिया था कि वो आज जो कुछ है वो अजय की वजह से हैं। रोहित ने कहा था- 'अजय ने तब मेरा साथ दिया था जब मेरी फिल्में चल नहीं रही थीं। अजय ने मुझ पर भरोसा दिखाया था और मेरी फ्लॉप फिल्म के बाद भी मेरे साथ काम किया।' रोहित के इस बयान के बाद अजय ने भी पुरानी बातें भुला कर रोहित और खुद की अटूट दोस्ती का परिचय दिया था। 3. फराह खान और शाहरुख खान फराह खान और शाहरुख खान बॉलीवुड में सबसे गहरे दोस्तों में से एक हैं। दोनों एक-दूसरे की फिल्मों का हिस्सा रहते हैं। लेकिन कुछ साल पहले इन दोनों के बीच में दरार आ गई थी। दरअसल फराह खान के पति शिरीष कुंदर शाहरुख को अपनी एक फिल्म में कास्ट करना चाहते थे, लेकिन शाहरुख ने उनकी फिल्म करने से मना कर दिया। ऐसे में फराह ने अपने पति का साथ दिया और शाहरुख से दूरी बना ली। तकरीबन 5 साल दोनों के बीच में कोल्ड वॉर चला। लेकिन अब दोनों के रिश्ते एक बार फिर सामान्य हो चुके हैं। 4. सलमान खान और संजय दत्त सलमान और संजय दत्त बेस्ट फ्रेंड्स हैं। कुछ साल पहले जब 'बिग बॉस सीजन 5' संजय दत्त होस्ट कर रहे थे, तब अचानक मेकर्स ने उन्हें रिप्लेस कर सलमान को ही दोबारा होस्ट बना दिया था। तब खूब खबरें आई थीं कि मेकर्स के इस फैसले का असर स्टार्स के रिश्ते पर पड़ा है और दोनों ने एक दूसरे से बात करना बंद कर दिया है। लेकिन दोनों के बीच कोई परेशानी नहीं है। जब संजय दत्त जेल में थे सलमान उनसे मुलाकात करने भी पहुंचे थे। वहीं संजय कई मौके पर कह चुके हैं कि सलमान उनके अच्छे दोस्त हैं और हमेशा रहेंगे। 5.अनुष्का शर्मा और कटरीना कैफ अनुष्का शर्मा और कटरीना कैफ की दोस्ती भी किसी से छुपी नहीं है। दोनों ने एक साथ शाहरुख खान स्टारर फिल्म 'जब तक है जान' और 'जीरो' में काम किया है। दोनों को कई चैट शोज में एक साथ देखा गया, जहां ये एक्ट्रेस एक-दूसरे की तारीफें करती दिखीं। लेकिन इनके बीच भी कुछ वक्त पहले छोटी सी लड़ाई हो गई थी जिसके बाद दोनों ने कुछ वक्त के लिए एक दूसरे से दूरी बना ली थीं। दरअसल कटरीना के मेकअप मैन ने उन्हें को छोड़ अनुष्का के साथ काम करना शुरू कर दिया था, जिस वजह से वेअनुष्का से नाराज हो गई थीं। लेकिन फिल्म 'जीरो' के साथ दोनों के बीच ये खटास खत्म हो गई। 6. रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर अर्जुन कपूर और रणवीर सिंह फिल्मों में आने से पहले से ही एक-दूसरे के अच्छे दोस्त हैं। लेकिन फिल्म 'गुंडे' के दौरान दोनों के बीच इगो की तकरार शुरू हो गई थी। दोनों को एक-दूसरे की मौजूदगी खटकती थी। लेकिन कुछ ही वक्त में इन दोनों ने अपने बीच की दूरियों को खत्म कर लिया। अब इन्हें ज्यादातर अवॉर्ड फंक्शन्स, चैट शोज और सोशल मीडिया पर एक दूसरे की टांग खींचते हुए देखा जाता है। दोनों कई बार ये कहते हुए भी नजर आते हैं- 'ये दोस्ती हम कभी नहीं तोड़ेंगे।' 7. सलमान खान और शाहरुख खान दोस्ती की बात हो और सलमान खान-शाहरुख खान का नाम न आए, ऐसा नहीं हो सकता। हालांकि, कुछ समय पहले दोनों के रिश्तों में थोड़ी खटास आ गई थी। वजह थी ऐश्वर्या राय बच्चन। दरअसल उन दिनों सलमान-ऐश्वर्या का ब्रेकअप हुआ था और ऐश शाहरुख की फिल्म में काम कर रहीं थीं। सलमान ने शाहरुख के फिल्म सेट पर जाकर खूब हंगामा किया था। इसके बाद दोनों की दोस्ती में खटास आ गई। कुछ वक्त बाद दोनों की दोस्ती हुई, लेकिन 2008 में कटरीना कैफ की पार्टी में नशे में धुत स्टार्स एक बार फिर उलझ गए। दोनों के बीच हाथापाई हुई। इस झगड़े के बाद कई सालों तक दोनों के बीच बातचीत बंद रही। 2014 में बाबा सिद्दीकी की इफ्तार पार्टी में दोनों एक बार फिर गिले-शिकवे भुला कर गले मिले। आज दोनों अच्छे दोस्त हैं। 8. सलमान खान और प्रिटी जिंटा सलमान खान अपने बड़े दिल के लिए जाने जाते हैं। लेकिन जब बात दोस्ती की आती है तो उनका सबसे अच्छा दोस्त बॉलीवुड में कोई और नहीं बल्कि प्रिटी जिंटा हैं। प्रिटी ने जब एक्टिंग से ब्रेक लेकर प्रोड्यूसर बनने का मन बनाया तो वे बड़ी फाइनेंशियल परेशानियों पर फंस गई थीं। कारण था उनकी फिल्म का डिले होना। एक वक्त ऐसा आया जब प्रिटी को लगा कि अब न फिल्म बनेगी और न ही वो अपना पैसा बचा पाएंगी तब सलमान ने उनकी मदद की और उन्हें फाइनेंशियल सपोर्ट कर उनकी फिल्म 'इश्क इन पेरिस' को पूरा करने और रिलीज कराई। प्रिटी कई बार कह चुकी हैं कि सलमान ऐसे शख्स हैं, जिनके लिए वो चट्टान की तरह खड़ी रहेंगी। दोनों के बीच कभी कोई खटास नहीं आई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today FriendShip Day Special: Bollywood stars who are best friends in real life https://ift.tt/2XjmrEU

जब एक इनकार ने खोल दिए थे शैलेंद्र के लिए राज कपूर से दोस्ती के रास्ते, जिगरी यारों का एक किस्सा है मशहूर अगस्त का पहला संडे दुनियाभर में 'फ्रेंडशिप डे' के रूप में मनाया जाता है। इस बार फ्रेंडशिप डे 2 अगस्त को है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं बॉलीवुड के दो जिगरी दोस्तों के बारे में, जिनकी दोस्ती अटूट रही। यह दोस्ती की कहानी बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर और गीतकार शैलेंद्र की है जिनकी दोस्ती बेजोड़ थी। यूं शुरू हुआ दोस्ती का सफर 40 के दशक की बात है। दोनों की मुलाकात एक इवेंट पर हुई थी जहां शैलेंद्र कविता सुना रहे थे। राजकपूर को शैलेंद्र की विभाजन पर सुनाई गई कविता 'जलता है पंजाब' बेहद पसंद आई। उन्होंने शैलेंद्र से मिलकर इस कविता को खरीदने की बात कही क्योंकि वह इसे फिल्म 'आग'(1948) में इस्तेमाल करना चाहते थे। साथ ही उन्होंने शैलेंद्र को फिल्म 'आग' के लिए गाने लिखने का ऑफर दिया। शैलेंद्र ने अपनी कविता बेचने से इनकार कर दिया और फिल्म का ऑफर भी ठुकरा दिया। इसके बाद राज कपूर जब 'बरसात' (1949) बना रहे थे तो परिस्थितियां कुछ ऐसी बदलीं कि आर्थिक परेशानियां झेल रहे शैलेंद्र को राज कपूर के पास काम मांगने जाना पड़ा और उन्होंने उनके साथ में काम करने की इच्छा जताई। राज कपूर खुशी-खुशी मान गए और यहीं से दोनों की दोस्ती का सफर शुरू हुआ। 21 फिल्मों में साथ काम किया शैलेंद्र ने फिल्म बरसात के लिए दो गाने 'बरसात में' और 'पतली कमर है' लिखे जिसके लिए उन्हें 500 का मेहनताना दिया गया। इसके बाद राज कपूर-शैलेंद्र ने 21 फिल्मों में साथ काम किया जिनमें 'मेरा नाम जोकर', 'तीसरी कसम', 'सपनों का 'सौदागर', 'संगम', 'अनाड़ी' और 'जिस देश में गंगा बहती है' शामिल थीं। शैलेंद्र का लिखा गाना सुन रो पड़े थे राज कपूर बात उस दौर की है जब फिल्म अनाड़ी (1959) का गाना 'सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी...' रिकॉर्ड किया जा रहा था। यह गाना राज कपूर के पसंदीदा शैलेंद्र ने ही लिखा था। उस दिन वो रिकॉर्डिंग पर स्टूडियो नहीं पहुंचे थे। राज कपूर को यह गाना बेहद पसंद आया और वह गाने की कॉपी अपने घर ले गए ताकि सुकून से इसे रात को सुन सकें। वह कई घंटों तक लगातार इस गाने को सुनते रहे लेकिन जब उनसे रहा नहीं गया तो वह रात दो बजे शैलेंद्र से मिलने उनके घर पहुंच गए। वहां राज कपूर शैलेंद्र को गले लगाकर रो पड़े और कहने लगे-क्या गाना बना दिया शैलेंद्र, मेरे आंसू नहीं थम रहे। 14 दिसंबर से है दोनों का अहम कनेक्शन 14 दिसंबर 1966 को जब राज कपूर का जन्मदिन मनाया जा रहा था तो शैलेंद्र खराब सेहत के चलते अस्पताल में भर्ती हो गए थे। उन्हें सिंगर मुकेश ने कॉल करके जानकारी दी कि शैलेंद्र की हालत बिगड़ती जा रही है। मुकेश उन्हें रियल टाइम जानकारी दे रहे थे कि अभी शैलेंद्र कोमा में हैं, अभी ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया है, ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया और फिर वो खबर आई जिसने राज कपूर का दिल तोड़ दिया। उनके जन्मदिन के दिन ही 43 साल के शैलेंद्र दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए। शैलेंद्र की मौत से टूट गए थे राज कपूर इसके बाद फिल्मफेयर मैगजीन में अपने दोस्त शैलेंद्र की असमय मौत से दुखी राजकपूर ने एक ओपन लैटर लिखा था और कहा था, ‘ऐसा लगता है कि जैसे मेरी आत्मा का एक हिस्सा चला गया। यह सही नहीं हुआ। मैं रो रहा हूं और चीख रहा हूं कि मेरी बगिया के सबसे खूबसूरत गुलाब को कोई तोड़ ले गया। वह बेहतरीन इंसान और मेरी जिंदगी का अभिन्न अंग थे जो अब नहीं हैं। मैं केवल शोक मना सकता हूं और उनकी यादों में खो सकता हूं।’ Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today राज कपूर के साथ बाएं से हसरत जयपुरी, शंकर-जयकिशन और शैलेंद्र (दाएं) https://ift.tt/31cDWYr

राजकुमार राव की गर्लफ्रेंड पत्रलेखा बोलीं- राज को नैरेशन देने के लिए कई लोग मुझे फोन करते हैं, मैं कह देती हूं- उनसे मेरा ब्रेकअप हो गया है शनिवार की देर शाम अचानक ट्रेड के हवाले से खबर चली कि राजकुमार राव और उनकी गर्लफ्रेंड पत्रलेखा का ब्रेकअप हो गया है। इस बारे में जब दैनिक भास्‍कर ने पत्रलेखा ने संपर्क किया तो एक नई कहानी निकलकर सामने आई और इस बारे में उन्‍होंने काफी कुछ क्लियर किया। पत्रलेखा ने कहा, 'दरअसल ढेर सारे प्रोड्यूसर और फाइनेंसर अपनी फिल्‍मों के लिए राजकुमार राव को अप्रोच करते हैं। इसके लिए राज ने एक पैटर्न बनाया हुआ है। जो लोग उसे जानते हैं, वे उसी पैटर्न को फॉलो करते हुए उनकी एजेंसी और मैनेजर से संपर्क करते हैं।' मैं तो कह देती हूं हमारा ब्रेकअप हो गया है आगे उन्होंने कहा, 'और जो लोग उस पैटर्न को नहीं जानते, वो मुझसे संपर्क करते हैं ताकि मेरे जरिए वो राज को नैरेशन दे सकें। मेरे पास राज के लिए लगातार फोन आते रहते हैं, कि उनसे नैरेशन करवा दें। हर एकाध महीनों में ऐसा होता रहता है। ऐसे ही किसी कॉल के दौरान मैंने गुस्‍से में कह दिया था कि हमारा ब्रेक अप हो चुका है।' एक-दूसरे के काम में दखल नहीं देते आगे उन्होंने बताया, 'असल में ऐसा कुछ नहीं है। हम दोनों साथ में हैं और एक-दूसरे की कंपनी एन्‍जॉय कर रहे हैं। हम दोनों एक-दूसरे को काफी स्‍पेस देते हैं। एक-दूसरे के प्रोफेशनल कमिट्मेंट्स के आड़े नहीं आते। ना वो मेरी स्क्रिप्‍ट्स के बारे में कुछ पूछते हैं और ना मैं उनके अपकमिंग प्रोजेक्‍टों के बारे में टोकाटाकी करती हूं।' हमने एक-दूसरे से आई लव यू नहीं कहा पत्रलेखा ने कहा, 'फिल्म 'लव सेक्‍स और धोखा' से पहले हम मिले थे। पहले अच्‍छे दोस्‍त बने, फिर हम समझ गए कि हम एक-दूसरे के लिए ही बने हैं। हमारे बीच वैसा फिल्‍मी इजहार जैसा कुछ नहीं हुआ। उन्‍होंने या मैंने वो तीन मैजिकल वर्ड्स ‘आई लव यू’ कभी नहीं बोले। हम दोनों एक-दूसरे को बेपनाह प्यार करते हैं, और ये बात हमें पता है और हमारा भरोसा कायम है। हमारे बीच दोस्ती वाली फीलिंग ज्यादा शादी के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अभी तो हम दोनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ में बिजी हैं। अगले एक-दो साल हमारा शादी के बंधन में बंधने का इरादा नहीं है। समय आने पर हम वो काम भी कर लेंगे। हमारे बीच दोस्‍ती वाले भाव ज्‍यादा हैं। उसके चलते हमारा रिश्‍ता खूबसूरत है।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Patralekhaa says People keep calling me to give Rajkumar rao a narration, then i reply, 'Raj has broken up with me' https://ift.tt/3hRXubo

'खुदा हाफिज' की एक्ट्रेस शिवालिका ओबेरॉय बोलीं- उज्बेकिस्तान में -7 डिग्री टेंप्रेचर में हमने शूटिंग की, विद्युत की सलाह से मेरी जिंदगी बदल गई विद्युत जामवाल स्टारर एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'खुदा हाफिज' 14 अगस्त से डिज्नी+हॉटस्टार पर स्ट्रीम होने वाली है। इस फिल्म में बतौर एक्ट्रेस शिवालिका ओबेरॉय नजर आएंगी। जिन्होंने पिछले साल रिलीज हुई फिल्म 'ये साली आशिकी' से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत की थी। इस मौके पर शिवालिका ने दैनिक भास्कर के साथ अपनी अपकमिंग फिल्म से जुड़े कुछ रोचक किस्से साझा किए। सवाल- असिस्टेंट डायरेक्टर कि भूमिका निभाते हुए कैमरे के सामने आने की इच्छा कब हुई? शिवालिका- 'मैं हमेशा से एक्टिंग करना चाहती थी। लेकिन क्योंकि मेरी फैमिली में कोई भी इस फील्ड से ताल्लुक नहीं रखता था, इसीलिए मैंने 'हाउसफुल 3' और 'किक' जैसी फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाई और उसके बाद ऑडिशन देने चालू किए। तब जाकर पिछले साल मुझे मेरी पहली फिल्म मिली। असिस्टेंट के रूप में काम करने के बाद फिल्म मेकिंग के बारे में मुझेबहुत सारी बातें पता चलीं। मैंने काफी कुछ सीखा जो कि अब मैं अपने अभिनय में भी अपना रही हूं।' सवाल- अपने किरदार के बारे में बताएं? किस तरह खुद को तैयार किया? शिवालिका- 'इस फिल्म में मैं नरगिस का किरदार निभा रही हूं जो कि एक मुस्लिम महिला है और जिसे बचाने के लिए उनके पति विद्युत जामवाल अपनी जान जोखिम में डालते हैं। मेरा रोल एक बेहद ही सरल महिला का है जो आंखों से भी बात कर लेती है और बहुत सिंपल है।' सवाल- शूटिंग के दौरान कौन सा हिस्सा सबसे ज्यादा चैलेंजिंग रहा और सबसे ज्यादा मजेदार भी? शिवालिका- 'मुझे याद है कि हम उज़्बेकिस्तान में शूटिंग करने गए थे। शुरुआत में तो वहां का तापमान 12-13 डिग्री सेल्सियस था लेकिन धीरे-धीरे तापमान माइनस में चला गया। कम होते-होते वो -7 डिग्री तक भी चला गया था। उस कड़ाके की ठंड में शूट करना अपने आप में बहुत मुश्किल था। सभी लोग ठंड से जूझ रहे थे, फिर भी क्योंकि हम मुंबई में रहते हैं जहां अक्सर काफी गर्मी होती है तो ऐसी खूबसूरत और ठंडी जगह पर शूट करना अपने आप पर में मजेदार भी था। मैंने पूरी टीम को कड़ाके की ठंड में भी उतने ही जोश से काम करते देखा है।' सवाल- बॉलीवुड में किसकी फिल्में आप को सबसे ज्यादा इंस्पायर करती हैं? शिवालिका- 'मैं कहना चाहूंगी कि मुझे आयुष्मान खुराना की जर्नी बहुत इंस्पायर करती है। बहुत ही अलग-अलग किरदार और खूबसूरत किरदार निभाते हैं वो। इसके साथ ही मुझे दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, श्रद्धा कपूर भी बहुत पसंद है। मुझे लगता है श्रद्धा पूरा पैकेज हैं, चाहे वो सिंगिंग हो या डांसिंग हो। वहीं आलिया की फिल्मों की चॉइस मुझे बहुत पसंद है।' सवाल- विद्युत जामवाल के साथ काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा? क्या सलाह दी उन्होंने सेट पर? शिवालिका- 'विद्युत ना सिर्फ एक बेहतरीन एक्शन हीरो हैं, बल्कि एक बहुत ही अच्छे इंसान भी हैं। सेट पर भी हम हमेशा बातें करते थे, चाहे वह खाने के बारे में हो या फिटनेस के बारे में हो। मुझे याद है कि जब कभी मैं सीन देती थी, जो उन्हें पसंद आता था तो वो अक्सर एक लाइन कहते थे 'स्टार और कितना अच्छा करेंगी तू।' 'वहीं फिटनेस को लेकर उन्होंने मुझे सलाह दी कि मैं अपनी जिंदगी में योगा को अपनाऊं और सच कहूं तो उनकी बात मानकर इस लॉकडाउन में मैंने योगा करना शुरू किया, जिसने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 'Khuda Hafiz' actress Shivaleeka Oberoi said - We shot in -7 degree temperature in Uzbekistan, my life changed with the advice of Electricity https://ift.tt/2DoLsaz

नफरत और मोहब्बत वाली इस रात की सुबह नहीं, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे समेत कई दिग्गजों की वजह से नहीं खलेगी 'रात अकेली है' नवाजुद्दीन सिद्दीकी, राधिका आप्टे और तिग्मांशु धूलिया की फिल्म 'रात अकेली है' हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई है। जिसकी कहानी कुछ इस तरह है, 'कानपुर के दबंग रघुबीर सिंह यादव (खालिद तैय्यबजी) की दूसरी शादी के दौरान हत्या हो जाती है। शक की सुई उसकी ‘कीप’ राधा (राधिका आप्टे) पर जाती है, जो रघुबीर के बाद पूरी जायदाद की मालकिन है। उसी बिनाह पर सब इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) अपने साथी के साथ मामले की जांच शुरू करता है। उसी क्रम में रघुबीर और उसके परिवार की क्रूर हकीकत धीरे-धीरे सामने आती है। जैसा सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में होता है, यहां भी हत्या के आरोपियों की फौज है। जिनके वर्तमान और अतीत से हत्या के तार जोड़े जाते हैं। कई किरदारों की बदौलत फिल्म का स्क्रीनप्ले सधा हुआ महसूस होता है। डायरेक्टर हनी त्रेहान ने इन्वेस्टिगेशन को तसल्ली से दिखाया है। कहानी अतीत और वर्तमान में घूमती रहती है। कानपुर से जजमऊ और ग्‍वालियर आती-जाती रहती है। रेगुलर थ्रिलर फिल्मों की तरह यहां रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर है। जो फिल्म को कमजोर बनाती है। किरदारों को स्थापित करने के चक्कर में फिल्म उनके महिमामंडन करने में डूब जाती है। बहरहाल, यह कमजोरी कलाकारों की उम्दा अदाकारी से ज्यादा नहीं खलती। राधा के तौर पर राधिका आप्टे ने अपनी ऐवरेज परफॉरमेंस दी है। नवाज कभी-कभी ‘कहानी’ के इंस्पेक्टर खान के रंग में रंगे नजर आते हैं। यह फिल्म सुकून से देखी जाने वाली थ्रिलर है। रेटिंग- 3.5/5 अवधि- 2 घंटे 10 मिनट डायरेक्टर- हनी त्रेहान स्टार कास्ट- नवाजुद्दीन सिद्दीकी, राधिका आप्टे, श्वेता त्रिपाठी, तिग्मांशु धूलिया, आदित्य श्रीवास्तव म्यूजिक- स्नेहा खनवलकर कहां देखें- नेटफ्लिक्स पर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 'रात अकेली है' 31 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई है। https://ift.tt/3hXN5v0

पूर्व कुक का खुलासा- रिया के कहने पर कई पुराने स्टाफ मेंबर्स को हटाया गया था, उसने सर को पूरी तरह अपने कंट्रोल में कर लिया था सुशांत सिंह राजपूत मौत के मामले में बिहार पुलिस की एक टीम मुंबई आकर जांच कर रही है। इसी बीच शनिवार को एक न्यूज चैनल ने सुशांत के घर के दो पूर्व स्टाफ मेंबर्स से बात करते हुए रिया के आने के बाद सुशांत के जीवन में आए बदलावों के बारे में पूछा। बातचीत के दौरान स्टाफ के दोनों पूर्व सदस्यों ने बताया कि रिया चक्रवर्ती के आने के बाद सुशांत की जिंदगी बदल गई थी। पहले वे काफी उत्साही रहते थे और काम को लेकर भी अप टू डेट रहा करते थे। लेकिन रिया के आने के बाद उनका जीवन बदल गया, उनकी तबीयत खराब रहने लगी, उनका काम कम हो गया और रिया ही उनको नियंत्रित करने लगी। रिया के कहने पर मुझे हटा दिया गया एबीपी न्यूज से हुई बातचीत में सुशांत के पूर्व कुक अशोक कुमार खासू ने बताया, 'मैंने साल 2016 से सितंबर 2019 के बीच सुशांत के घर बतौर कुक काम किया। सितंबर में मैं अपने घर नेपाल गया था, उसके बाद अक्टूबर में जब मैं वापस आया तो सुशांत सर और रिया यूरोप ट्रिप पर गए थे। तब मुझे हाउस मैनेजर सेमिल मिरिंडा ने बताया कि रिया के कहने पर मुझे हटा दिया गया है। ये सभी दिवाली के आसपास 27-28 अक्टूबर को वापस आए थे। लेकिन मैंने इस बारे में उनसे बात नहीं की।' हमें नहीं पता चला कि वे डिप्रेशन में हैं सुशांत के डिप्रेशन से जूझने से जुड़े सवाल पर अशोक ने कहा, 'जब तक मैं वहां था तब तक कभी ऐसा नहीं लगा कि वे डिप्रेशन में थे। उस वक्त सुनने में आया था कि वे चेकअप के लिए हॉस्पिटल गए थे तो उस समय कहा गया था कि उन्हें डेंगू है। अभी पता चल रहा है कि उन्हें डिप्रेशन की बीमारी थी। डिप्रेशन में थे तो अबतक ये बात क्यों छुपाई गई, उनके परिवार वालों को किसी को नहीं पता इस बारे में। स्टाफ तक को पता नहीं था कि वो डिप्रेशन में हैं। ये सब बातें सामने आनी चाहिए।' सर खुद फिल्मों को मना कर रहे थे सुशांत के पास फिल्में नहीं होने के बारे में अशोक ने कहा, 'ऐसा नहीं था कि उनके पास फिल्में नहीं थी, वो तो खुद ही फिल्मों को मना कर रहे थे, वे कहते थे कि मैं दो-चार महीने आराम करूंगा और अभी कोई फिल्में नहीं करूंगा।' रिया ने कई लोगों को हटाया, सर ने कभी ऐसा नहीं किया सुशांत की लाइफ पर रिया का कंट्रोल होने को लेकर अशोक ने कहा, 'जब तक मैं था तब तक मुझे ऐसा नहीं लगा। फिर मुझे हटाने तक मुझे कोई शक नहीं हुआ, लेकिन इसके बाद उनके एक बॉडीगार्ड और एक अकाउंटेंट को भी हटा दिया गया, तो हम तीनों ने इस बारे में बात की थी कि ऐसा क्या हुआ कि पुराने स्टाफ को हटाया जा रहा है।' आगे उसने कहा, 'सुशांत सर ने कभी किसी ओल्ड स्टाफ को नहीं हटाते थे। पहले भी लोग जाते थे, लेकिन वो अपनी मर्जी से छोड़कर जाते थे। उनकी जगह दूसरा स्टाफ आता था। लेकिन सर ने खुद किसी को कभी नहीं निकाला।' रिया के आने के बाद बदलने लगे सुशांत उधर सुशांत के स्टाफ में काम कर चुके एक अन्य सदस्य ने भी एबीपी न्यूज से बात की और बताया, 'जब मैंने वहां काम शुरू किया तब वो पूरी तरह ठीक थे, उनका रुटीन फिक्स था। नाश्ता, जिम, शूटिंग सबकुछ सही चल था। रिया के आने के बाद स्टाफ चेंज होने लगा और उनमें बदलाव महसूस होने लगा। रिया के आने के बाद स्टाफ के कई लोगों को बदला गया। घर से लेकर ऑफिस तक कई लोगों को बदला गया।' रिया के आने के बाद सर का उत्साह कम हो गया उस पूर्व मेंबर ने बताया, 'रिया के आने से पहले तक वे काफी उत्साहित रहा करते थे, बाद में वैसे नहीं रहे। पहले हर काम को बहुत अच्छी तरह से करते थे, रिया के आने के बाद उनमें बदलाव आ गए। बीच में उनकी तबीयत थोड़ी खराब रहने लगी, वे दवा वगैरह लेते तो हमने कभी ध्यान नहीं दिया। हमें नहीं पता था कि क्या चल रहा है, लेकिन वे काफी बदल गए थे।' रिया का व्यवहार बिल्कुल भी सही नहीं था रिया के बारे में बात करते हुए उस पूर्व स्टाफ मेंबर ने कहा, 'रिया का व्यवहार सही नहीं था, उनके आने के बाद सब कुछ उल्टा हो रहा था, सुशांत सर पहले जैसे नहीं रहे, घर और ऑफिस का स्टाफ बदल दिया गया और ये सब रिया के इशारों पर ही हो रहा था। जब तक मैं था तब तक वे कोई दवाई नहीं खाते थे। हमें कभी पता नहीं चला कि वो किसी तरह की दवा ले रहे हैं।' सुशांत सर कमजोर दिल के नहीं थे आगे उसने कहा, 'रिया उनके जीवन में काफी हस्तक्षेप करती थीं। घर पर रिया के दोस्त और रिया का भाई ये सभी आते थे। पार्टियां भी होती थीं। पहले सुशांत की बहन भी आती थीं, लेकिन रिया के आने के बाद उन्होंने आना बंद कर दिया था, और सिर्फ रिया के परिजन ही आते थे।' उसने कहा, 'सुशांत सर कमजोर दिल के नहीं थे, उनके पास किसी चीज की कमी नहीं थी। अपनी मर्जी से वे ऐसा कदम नहीं उठा सकते।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ex-Cook's Reveal - Many old staff members were removed from work at the behest of Riya, she had taken control of her head completely. https://ift.tt/2EwGQQb

श्रीदेवी के निधन के बाद फूट-फूटकर रोए थे अमर सिंह, कहा था- मेरी और बोनी की गलती अभिशाप बन गई राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन हो गया है। 64 साल की उम्र में उन्होंने सिंगापुर में अंतिम सांस ली। अमर सिंह उन पॉलिटिशियंस में से थे, जिनकी कई बॉलीवुड सेलेब्स से गहरी दोस्ती रही है। फिल्ममेकर बोनी कपूर और श्रीदेवी के साथ भी उनके काफी अच्छे ताल्लुकात थे। वे उनके इतने करीब थे कि जब श्रीदेवी का निधन हुआ तो फूट-फूटकर रो पड़े थे। इतना ही नहीं उन्होंने इसके लिए बोनी और खुद को जिम्मेदार ठहराया था। अमर सिंह ने कहा था- हमारी गलती अभिशाप बन गई 24 फरवरी 2018 को दुबई के एक होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से श्रीदेवी की मौत हो गई थी। इसके बाद एक बातचीत में अमर सिंह ने कहा था कि इस दुर्घटना से कुछ समय पहले तक वे श्रीदेवी और बोनी कपूर के साथ ही थे। क्योंकि वे भी बोनी कपूर के भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने दुबई गए थे। हालांकि, उन्हें उत्तर प्रदेश में हुई एक समित में हिस्सा लेना था। इसलिए वे और बोनी शादी अटेंड करने के बाद दुबई से भारत आ गए थे और श्रीदेवी वहां अकेली रह गई थीं। अमर सिंह ने कहा था, "यही गलती हमारे लिए अभिशाप बन गई। अगर हम वहां दुबई में मौजूद होते तो इस दुर्घटना को टाला जा सकता था। यह हमारी गलती थी कि हमने उन्हें वहां अकेली छोड़ दिया था।" बोनी ने पहला फोन अमर सिंह को किया था? अमर सिंह ने एक टीवी इंटरव्यू में यह दावा भी किया था कि बोनी कपूर ने श्रीदेवी के निधन की जानकारी सबसे पहले उन्हें ही दी थी। उन्होंने कहा था, "घटना वाली रात बोनी ने मुझे फोन किया और बताया कि भाभी नहीं रहीं। शायद उन्होंने सबसे पहला फोन मुझे ही किया था। रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया था कि बोनी ने आधी रात को सबसे पहले अमर सिंह के मोबाइल पर कॉल किया था। लेकिन वह साइलेंट था। इसलिए बात नहीं हो सकी। फिर बोनी ने उनके लैंडलाइन पर फोन किया और श्रीदेवी के निधन की जानकारी दी थी। अमर सिंह की बात नहीं टालती थीं श्रीदेवी? अमर सिंह ने यह भी कहा था कि श्रीदेवी से उनकी इतनी घनिष्ठता थी कि वे बोनी कपूर की बात टाल सकती थीं, लेकिन उनकी बात कभी नहीं टालती थीं। उनके मुताबिक, एक बार श्रीदेवी इस बात पर अड़ गई थीं कि जब तक अमर सिंह उनकी फिल्म नहीं देख लेते, वे उसे रिलीज नहीं करेंगी। सिंह ने यह भी बताया था कि श्रीदेवी उनकी बेटी को बहुत मानती थीं। जब एक्ट्रेस का निधन हुआ तो उनकी बेटी भी खूब रोई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today श्रीदेवी और बोनी कपूर के साथ अमर सिंह के काफी अच्छे ताल्लुकात थे। https://ift.tt/2D1c6GV

एक्ट्रेस का दावा घर के बाहर सुनाई दी तीन गोलियों की आवाज, बोलीं- सुशांत मामले में बयानों के चलते किसी ने डराने की कोशिश की सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में लगातार न्याय की मांग कर रहीं कंगना रनोट ने अपने घर के बाहर तीन गोलियां चलने का दावा किया है। घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो कंगना की शिकायत के बाद वहां पुलिस की एक टीम की तैनाती कर दी गई, जो हर आने-जाने वाले की जांच कर रही है। हालांकि, कुल्लू पुलिस को शुरूआती जांच में किसी तरह की शरारत के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन कंगना का मानना है कि सुशांत मामले में उनके हालिया पॉलिटिकल बयानों की वजह से उन्हें डराने की कोशिश की गई है। कंगना ने खुद एक इंटरव्यू में आपबीती साझा की। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कंगना ने कहा, "मैं अपने बेडरूम में थी। लगभग 11:30 बजे का वक्त रहा होगा। हमारा तीन फ्लोर का घर है। यहां बाउंड्री वॉल है, जिसके पीछे सेब का बगीचा और वाटर बॉडी है। सबसे पहले 11:30 बजे के आसपास मुझे पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। मैंने सोचा हो सकता है पटाखा ही हो। उसके बाद दूसरा शॉट हुआ। मैं सतर्क हो गई, क्योंकि यह गोली चलने जैसी आवाज थी। फिलहाल यहां मनाली में कोई टूरिज्म सीजन नहीं है। अभी यहां कोई पटाखे नहीं चलाएगा। इसलिए मैंने सिक्युरिटी इंचार्ज को फोन किया और पूछा क्या हुआ? उसने कहा हो सकता है कि वहां कुछ बच्चे या कुछ और हो। हमें जाकर देखना होगा कि पटाखा चला था या किसी और चीज की आवाज थी। हो सकता है कि इस आदमी ने गोली की आवाज नहीं सुनी हो। लेकिन मैंने सुनी थी। वे (सिक्युरिटी गार्ड्स) पीछे गए। लेकिन वहां कोई नहीं था। हम घर में पांच लोग हैं और सभी ने वह आवाज सुनी थी। सभी को लगा कि वह गोली की आवाज थी। यह पटाखे जैसी आवाज नहीं थी। इसलिए हमने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने आकर क्या किया? कंगना की मानें तो पुलिस ने आकर उन्हें कहा कि शायद किसी ने चमगादड़ों को भगाने की कोशिश की हो, क्योंकि चमगादड़ें सेब के बगीजों को उजाड़ देती हैं। सुबह बगीचे के मालिक को बुलाया गया, लेकिन उसने भी किसी तरह की आवाज सुनाई देने से इनकार किया। पुलिस जांच कर रही है। उनके और आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। रात में तीन कांस्टेबल उनके घर के बाहर तैनात किए गए थे। कंगना ने कैसे अंदाजा लगाया कि वह गोली की आवाज थी? बकौल कंगना, "मेरे स्टाफ ने कहा कि उन्होंने कई सालों से चमगादड़ भगाने के लिए किसी को गोली चलाते नहीं देखा। खासकर आधी रात में तो नहीं। इसलिए हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि देखते हैं कि क्या वही आवाज फिर से रिपीट होती है। मैंने आवाज सुनी और मुझे पूरा यकीन हो गया कि यह गोली की आवाज ही थी। 8 सेकंड के गैप से दो शॉट हुए। यह बिल्कुल मेरे कमरे के बगल में हुए। ऐसा लगा जैसे कोई बाउंड्री वॉल के पीछे था, जहां जंगल और वाटर बॉडी है।" क्या कंगना को डराने के लिए चलवाई गई गोली? कंगना के मुताबिक, संभवतः उनके हालिया पॉलिटिकल बयानों के कारण किसी ने उन्हें डराने की कोशिश की थी। ताकि वे यह सब करना बंद कर दें। वे कहती हैं, "मुझे लगता है कि मेरे घर के आसपास के किसी आदमी को हायर किया होगा। उनके लिए यहां 7- 8 हजार रुपए में लोगों को हायर करना कोई बड़ी बात नहीं है। जिस दिन मैंने सीएम (उद्धव ठाकरे) के बेटे (आदित्य ठाकरे) के खिलाफ बयान दिया, उसी दिन ऐसा होना महज इत्तफाक नहीं हो सकता। लोग मुझसे कह रहे हैं कि मेरा अब मुंबई में जीना दुश्वार हो जाएगा। खैर मैं मुंबई में नहीं हूं, लेकिन वे यहां भी यह सब कर रहे हैं। देश में क्या गुंडागर्दी चल रही है? सुशांत इससे डर गए होंगे। लेकिन मैं लगातार सवाल उठाती रहूंगी।" कंगना ने क्या कहा था आदित्य ठाकरे के बारे में एक एंटरटेनमेंट न्यूज वेबसाइट ने दावा किया था कि सुशांत की मौत से एक रात पहले उनके यहां पार्टी हुई थी और एक बड़ी हस्ती इसमें शामिल हुई थी। इसी पर रिएक्ट करते हुए कंगना रनोट की टीम ने ट्विटर पर लिखा था, "सब जानते हैं, लेकिन कोई नाम नहीं लेगा। करन जौहर का बेस्ट फ्रेंड और दुनिया के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री का बेटा, जिसे प्यार से बेबी पेंगुइन कहते हैं। कंगना कह रही हैं कि अगर मैं अपने घर में लटकी हुई मिलूं तो कृपया ध्यान दें, मैंने सुसाइड नहीं किया।" Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कंगना रनोट सुशांत सिंह राजपूत मामले में लगातार बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साध रही हैं। https://ift.tt/31cbQww

एक्स-गर्लफ्रेंड ने कहा, 'सुसाइड को गलत मानते थे सुशांत, कहते थे मुझे ऐसा ख्याल आया तो 15 मिनट में खुद को ठीक कर लूंगा' सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 45 दिन बीत चुके हैं। पुलिस उनकी मौत के कारणों का पता लगाने में अब तक जुटी है। एक तरफ मुंबई पुलिस जांच कर रही है तो दूसरी तरफ सुशांत के पिता केके सिंह द्वारा रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने और धोखाधड़ी की एफआईआर के बाद बिहार पुलिस भी जांच में जुट गई है। इस बीच सुशांत की एक्स-गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे भी कई मीडिया इंटरव्यू में उन्हें लेकर कई सारी बातें शेयर कर रही हैं। सुसाइड को गलत मानते थे सुशांत हाल ही में आजतक को दिए इंटरव्यू में अंकिता ने कहा, ‘मुझे पता नहीं कहां से सुशांत के डिप्रेशन में होने की बात शुरू हुई लेकिन मैं नहीं मानती कि ऐसा कुछ था, वह मजबूत इंसान थे। एक दिन हम किसी के सुसाइड के बारे में बात कर रहे थे, सुशांत ने मुझसे कहा था, अगर मेरे दिमाग में ऐसे ख्याल आए तो मैं 15 मिनट में खुद को ठीक कर लूंगा। वो कहता था कि सुसाइड बहुत ही गलत चीज है।’ 'सुशांत डिप्रेस रहने वाले लोगों में से नहीं थे' इससे पहले रिपब्लिक टीवी को दिए इंटरव्यू में अंकिता ने कहा था, ‘सुशांत ऐसे इंसान नहीं थे जो कि सुसाइड कर लें। हमने साथ में इससे बुरी स्थितियों का सामना किया था। वह खुशमिजाज इंसान थे। जहां तक मैं उन्हें जानती थी, वो डिप्रेस रहने वाले लोगों में नहीं थे। मैंने उनके जैसे इंसान नहीं देखा। वो अपने सपनों को डायरी में लिखा करते थे। अगले पांच साल का प्लान तैयार रखते थे कि आगे उन्हें क्या करना है। पांच साल बाद वो उन सपनों को पूरा कर चुके होते थे। जब उनके नाम के साथ डिप्रेशन जैसा शब्द जुड़ता है तो बहुत दुख होता है। उन्हें बाइपोलर कहना तो और भी बड़ी बात है।’ चार साल से टच में नहीं थे अंकिता-सुशांत अंकिता ने एक इंटरव्यू में यह भी खुलासा किया था कि 2016 में ब्रेकअप हो जाने के बाद वो और सुशांत टच में नहीं थे। अंकिता के पास सुशांत का फोन नंबर भी नहीं था। अंकिता ने कहा था, 'हम जानते थे कि पहले जैसे एक-दूसरे से बात नहीं कर पाएंगे इसलिए चार साल से टच में भी नहीं थे। वो अपनी जिंदगी में खुश थे और मैं अपनी'। सुशांत-अंकिता 7 साल तक रिलेशनशिप में रहे थे। दोनों लिव-इन में थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ankita Lokhande recalls conversation about suicide she had with Sushant Singh Rajput: ‘He believed it is a terrible thing’ https://ift.tt/31aIoa6

सुशांत की मौत के मुद्दे पर बिहार और महाराष्ट्र में टकराव; सीबीआई अपने हाथ में क्यों नहीं ले रही जांच? भारत में जब भी आपराधिक मामलों में जांच की बात होती है तो अकसर लोग सीबीआई से जांच की मांग करते हैं। जहां भी विवाद बढ़ता है, सीबीआई जांच की मांग होने लगती है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई स्थित अपने फ्लैट पर फांसी लगा ली थी। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह खुदकुशी है, तो कुछ मौत को संदिग्ध बता रहे हैं। इस पर सियासत भी गरमा गई है। बिहार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं कि सुशांत के पिता ने चाहा तो सीबीआई जांच की सिफारिश की जा सकती है। इस मामले में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की भूमिका स्पष्ट है। वह इस मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस से कराने पर अड़ी है। यानी महाराष्ट्र सरकार नहीं चाहती कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। सवाल यह है सीबीआई जांच की मांग क्यों हो रही है? इससे क्या हो जाएगा? क्या सीबीआई खुद भी इस मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है? सुशांत सिंह की मौत पर सियासत क्यों बढ़ रही है? सुशांत सिंह राजपूत बिहार के रहने वाले थे। उनकी मौत बिहार में इसी साल संभावित विधानसभा चुनावों में प्रमुख मुद्दा बन सकता है। चूंकि, मौत मुंबई में हुई, इस वजह से निशाने पर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार है। सुशांत के पिता केके सिंह ने पिछले दिनों पटना में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद बिहार पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस समय बिहार पुलिस मुंबई में है। उसने सुशांत की बहन सहित कुछ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। आरोप लग रहे हैं कि बिहार पुलिस को महाराष्ट्र की पुलिस सहयोग नहीं कर रही। महाराष्ट्र में भाजपा प्रमुख विपक्षी दल है और बिहार के साथ-साथ केंद्र में सत्ता में है। इस वजह से महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर दोषियों को बचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि महाराष्ट्र पुलिस एक बिहारी अभिनेता को न्याय नहीं दे सकती। नीतीश कुमार ने कहा कि यदि सुशांत के पिता चाहेंगे तो सीबीआई जांच की सिफारिश की जा सकती है। वहीं, उद्धव ने भी साफ कर दिया है कि वो सीबीआई जांच नहीं कराएंगे। अभिनेता शेखर सुमन ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। वे सोशल मीडिया पर भी कैम्पेन चला रहे हैं। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि सुशांत सिंह ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उनकी हत्या हुई है। वे सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी कर रहे हैं। सीबीआई जांच पर महाराष्ट्र सरकार को क्या आपत्ति है? महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का कहना है कि मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। उसकी जांच सही दिशा में है। जांच सीबीआई को सौंपने का सवाल ही नहीं उठता। जल्द ही नतीजे सामने आएंगे। अब तक महाराष्ट्र पुलिस ने फिल्म निर्माता महेश भट्ट, फिल्म समीक्षक राजीव मसंद, निर्देशक-निर्माता संजय लीला भंसाली और फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा सहित 41 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। सुशांत की मौत की जांच अगर सीबीआई को सौंपी जाती है, तो इसका मतलब यह निकलेगा कि महाराष्ट्र पुलिस की जांच सही दिशा में नहीं है। आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है। सुशांत के रिश्तेदार और बीजेपी विधायक नीरज कुमार सिंह ने कहा- महाराष्ट्र पुलिस ने अब तक कोई केस दर्ज नहीं किया है। जांच सिर्फ औपचारिकता है। हमें अब उन पर भरोसा नहीं है। अब तक सीबीआई ने जांच अपने हाथ में क्यों नहीं ली? सीबीआई ऐसे ही किसी मामले की जांच अपने हाथ में नहीं ले सकती। इसके लिए प्रक्रिया निर्धारित है। केंद्रीय जांच एजेंसी सुशांत की मौत की जांच तभी कर सकती है, जब... महाराष्ट्र सरकार सीबीआई से जांच करने को कहेगी और केंद्र सरकार इसकी मंंजूरी देगी। आम तौर पर केंद्र सरकार राज्य सरकार के अनुरोध पर जांच एजेंसी से कमेंट लेती है और उसके बाद ही जांच के लिए नोटिफिकेशन जारी होता है। राज्य सरकार दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (डीएसपीई) एक्ट के सेक्शन 6 के तहत सहमति का नोटिफिकेशन जारी करती है। इस पर केंद्र सरकार डीएसपीई एक्ट के सेक्शन 5 के तहत नोटिफिकेशन इश्यू करती है। सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट भी सीबीआई को इस तरह की जांच के आदेश दे सकते हैं। हालांकि, अलख प्रिया ने सुप्रीम कोर्ट से इस संबंध में अनुरोध किया था, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। उन्हें कहा गया कि सीबीआई जांच की मांग बॉम्बे हाईकोर्ट से की जाए। भाजपा ही सीबीआई जांच की मांग कर रही है, और केंद्र में भी उसकी सरकार है। ऐसे में देरी क्यों? दरअसल, कानून-व्यवस्था राज्यों का अधिकार क्षेत्र है। केंद्र सरकार किसी भी राज्य सरकार के अनुरोध के बिना मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश नहीं दे सकती। राज्य सरकार ने यदि अनुरोध किया तो भी केंद्र सरकार पहले सीबीआई से पूछती है कि क्या वह मामले की जांच कर सकती है। उसके कमेंट के बाद ही नोटिफिकेशन जारी होता है। सीबीआई आम तौर पर भ्रष्टाचार के केस की जांच करती है, तो क्या वह संदिग्ध मौत की जांच भी कर सकती है? बिल्कुल कर सकती है। सीबीआई एक व्यापक केंद्रीय जांच एजेंसी है। ये भ्रष्टाचार से लेकर किसी भी गंभीर किस्म के अपराध की जांच कर सकती है। सीबीआई में हर तरह के अपराध के लिए तीन अलग-अलग डिवीजन हैं। ये ही अलग-अलग अपराधों की जांच करते हैं। यह तीन विभाग हैं- एंटी-करप्शन डिवीजनः केंद्र सरकार, सरकारी कंपनियां, भारत सरकार के मालिकाना हक वाले निगम या अन्य संस्थाओं में कर्मचारियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 के मामलों की जांच करता है। यह सबसे बड़ा डिवीजन है और देश के प्रत्येक राज्य में इसकी शाखा है। इकोनॉमिक ऑफेंस डिवीजनः सीबीआई का यह डिवीजन बड़े वित्तीय घोटाले और गंभीर किस्म के आर्थिक धोखाधड़ी की जांच करता है। इसके तहत फेक करेंसी, बैंक घोटाले और साइबर क्राइम आते हैं। स्पेशल क्राइम डिवीजनः आईपीसी के तहत गंभीर, संवेदनशील और संगठित अपराध की जांच करता है। राज्य सरकार के अनुरोध या सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट्स के आदेश पर भी जांच यही डिवीजन करता है। यदि सौंपी जाती है तो यह डिवीजन ही सुशांत की मौत की जांच करेगा। सीबीआई की जांच राज्य पुलिस की जांच से अलग क्यों? जांच के तरीके में कोई खास बदलाव नहीं होता। लेकिन, राज्यों की पुलिस के पास कई तरह के और कई स्तर के काम होते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रभाव पैदा करने वाले फेक्टर भी हावी रहते हैं। ऐसे में माना जाता है कि राज्य की पुलिस मामले की जांच को प्रभावी ढंग से नहीं कर सकेगी। उस पर दबाव होता है। उसकी क्षमताएं भी केंद्रीय जांच एजेंसी के मुकाबले कम होती हैं। लेकिन, सीबीआई की जांच भी दबाव-प्रभाव से मुक्त नहीं है। सीबीआई को स्वायत्तता देने की मांग बहुत पुरानी है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में उसकी तुलना पिंजरे में बंद तोते से भी की थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sushant Singh Rajput Death CBI Enquiry | Bihar Nitish Kumar Vs Uddhav Thackeray Government, Know Why demand for CBI investigation in Sushant Singh's death? https://ift.tt/2Xgunqt