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सुशांत सिंह राजपूत के लिए थी सरोज खान की आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट, मौत पर दुख जताते हुए लिखा था इमोशनल मैसेज बॉलीवुड की दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान का गुरुवार की रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 71 साल की थीं। उन्होंने अपनी आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत के निधन के वक्त की थी। जिसमें उन्होंने युवा अभिनेता की असमय मौत पर दुख जताया था। सुशांत के लिए लिखी पोस्ट में सरोज ने लिखा था, 'सुशांत सिंह राजपूत मैंने कभी आपके साथ काम तो नहीं किया था, लेकिन हमारी मुलाकात कई बार हुई थी। आपके जीवन में क्या परेशानी थी? मैं हैरान हूं कि आपने अपने जीवन में इतना कठोर कदम उठा लिया। आप अपने किसी बड़े से बात कर सकते थे, जो आपकी मदद कर देता और फिर हम आपको खुश देख रहे होते।' आगे उन्होंने लिखा था, 'आपकी आत्मा को शांति मिले और मुझे नहीं पता कि आपके पिता और बहनों पर क्या गुजर रही होगी। इस समय उनके लिए मेरी ओर से संवेदनाएं और शक्ति। मैंने आपको आपकी सभी फिल्मों में प्यार दिया था और हमेशा प्यार करती रहूंगी। आपकी आत्मा को शांति मिले।' पहली फिल्म थी 'गीता मेरा नाम' सरोज खान ने तीन साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया था। इसके बाद 50 के दशक में उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के रूप में नई पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे असिस्टेंट डायरेक्टर बनीं और 1974 में आई फिल्म 'गीता मेरा नाम' से उन्हें बतौर स्वतंत्र कोरियोग्राफर पहला ब्रेक मिला था। उस फिल्म में हेमामालिनी लीड रोल में थीं। आखिरी गाना माधुरी के साथ किया था अपने करियर में उन्होंने करीब 2 हजार से ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ किया, जिसके चलते कोरियोग्राफी के मामले में उन्हें 'मदर ऑफ डांस' भी कहा जाता है। उन्होंने आखिरी बार 2019 की फिल्म 'कलंक' के गाने 'तबाह हो गए...' में माधुरी दीक्षित को कोरियोग्राफ किया था। 15 मई को माधुरी दीक्षित के बर्थडे पर उन्होंने इस पोस्ट के जरिए उन्हें बधाई दी थी। ## 24 जून को अस्पताल में भर्ती हुईं थीं 24 जून से ही सरोज की तबीयत खराब थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। जिसके बाद उन्हें मुंबई के गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद कोरोना टेस्ट कराया गया। जो कि निगेटिव आया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि देते हुए सरोज खान ने लिखा था, 'मैंने आपको आपकी सभी फिल्मों में प्यार दिया था और हमेशा प्यार करती रहूंगी। आपकी आत्मा को शांति मिले।' https://ift.tt/2YTXQHL
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अमिताभ ने लिखा- हाथ जुड़े हैं मन अशांत, अनुपम बोले- आपके सिखाया इंसान शरीर से नहीं, दिल और आत्मा से नाचता है बॉलीवुड के लिए गुरुवार की रात एक और बुरी खबर लेकर आई जब मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थीं। उनके निधन पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम लोगों ने दुख जताया है। महानायक अमिताभ बच्चन ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्रार्थनाएं, हाथ जुड़े हैं, मन अशांत'। अनुपम खेर ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'डान्स की मल्लिका #सरोजखान जी अलविदा। आपने कलाकारों को ही नहीं बल्कि पूरे हिन्दुस्तान को बहुत ख़ूबसूरती से सिखाया कि “इन्सान शरीर से नहीं, दिल और आत्मा से नाचता है”। आपके जाने से नृत्य की एक लय डगमगा जाएगी। मैं पर्सनली ना सिर्फ़ आपको बल्कि आपकी मीठी डांट को भी बहुत मिस करूँगा।' अमिताभ बच्चन अनुपम खेर ## अक्षय कुमार ## फराह खान ## सोनू सूद ## मनोज वाजपेयी ## रितेश देशमुख ## मधुर भंडारकर ## तमन्ना भाटिया ## उर्मिला मातोंडकर ## रकुलप्रीत सिंह ## पलक मुछाल ## जैकलीन फर्नांडीस ## नील नितिन मुकेश ## तीन साल की उम्र में बनीं थींचाइल्ड आर्टिस्ट 71 साल कीसरोज खान ने तीन साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया था। इसके बाद 50 के दशक में उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के रूप में नई पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे असिस्टेंट डायरेक्टर बनीं और 1974 में आई फिल्म 'गीता मेरा नाम' से उन्हें बतौर स्वतंत्र कोरियोग्राफर पहला ब्रेक मिला। अपने करियर में उन्होंने करीब 2 हजार से ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ किया, जिसके चलते कोरियोग्राफी के मामले में उन्हें 'मदर ऑफ डांस' भी कहा जाता है। उन्होंने आखिरी बार 2019 की फिल्म 'कलंक' के गाने 'तबाह हो गए...' में माधुरी दीक्षित को कोरियोग्राफ किया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Saroj Khan passes away Bollywood celebs pays tribute, Amitabh Bachchan says- Prayers .. हाथ जुड़े हैं, मन अशांत https://ift.tt/38pSirD
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तारीफ: इशांत शर्मा ने कहा, धोनी को 2013 के बाद अच्छे से समझा
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वीक्स की याद में विंडीज के खिलाड़ियों ने रखा एक मिनट का मौन
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कोरोनावायरस: अफरीदी ने कहा, पत्नी, बेटी का कोविड-19 टेस्ट निगेटिव
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खुलासा: फ्लावर ने कहा, यूनिस ने मेरे गले पर चाकू रख दिया था, आर्थर ने बचाया
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एवर्टन वीक्स को क्रिकेट जगत ने दी श्रद्धांजलि
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दिल का दौरा पड़ने से 71 साल की उम्र में निधन, सांस लेने में दिक्कत की वजह से कई दिन से अस्पताल में थीं; 3 बार नेशनल अवॉर्ड जीता था बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का 71 की उम्र मेंगुरुवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वेकई दिन से बीमार थीं। हालांकि, उनका कोरोना टेस्ट निगेटिव आया था।उनका अंतिम संस्कार आज मलाड के मालवनी में किया जाएगा।सरोजके परिवार में उनके पति बी. सोहनलाल, बेटा हामिद खान, दोबेटियां हिना और सुकन्या हैं। 40 साल के करियर मेंसरोज खान ने करीब दोहजार गाने कोरियोग्राफ किए। उन्होंने तीन बार नेशनल अवॉर्ड भी जीता।श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित समेत बॉलीवुड की तमाम बड़ी एक्ट्रेस उनके निर्देशन में थिरकती नजर आईं। इसके अलावा साउथ की कई फिल्मों में भी उन्होंने एक्टर्स को डांस स्टेप्स सिखाए। पहली फिल्म गीता मेरा नाम थी 1974 में आई गीता मेरा नाम पहली फिल्म थी, जिसमें सरोज खान ने कोरियोग्राफ किया था। उस फिल्म में हेमामालिनी लीड रोल में थीं।मिस्टर इंडिया का हवा-हवाई (1987), एक दो तीन (तेजाब) का बेहद हिट रहा। 1988 में आई इस फिल्म से माधुरी दीक्षित छा गईं थीं। 1992 में आई बेटा का गीत धक-धक करने लगा और डोला रे डोला (2002) उनके हिट नंबर हैं। आखिरी फिल्म माधुरी के साथ सरोज खान ने आखिरी गाना पिछले साल करण जौहर की फिल्म कलंक के लिए कोरियोग्राफ किया था। इसके बोल थे ‘तबाह हो गए’। इस गाने में भी उनकी फेवरेट एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित नजर आईं थीं। 24 जून को अस्पताल में भर्ती हुईं थीं 24 जून से ही सरोज की तबीयत खराब थी। उन्हें मुंबई के गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। इसके बाद कोरोना टेस्ट कराया गया। ये निगेटिव रहा। कोरोना से बचने के लिए शेयर किया था वीडियो मई में कोरियोग्राफर सरोज खान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया थे। इसमें वे देशवासियों से कोरोनावॉरियर्स की रिस्पेक्ट करते अपील करते हुए नजर आ रही थीं। सरोज ने इस वीडियो में कहा था- आप क्यों नहीं समझते हैं। बच्चों से जिंदगी मत छीनो। कुछ तो रिस्पेक्ट दिखाओ। भगवान के वास्ते, अल्लाह के वास्ते अपनी देखभाल करो। घर पर रहो। ये भी पढ़ें: सांस लेने में तकलीफ के बाद 71 साल की कोरियोग्राफर सरोज खान गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती हुईं, कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने का दावा Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सरोज खान ने कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर कोरोना से बचने का मैसेज दिया था। https://ift.tt/38nR7Jj
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स्वरा भास्कर बोलीं- मैं उन्हीं किरदारों को निभाती हूं जो शायद कोई और ना करना चाहे, सुशांत मामले में कहा- हमने उन्हें दो बार मारा है एक्ट्रेस स्वरा भास्कर हाल ही में अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हुई वेब सीरीज 'रसभरी' में नजर आईं हैं और इसे लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में उन्होंने इस वेब सीरीज में अपने रोल, सुशांत आत्महत्या मामले और नेपोटिज्म जैसे कई विषयों पर खुलकर बात की। साथ ही अपने किरदार से जुड़े कुछ रोचक किस्से भी साझा किए। 'रसभरी' में निभाए अपने दो किरदारों के बारे में बताते हुए स्वरा ने कहा, 'इस वेब सीरीज मैंने दो किरदार निभाए हैं जहां एक किरदार इंग्लिश स्कूल टीचर का है, वहीं दूसरा एक ऐसी आउट ऑफ कंट्रोल महिला का है, जिसका नाम 'रसभरी' है और जिसे खुद भी नहीं पता कि वह क्या और क्यों करती है।' 'इन दोनों किरदारों में जो स्विच था वह बहुत ही इंटरेस्टिंग था। जहां एक तरफ शानू सीधी-साधी दिखाई दी, वहीं दूसरी तरफ 'रसभरी' के किरदार को ऐसे निभाना था जो वल्गर ना लगे। साथ ही इस सीरीज में एक टीचर और एक स्टूडेंट के उस पवित्र रिश्ते को भी दिखाया गया है जहां रिस्पेक्ट है, केयर है और अंडरस्टैंडिंग है।' सवाल- कई बार जवाब आप कुछ ऐसे रोल निभाती हैं जिसके लिए आपको सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है? स्वरा- 'मुझे लगता है कि मैं उन्हीं किरदारों को निभाती हूं जो शायद और कोई ना करना चाहे। 'रसभरी' नाम का जो मेरा किरदार है, वो एक तो बहुत बेबाक है और दूसरा जो हमारे समाज हमारे देश की मानसिकता है उससे काफी हटकर है। मुझे हमेशा से पता था कि इस किरदार को करने के बाद मुझे सोशल मीडिया पर बहुत ट्रोल किया जाएगा।' 'मेरी फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' के समय भी मेरे एक सीन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा था। इस सीरीज के डायरेक्टर ने इस बात का ख्याल रखा कि स्क्रिप्ट इस तरह से हो कि यह पूरी कहानी दर्शकों को वल्गर ना लगे।' सवाल- सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर क्या कहना चाहेंगीं? स्वरा- 'सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहूंगी कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत बेहद ही दुखद है। मुझे लगता है कि एक कलाकार होने के नाते सुशांत को एक बहुत लंबा सफर तय करना था क्योंकि वे बहुत प्रतिभावान थे। बहुत दुख होता है जब एक ऐसा व्यक्ति जो हर पैमाने पर सक्सेसफुल है इतनी जल्दी गुजर जाए।' 'मुझे बहुत धक्का लगा सुशांत सिंह की मौत की खबर सुनकर क्योंकि मैं उनकी कहानी से बहुत रिलेट कर सकती हूं। मैं भी एक आउटसाइडर हूं, अकेली रहती हूं। लेकिन उनकी मौत से दरअसल इस चकाचौंध वाली दुनिया से पर्दा हट गया है।' 'आप चाहे बहुत सक्सेसफुल हों, 200 करोड़ की फिल्म करके बैठे हों, आपने पैसे भी बना लिए हों, आप लोगों के आइडल भी हो और अपना मुकाम बना चुके हों। बाहरी रूप से देखा जाए तो आप सफलता की टेक्स्ट बुक हैं लेकिन फिर भी डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी पकड़ सकती है।' 'मुझे लगता है कि सुशांत ने एक पर्दाफाश किया है हमारे समाज का और हमारी मानसिकता का, क्योंकि हमें पता ही नहीं है कि हमारे दिल की गहराइयों में कैसी और क्या बातें छुपी हुई हैं। जिसे हम कभी टटोल कर नहीं देखते और जिसके बारे में कभी बात भी नहीं की जाती। लेकिन डिप्रेशन किसी को भी हो सकता है, क्योंकि डिप्रेशन पैसा देखकर नहीं आता, आपका ओहदा देखकर नहीं आता।' 'मैं बस यही कहना चाहूंगी कि सुशांत सिंह राजपूत को हमने दो बार मारा है। जिस तरीके से उनकी मौत के बाद लोगों ने अपने पर्सनल एजेंडा निकाले और तू-तू मैं-मैं शुरू कर दी, यह वक्त नहीं था यह सब करने का। मेरे ख्याल से यह वक्त था सुशांत को याद करने का, सुशांत को सेलिब्रेट करने का और हमने इस शोरगुल में वो मौका खो दिया है।' 'बहुत ही इनसेंसेटिव तरीके से इस मैटर को हैंडल किया गया है और सब उनकी मौत पर अपनी रोटियां सेंक रहे हैं। हमने सुशांत की मौत में भी उनको अकेला नहीं छोड़ा।' सवाल- सुशांत की मौत के बाद करण जौहर को बहुत ट्रोल किया जा रहा है। आप भी एक आउटसाइडर रही हैं, आप इस पर क्या कहना चाहेंगी? स्वरा- 'बॉलीवुड में मुझसे बड़ा आउटसाइडर नहीं है क्योंकि मैंने वो हरकतें की हैं जो कोई स्टार नहीं करता। कभी पॉलिटिक्स के बारे में बोल दिया, कभी सामाजिक मुद्दों के बारे में बोल दिया, पंगे ले लिए यहां-वहां, हम सभी जानते हैं कि इंडस्ट्री में नेपोटिज्म एग्जिस्ट करता है। जिस किस्म का लॉन्च आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा और सोनम कपूर को मिला है, उस किस्म का लॉन्च मुझे नहीं मिला।' 'जिस मुकाम पर वे लोग 1 साल में पहुंच जाते हैं, वहां पहुंचने में मुझे 10 साल लगते हैं, लेकिन इसका यह मतलब तो नहीं है कि करण जौहर, आलिया भट्ट या सोनम कपूर, सुशांत सिंह राजपूत के कातिल हैं? किसी बेवकूफी भरे चैट शो में किसी मजाकिया बात को सुनकर सुशांत ने अपनी जान ले ली। यह सब सरासर बकवास है। ना आप डिप्रेशन को समझ पा रहे हैं, ना आप सुशांत के दुख की गंभीरता को समझ पा रहे हैं।' 'बॉलीवुड चाहे लाख बुरी हो लेकिन इस इंडस्ट्री की ये खासियत है कि टैलेंट छुपता नहीं है यहां और इसका सबसे बड़ा प्रमाण है अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, इरफान खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, राजकुमार राव, ऋचा चड्ढा, हुमा कुरैशी और मैं, हम सभी आउटसाइडर हैं लेकिन सबने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई है।' 'मुझे लगता है कि आखिर में जनता ही तो स्टार किड्स को बढ़ावा देती है। धड़क, स्टूडेंट ऑफ द ईयर और हीरोपंती जैसी फिल्मों को देखने दर्शक थिएटर में पहुंचते हैं, लेकिन हमारी फिल्में घर पर डाउनलोड करके देखी जाती हैं। राजकुमार राव की फिल्म ट्रैप, ऋचा चड्डा कि 'आर्टिकल 375' इन फिल्मों को देखने के लिए लोग सिनेमाघरों में क्यों नहीं आते? सवाल- जब कभी आपकी फिल्म फ्लॉप होती है या आप बहुत लो फील करती हैं तो अपने आप को उस माहौल से उबारने के लिए क्या करती हैं? स्वरा- 'मैं बस यही कहना चाहूंगी कि चकाचौंध की दुनिया कितनी खोखली है यह तो हमें सुशांत की मौत के बाद पता चल ही गया है और उनकी मौत के बाद ये भी साबित हुआ है कि कामयाबी, पैसा, शोहरत, 200 करोड़ की फिल्में, टॉप प्रोड्यूसर के साथ काम और खुशी का कोई लेना-देना नहीं है।' 'मैं बॉलीवुड को दुनिया का एक बहुत छोटा हिस्सा मानती हूं और उसके अलावा भी मेरी जिंदगी में कई सारे पहलू और कई सारे काम हैं, जो मुझे करने हैं। इसीलिए मैं दोनों चीजों को बैलेंस करने की कोशिश करती हूं। मेरा परिवार और मेरे दोस्त, मेरी जिंदगी में हमेशा रहते हैं और किसी तरह की कोई नेगेटिविटी मेरे आस-पास आने नहीं देते।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Swara Bhaskar said - I play the same characters that no one else wants to do, in the Sushant case - we have killed them twice https://ift.tt/31EqEWx
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जन्मदिन पर तिग्मांशु धूलिया को याद आगे करीबी दोस्त इरफान खान, बोले- 'वो अकसर मेरा जन्मदिन भूल जाते थे और तोहफे में किताबे देते थे' 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'हासिल' जैसी बेहतरीन फिल्में बना चुके तिग्मांशु धूलिया आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। भास्कर से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस साल जन्मदिन पर अपने करीबी दोस्त इरफान खान को बेहद याद कर रहे हैं। दोनों अक्सर साथ में परिवार के साथ आउटिंग किया करते थे। साथ ही तिग्मांशु ने अपने कुछ यादगार किस्से सुनाए हैं। बर्थडे पर मिला है सबसे अच्छा गिफ्ट दरअसल 2016 में मैंने एक फिल्म बनाई थी 'यारा 'और इस फिल्म को बनाने के पीछे मेरा गुस्सा था क्योंकि उसके पहले मैंने 'बुलेट राजा' नामक फिल्म बनाई थी जो फ्लॉप हो गई थी। मैंने गुस्से में डिसाइड किया कि मैं यारा बनाऊंगा। अब फिल्म बन कर रेडी हो गई लेकिन 4 साल से वह रिलीज नहीं हो रही थी। अब फिल्म का टीजर रिलीज किया गया है और फिल्म इस महीने के अंत तक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो जाएगी। तो कहीं ना कहीं मेरे लिए यह बहुत स्पेशल फीलिंग है और क्योंकि यह बर्थडे के पहले हुआ है तो मैं इसे अपना सबसे स्पेशल बर्थडे मानता हूं और साथी इस फिल्म को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। कभी-कभी मेरा बर्थडे भूल जाया करते थे इरफान खान सच कहूं तो हम पुरुषों को डेट्स वगैरह ज्यादा याद नहीं रहती। जैसे मुझे इरफान खान के बर्थ डेट याद नहीं है, जनवरी में कहीं आता है, वैसे ही इरफान को भी मेरी बर्थ डेट याद नहीं था। वह तो सुतापा भाभी उन्हें याद दिलाया करती थीं और फिर वे कॉल करके विश करते थे। इरफान से मेरा रिश्ता अनूठा ही था, एक दूसरे के लिए कभी शायद बर्थडे पर केक वगैरह नहीं लिया लेकिन हां एक दूसरे को तोहफे में किताबें दी थीं। हमारा तीन- चार साथियों का ग्रुप हुआ करता था जहां हम सब अपनी फैमिली को लेकर आते थे और साथ में खाना बनाते थे। मुझे हमेशा पता होता है कि मेरे दोस्त जन्मदिन पर मेरे घर आ जाएंगे इसीलिए मैं हमेशा खाना रेडी रखता था। इस जन्मदिन पर मिस करूंगा अपने यार इरफान खान को। मैं और इरफान खान अक्सर जंगलों में घूमना बहुत पसंद करते थे। हम कई बार अपनी फैमिली को लेकर कॉर्बेट नेशनल पार्क या पहाड़ों पर छुट्टियां मनाने निकल जाया करते थे। इरफान को मेरी साहिब बीवी और गैंगस्टर फिल्म बहुत पसंद आई थी तब मुझे फोन करके मेरे जन्म की और मेरे काम की दोनों की बहुत तारीफ की थी और इसीलिए इस फिल्म के दूसरे पार्ट में मैंने उन्हें भी कास्ट किया था। लॉकडाउन में बन गया हूं शेफ दरअसल अब मुझे खाना बनाने का शौक हमेशा से था लेकिन इस लॉकडाउन में खाना बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है। तो जहां पहले मैं कभी पास्ता बना दिया करता था वहां आज कढ़ी चावल राजमा सभी कुछ बनाता हूं और लगता है कि इस लॉकडाउन के वक्त में मैं एक शेफ बन चुका हूं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today On his birthday, Tigmanshu Dhulia remembers close friend Irfan Khan, said- 'He often forgot my birthday and used to give gifts' https://ift.tt/2VHFXKu
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चंडीगढ़ में साइक्लिंग का शौक पूरा कर रहे हैं आयुष्मान खुराना, बोले- ‘ये मेरे लिए मेडिटेशन की तरह है’ आयुष्मान खुराना ने कोरोनावायरस महामारी के दौरान पूरी तरह से फिट रहने के लिए कमर कस ली है और उन्होंने अपने डेली फिटनेस रुटीन के मुताबिक कुछ गंभीर कार्डियो एक्सरसाइज शुरू करने हेतु साइक्लिंग को चुना है। आयुष्मान इस वक्त पूरी फैमिली के साथ चंडीगढ़ में हैं और देशवासियों से अपनी फिटनेस पर ध्यान देने का आग्रह कर रहे हैं, जिससे इस वायरस से लड़ने के लिए उनकी इम्यूनिटी बढ़े। आयुष्मान का कहना है- "मौजूदा क्राइसिस के मद्देनजर आज के समय में फिटनेस बरकरार रखना बेहद महत्वपूर्ण पहलू है। फिट रहने के लिए हमें अपना खुद का फिटनेस नियम तलाशना होगा, क्योंकि यह बहुत जरूरी हो गया है। चूंकि मैं चंडीगढ़ में अपनी फैमिली और पैरेंट्स के साथ समय बिता रहा हूं, इसलिए मैंने साइक्लिंग करने का फैसला किया।” आयुष्मान के दिनचर्या में उनकी साइक्लिंग वह बैलेंस बना रही है, जिसकी उन्हेंबहुत जरूरत थी। वर्सेटाइल एक्टर बताते हैं- "मैं अपनी पूरी जिंदगी साइक्लिंग का शौकीन रहा हूं लेकिन मेरे काम के शेड्यूल ने मुझे कभी इसका मौका नहीं दिया। अब मुझे साइक्लिंग करना बहुत भा रहा है क्योंकि इससे न केवल मुझे फिट रहने में मदद मिल रही है, बल्कि यह मुझे चीजों पर ध्यान केंद्रित करने, जिंदगी के बारे में सोच-विचार करने और आगे बढ़ने की योजनाएं बनाने का एकांत समय भी दे रही है। व्यक्तिगत रूप से साइक्लिंग मेरे लिए अपने आप में मेडिटेशन करने जैसा अहसास है - मैं एक ही समय में किसी खास चीज पर ध्यान केंद्रित कर सकता हूं और अपने दिमाग में घुमड़ रहे दूसरे विचारों को शांत रख सकता हूं।” आयुष्मान स्वीकार करते हैं कि उन्हें सेट पर लौटने और अपनी बैक टू बैक फिल्मों की शूटिंग दोबारा शुरू करने का इंतजार नहीं हो रहा। वह कहते हैं, "मैं शूटिंग शुरू करने के लिए बेकरार हूं और सेट्स पर अपनी मौजूदगी को बहुत मिस कर रहा हूं। मैं कई चीजों की शूटिंग शुरू करने के लिए तैयार हूं। जैसे ही प्रोडक्शन टीमें कोई रास्ता निकालती हैं और काम शुरू करने के सुरक्षित तरीके तय करती हैं, मैं सेट्स पर लौट जाऊंगा!” Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ayushman Khurana is fulfilling his hobby of cycling in Chandigarh, said- 'This is like meditation for me' https://ift.tt/2VG2Aid
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