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अभिनेता को याद कर भावुक हुई बड़ी बहन रानी, इमोशनल नोट में लिखा- पूजा की थाल है, दिया है, मिठाई है, लेकिन वह कलाई नहीं जिस पर राखी बांध सकूं सुशांत सिंह राजपूत को गुजरे 50 दिन हो गए हैं। आज जहां दुनियाभर में रक्षाबंधन की धूम है और बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति अपना प्यार जता रही हैं और उनसे जीवनभर उनकी रक्षा का वचन ले रही हैं। वहीं, सुशांत की बहनों की आंखों में आंसू हैं और दिल में अपने भाई से हमेशा के लिए बिछड़ने का दर्द है। अभिनेता की बड़ी बहन रानी अपने इस दर्द को छुपा नहीं सकीं। उन्हें एक भावुक नोट के जरिए इसे साझा किया है। रानी ने नोट में लिखा है- गुलशन (सुशांत का घर का नाम), मेरा बच्चा आज मेरा दिन है। आज तुम्हारा दिन है। आज हमारा दिन है। आज राखी है। पैंतीस साल के बाद ये पहला अवसर है, जब पूजा की थाल सजी है, आरती का दिया भी जल रहा है, हल्दी-चंदन का टीका भी है, मिठाई भी है। राखी भी है, बस वो चेहरा नहीं है, जिसकी आरती उतार सकूं। वो ललाट नहीं है, जिसपर टीका सजा सकूं। वो कलाई नहीं, जिस पर राखी बांध सकूं। वो मुंह नहीं जिसे मीठा कर सकूं। वो माथा नहीं, जिसे चूम सकूं। वो भाई नहीं, जिसे गले लगा सकूं। वर्षों पहले जब तुम आए थे, तो जीवन जगमग हो उठा था। जब थे तो उजाला ही उजाला था। अब जब तुम नहीं हो तो मुझे समझ नहीं आता कि क्या करूं? तुम्हारे बगैर मुझे जीना नहीं आता। कभी सोचा नहीं कि ऐसा भी होगा। ये दिन होगा पर तुम नहीं होगे। ढेर सारी चीजें हमने साथ-साथ सीखी। तुम्हारे बिना रहना मैं अकेले कैसे सीखूं? तुम्ही कहो। हमेशा तुम्हारी रानी दी श्वेता सिंह कीर्ति में भी साझा की पोस्ट सुशांत को याद करते हुए उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट के साथ बचपन की फोटो साझा की गई है, जिसमें सुशांत सभी बहनों से घिरे नजर आ रहे हैं। श्वेता ने कैप्शन में लिखा है- मेरे स्वीट से बेबी को हैप्पी रक्षाबंधन। बहुत प्यार करते हैं हम आपको जान और हमेशा करते रहेंगे। आप थे, आप हो और आप हमेशा हमारा गर्व रहोगे। एक भाई की डेढ़ साल की उम्र में हो गई थी मौत पिछले दिनों श्वेता ने एक पोस्ट में बताया था कि उनके एक भाई की मौत डेढ़ साल की उम्र में हो गई थी। तब श्वेता पैदा भी नहीं हुई थीं। उन्होंने सुशांत को याद करते लिखा था- मुझे अपने परिवार के सदस्यों ने हमेशा बताया कि मम्मी और पापा हमेशा से बेटा चाहते थे। खासकर इसलिए भी, क्योंकि मम्मी की पहली संतान एक बेटा ही था और उन्होंने इसे डेढ़ साल की उम्र में खो दिया था। मैं अपने पहले भाई से कभी नहीं मिली। लेकिन मम्मी-पापा को दूसरे बेटे की बहुत उम्मीद थी। उन्होंने मन्नत मांगी। दो साल तक मां भगवती की पूजा की। व्रत-उपवास किए, पूजा-हवन किया और धार्मिक जगहों पर जाकर संतों से मिले। लेकिन तब मैं पैदा हुई ...दिवाली के दिन। मम्मी ने मुझे हमेशा लकी माना और लक्ष्मीजी कहना शुरू कर दिया। पैरेंट्स लगातार साधना करते रहे और एक साल बाद मेरे छोटे भाई (सुशांत) का जन्म हुआ। शुरू से ही वह आकर्षक था। उसने अपनी सुंदर मुस्कान और चमकीली आंखों से सबको मंत्रमुग्ध कर रखा था। 14 जून को सुशांत ने सुसाइड किया 14 जून 2020 को मुंबई में सुशांत ने सुसाइड कर लिया था। हालांकि, उन्होंने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा था। पुलिस जांच में उनके डिप्रेशन में होने की बात सामने आई थी। 25 जुलाई को सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर पुलिस स्टेशन में उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सिंह ने रिया पर सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने और उनके साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच बिहार पुलिस कर रही है। सुशांत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं... सुशांत की बहन की भावुक पोस्ट:श्वेता ने साझा की सुशांत की मौत से 4 दिन पहले की व्हाट्सऐप चैट, यह भी बताया कि एक भाई की मौत बचपन में ही हो गई थी सुशांत सुसाइड केस:सिद्धार्थ पिठानी का खुलासा- जनवरी में टूट गया था सुशांत का दिल, शहर की चकाचौंध से भाग जाना चाहते थे, मुझसे कहा था- वापस आ जाओ मेरे पास कोई नहीं है Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sushant Singh Rajput Elder Sister Rani Gets Emotional After Remembering Her Brother On Rakshabandhan https://ift.tt/3k5EpVi

सुशांत के करीबी दोस्त सैमुअल मिरांडा का दावा, 'मेरे रहने तक डिप्रेस नहीं दिखे एक्टर, जिंदादिल इंसान थे साथ बहुत अच्छा वक्त गुजारा है' सुशांत मामले में बिहार पुलिस के आते ही रफ्तार बढ़ गई है। कई लोगों के बयान लिए जा चुके हैं जिसमें कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। एक्टर की मौत के कई दिनों बाद उनकी फॉर्मर गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे ने दावा किया था कि सुशांत डिप्रेशन में नहीं थे जिसके बाद अब उनके करीबी दोस्त सैमुअल का मानना है कि एक्टर एक जिंदादिल इंसान थे और वो डिप्रेशन में नहीं हो सकते। सैमुअल पिछले जून-जुलाई तक सुशांत के साथ ही रहते थे और तब वो काफी अच्छे से रहते थे। हाल ही में टाइम्स नाऊ से बातचीत में सुशांत के दोस्त और बिजनेस एसोसिएट सैमुअल ने बताया कि 'मैं पिछले जून- जुलाई तक सुशांत के साथ काम कर रहे थे। मगर इस तरह का कुछ पता नहीं चला कि उनके साथ कोई दिक्कत है और मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि उसके बाद उसके बाद क्या हुआ। जब तक मैं उनके साथ था मुझे इस तरह नहीं लगा कि वो डिप्रेस्ड था क्योंकि हमने साथ में बहुत अच्छा समय बिताया है। हमारी एक छोटी सी टीम थी, हमलोग साथ में खेलते थे, गाते थे साथ में शूट करते थे। ऐसा कभी लगा ही नहीं कि वो डिप्रेस है। वो बहुत जिंदादिल इंसान था। आप कभी-कभी नाराज या दुखी हो जाते हैं अपने आस- पास की चीजों की वजह से लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप डिप्रेस हो। वो आज में रहने वाला इंसान था और उसने हमें भी यही सिखाया है'। दवाइयों के बारे में नहीं है जानकारी आगे सैमुअल बताते हैं, 'मैंने सुशांत की मौत के बाद कुछ लोगों से बातचीत की थी और उन्हीं लोगों ने मुझे बताया कि वो कुछ मेडिकेशन ले रहे हैं और कुछ डॉक्टर्स भी इसमें शामिल हैं। मेरे लिए कुछ भी कहना गलत होगा क्योंकि मुझसे जानकारी नहीं है। मैं असलियत के बारे में कुछ नहीं जानता इसलिए कहना मुश्किल है। मैंं भी जानने के लिए काफी उत्सुक था इसलिए मैंने उनके कुछ करीबी लोगों से बातचीत कि जिसमें उनके बॉडी गार्ड ने मुझे उनके मेडिकेशन की जानकारी दी थी'। सोशल मीडिया पर वायरल हुईं सैमुअल की मौत की अफवाह सैमुअल का बयान सामने आते ही उनके मरने की खबर भी सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुए जिसके बाद खुद सैमुअल ने अपने स्वस्थ होने की जानकारी दी। इस बारे में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'हैलो दोस्तों, सहयोग के लिए शुक्रिया, मैं ठीक हूं और जिंदा हूं। मेरा अकाउंट कोई और इस्तेमाल नहीं कर रहा है'। सैमुअल की इंस्टा स्टोरी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sushant's close friend Samuel Miranda claimed, 'he was not depress till i was with him, he is livelyhood man' https://ift.tt/2XmOt2b

थेरेपिस्ट को निशाना बनाए जाने पर उसके बचाव में उतरीं स्वरा भास्कर, बोलीं- हमें साजिश की कहानियों की बजाए मेंटल हेल्थ के बारे में बातें करना चाहिए सुशांत सिंह राजपूत की थेरेपिस्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित बताते हुए रिया चक्रवर्ती का बचाव किया था। जिसके बाद दिवंगत अभिनेता के जीजा ने थेरेपिस्ट के इस बयान को बेहद गैर-जिम्मेदाराना, अनैतिक और अवैध बताया था। अब एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कई ट्विट्स करते हुए उस थेरेपिस्ट का समर्थन करते हुए उसका बचाव किया है। स्वरा ने अपने ट्वीट के जरिए बताया कि सारे नियम कायदे तो तभी टूट गए थे, जब सुशांत की डेडबॉडी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत प्रतिशोध और राजनीतिक लाभ के लिए भी अभिनेता की मौत का उपयोग कर रहे हैं। तमाशे ने चुप्पी तोड़ने पर मजबूर किया अपने पहले ट्वीट में स्वरा ने लिखा, 'इससे पहले कि हम इस थेरेपिस्ट पर 'प्रोफेशनल एथिकल कोड तोड़ने' आदि को लेकर हमला करें, सुशांत सिंह राजपूत के दुखद निधन, गलत चित्रण और अवसाद को लेकर कलंक लगाने जैसे हो रहे घृणित तमाशे ने इस महिला को उसकी चुप्पी तोड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि अन्य लोग सुशांत की तरह पीड़ित ना हों।' मौत वाले दिन ही सारी नैतिकताएं ध्वस्त हो गई थीं दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'नैतिकता के सारे कोड तो उसी दिन खिड़की से बाहर फेंक दिए गए थे, जब पहले ही मिनट उनके शव के फोटोज को प्रसारित किया गया था। अब हमें सामूहिक रूप से आचार संहिता के बारे में बात करना चाहिए- कि पहले दिन से लेकर अबतक उपलब्ध हर मंच पर हमने जो कुछ भी उपभोग किया है, उसमें वास्तव में आपराधिक मानहानि आखिर है क्या?' ## ये केस एक अपवाद है तीसरे ट्वीट के मुताबिक, 'तकनीकी रूप हो सकता है कि वो नैतिकता के कोड का उल्लंघन कर रही हो, लेकिन अपवाद ये है कि इस केस में वास्तव में असाधारण परिस्थिति थीं। मीडिया तो बिना किसी मुकदमे और बिना किसी निर्णायक सबूत के ही ये बता चुका है कि हत्यारा कौन है... यहां तो भीड़ के रूप में न्याय के लिए मीडिया ट्रायल चल रहा है।' ## निजी और राजनीतिक हित साध रहे लोग इस मुद्दे को लेकर किए चौथे और आखिरी ट्वीट में स्वरा ने लिखा, 'ये बिल्कुल स्पष्ट है कि उनकी (सुशांत) मौत का इस्तेमाल व्यक्तिगत बदला लेने और राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। मैं ये भी समझ पा रही हूं कि उन्हें (थेरेपिस्ट) क्यों बोलना पड़ा। सारी बातचीत डिप्रेशन को बदनाम कर रही हैं और उसे बिल्कुल गलत तरीके से पेश कर रही हैं... मुझे लगता है कि हमें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करने की जरूरत है ना कि साजिश की कहानियों के बारे में'। ## क्या कहा था सुसान वॉकर ने? शनिवार को एक इंटरव्यू में सुशांत की थेरेपिस्ट सुसान वॉकर ने दावा किया कि सुशांत बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, 'सुशांत डिप्रेशन और हाइपोमेनिया के दौरों के कारण बहुत तकलीफ में थे। रिया उन्हें बहुत सपोर्ट कर रही थीं। पहली बार जब मैं उनसे बतौर कपल मिला तो सुशांत के प्रति रिया की चिंता, प्यार और सपोर्ट देखकर प्रभावित हुआ था। यह इस बात का सबूत था कि वे दोनों एक-दूसरे के कितने करीब थे। रिया अप्वाइंट लेती थी और उन्हें हिम्मत बंधाती थी। जब वे गंभीर रूप से बीमार पड़े तो रिया ने उनका ख्याल मां की तरह रखा।' थेरेपिस्ट पर भड़के सुशांत के जीजा इस खुलासे के बाद सुशांत के जीजा विशाल थेरेपिस्ट पर भड़क गए थे। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि 'मेंटल हेल्थ की जानकारी कानून के दायरे में आती है। किसी साइकैट्रिस्ट/ साइकोलॉजिस्ट द्वारा इसे उजागर करना न केवल अनैतिक है, बल्कि अवैध भी है। मैं यह अपने ससुर केके सिंह पर छोड़ता हूं कि वे इस मामले में थेरेपिस्ट पर चार्जेस लगाते हैं या नहीं?' विशाल सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति के पति हैं, जो कि अमेरिका में सेटल हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने सुशांत सिंह राजपूत को बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित बताने वाली उनकी थेरेपिस्ट का बचाव किया है। https://ift.tt/3k6013K

एक्टर के करीबी फ्रेंड दीपेश से पुलिस ने की पूछताछ, मामले में सबसे महत्वपूर्ण गवाह सिद्धार्थ पिठानी से भी आज होगी पूछताछ बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित आत्महत्या मामले की जांच के लिए लगातार आगे बढ़ रही बिहार पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 160 के अंतर्गत सुशांत के मित्र दीपेश और सिद्धार्थ पठानी को नोटिस भेजा था। इसके बाद दीपेश रविवार की रात बिहार पुलिस के सामने हाजिर हुए जबकि सिद्धार्थ ने भी पुलिस से फोन पर संपर्क किया है। आज उनसे भी पूछताछ हो सकती है। पटना रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजय सिंह ने सोमवार को बताया कि रविवार को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत दोनों को नोटिस भेजा गया था तथा दोनों को नोटिस के तहत आमने-सामने बैठकर बयान दर्ज कराने को कहा गया था। दीपेश रात को बिहार पुलिस के समक्ष हाजिर हो गए लेकिन सिद्धार्थ का आना बाकी है। सिद्धार्थ इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण गवाह उन्होंने कहा कि हर हाल में सिद्धार्थ को भी पुलिस के सामने आना होगा। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ अगर नहीं आते हैं, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। कहा जाता है कि सिद्धार्थ ने ही सबसे पहले सुशांत की डेडबॉडी देखी थी और वे सुशांत के साथ ही रहते थे। पटना के एसपी को 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन किया गया इस बीच, मामले की जांच में को आगे बढ़ाने गए आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को जबरन क्वारैंटाइन करने के मामले में सिंह ने कहा कि बिहार पुलिस इन मामलों को भी देख रही है। विनय तिवारी रविवार दोपहर मुंबई पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही विनय तिवारी अपना पहला बड़ा कदम उठा पाते उससे पहले ही बीएमसी ने उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया। बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने देर रात अपने आफिशियल ट्वीटर हैंडल से विनय तिवारी को जबरदस्ती क्वारंटीन करने का खुलासा किया था। विनय तिवारी ने मुम्बई हवाई अड्डे पर ही कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच सही दिशा में आगे जा रही है। इसके बाद वह अपने चार साथियों के साथ गोरेगांव के एक गेस्टहाउस में गए जहां उनकी साथियों के साथ लम्बी बातचीत हुई। सोमवार को उन्हें बांद्रा जोन-9 के डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे से मिलना था। त्रिमुखे ही सुशांत की संदिग्ध मौत के बाद उनसे जुड़ा मामला देख रहे हैं। बांद्रा में 14 जून को सुशांत ने की थी आत्महत्या पटना के रहने वाले सुशांत का शव उनके मुंबई के बांद्रा स्थित फ्लैट में 14 जून को मिला था। इसके बाद इस मामले की जांच मुबई पुलिस कर रही थी। इसके बाद सुशांत के पिता केक सिंह ने उसकी मित्र रिया चक्रवर्ती, उनके परिवार के सदस्यों सहित और छह अन्य लोगों के खिलाफ उनके बेटे को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला 25 जुलाई को पटना में दर्ज कराया। इस मामले की जांच के लिए बिहार पुलिस की एक टीम मुंबई में है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today दीपेश और सिद्धार्थ दोनों सुशांत के करीबी दोस्त थे और अक्सर खाली समय में तीनों साथ रहते थे। https://ift.tt/33mb9Ui

सिद्धार्थ पिठानी का खुलासा- जनवरी में टूट गया था सुशांत का दिल, शहर की चकाचौंध से भाग जाना चाहते थे, मुझसे कहा था- वापस आ जाओ मेरे पास कोई नहीं है सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सबसे पहली उनकी डेड बॉडी देखने वाले दोस्त सिद्धार्थ पिठानी की मानें तो जनवरी में अभिनेता का दिल टूट गया था और वे शहर की चकाचौंध भरी जिंदगी से भाग जाना चाहते थे। उन्होंने उन्हें कॉल किया था और कहा था कि वापस आ जाओ मेरे पास कोई नहीं है। पिठानी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में यह दावा किया। 'सुशांत ने कहा था- मैं तुम्हे सैलरी दूंगा' सिद्धार्थ पिठानी ने कहा, "सुशांत ने मुझे जनवरी के पहले सप्ताह में फोन किया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि प्लीज वापस आ जाओ। मुझे लगता है कि हम साथ मिलकर कुछ कर सकते हैं। मैं एक्टिंग नहीं करना चाहता। हम वर्चुअल रियलिटी और दूसरे फील्ड में कुछ कर सकते थे। मुझे यकीन है कि तुम इसके लिए सही इंसान हो। अपना जॉब छोड़ो, मैं तुम्हे वही सैलरी दूंगा।" 'उन्हें देख ऐसा लगा जैसे वे बुरी तरह टूटे हुए थे' सिद्धार्थ की मानें तो जब वे सुशांत के घर पहुंचे तो उन्होंने उन्हें बुरी तरह टूटा हुआ पाया। उनके मुताबिक सुशांत रो रहे थे और उनसे कह रहे थे, "मेरे पास फिलहाल कोई नहीं है।" सिद्धार्थ ने बताया कि सुशांत ने उन्हें उनके साथ रहने के लिए कहा था। वे उनका और उनके परिवार का ध्यान रखने के लिए भी तैयार थे। पिठानी के अनुसार सुशांत बहुत सिंपल जिंदगी जीना चाहते थे और अपनी खिड़की से सड़क पर नजर आने वाली भीड़ को देखकर परेशान रहते थे। उनसे बात करते हुए वे बहुत इमोशनल हो गए थे और कह रहे थे, 'ये सब एक्टर्स हैं। सब एक्टिंग कर रहे हैं।' 'सुशांत ने कहा था- मेरा कोई नहीं है' पिठानी के मुताबिक, सुशांत ने उनसे कहा था, "मेरा कोई नहीं है। हम इससे बहुत दूर चले जाएंगे। हम पावना चले जाएंगे।" पिठानी ने बताया कि पावना में सुशांत का फार्महाउस है, जहां वे सैरसपाटे के लिए जाते थे और ट्रैकिंग, साइकिलिंग जैसे एडवेंचरस करते थे। वहां पूल टेबल भी हैं। सिद्धार्थ के अनुसार, सुशांत ने कहा था, "हम खेती कर सकते हैं और एक बजट पर जी सकते हैं।" वकील का दावा- सुशांत ने सबसे पहले देखी थी डेड बॉडी सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कहा था, "यह लड़का (सिद्धार्थ) सुशांत के साथ ही रहता था और इसने ही सबसे पहले उनकी डेड बॉडी देखी थी। इसलिए जब उन्होंने दरवाजा बंद पाया तो उन्होंने उसे तब तक नहीं खोला, जब तक कि उनकी बहन नहीं आ गई। उसने डेढ़ घंटे तक इंतजार किया।" दरअसल, सिद्धार्थ ने मुंबई पुलिस को मेल किया था कि सुशांत का परिवार उन पर रिया के खिलाफ बयान देने का आरोप लगा रहा है। इस पर विकास सिंह ने उन्हें घेरा था और कहा था, "25 जुलाई तक वह परिवार के संपर्क में था और यह कहते हुए मदद की कोशिश कर रहा था कि सुशांत के साथ जो हुआ, उसके लिए रिया चक्रवर्ती जिम्मेदार है।" "अचानक से उसका व्यवहार बदल गया। मुझे नहीं पता कि क्या हुआ? लेकिन उम्मीद है कि पुलिस जल्दी ही मामले की तह तक जाएगी और पता लगा लेगी कि इस केस में पिठानी की क्या भूमिका है और उनके पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जो उन्होंने साझा नहीं की।" सुशांत केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं... 1. सुशांत के बैंक स्टेटमेंट से खुला राज:रिया चक्रवर्ती ने 5 बार पूजा-पाठ के नाम पर निकाले थे पैसे, परिवार का दावा- पैसे का इस्तेमाल सुशांत पर जादू-टोने के लिए किया गया 2. सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी पर उठे सवाल:वकील विकास सिंह का दावा- 25 जुलाई तक सिद्धार्थ रिया के खिलाफ बोल रहे थे, अब अचानक पलट गए 3. सुशांत केस में मनी लॉन्ड्रिंग:गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती से पूछताछ के लिए समन भेजेगा ईडी, संदिग्ध लेनदेन और बैंक खातों की जांच होगी 4. सुशांत सुसाइड केस:एफआईआर दर्ज होने के बाद रिया चक्रवर्ती का पहला रिएक्शन, रोते हुए हाथ जोड़कर बोलीं- मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा, जीत सत्य की होगी 5. सुशांत सुसाइड केस:अभिनेता के सीए ने किया उनके पिता के आरोप का खंडन, बैंक डिटेल साझा कर बोले- सुशांत के खाते से रिया को कोई बड़ी रकम ट्रांसफर नहीं की गई Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सुशांत सिंह राजपूत और सिद्धार्थ पिठानी। सुशांत के वकील ने दावा किया था कि सिद्धार्थ ने ही सुशांत की डेड बॉडी सबसे पहले देखी थी। https://ift.tt/3gsEj7O

जांच के लिए पटना से मुंबई पहुंचे आईएपीएस विनय तिवारी को बीएमसी ने किया क्वारैंटाइन, बिहार के डीजीपी ने लगाया जबरदस्ती का आरोप सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या केस में धीरे-धीरे नए ट्विस्ट और टर्न सामने आ रहे हैं। इस मामले की जांच में अब महाराष्ट्र और बिहार पुलिस आमने-सामने आती नजर आ रही है। जांच के लिए रविवार को मुंबई पहुंचे पटना के एसपी विनय तिवारी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने क्वारैंटाइन कर दिया है। उनके हाथ पर क्वारैंटाइन की मुहर लगाते हुए उन्हें अगले आदेश तक एक घर में रहने को कहा गया है। इसका मतलब साफ है कि वे अब जांच के लिए किसी से मिल नहीं सकेंगे। बिहार पुलिस का आरोप जबरदस्ती क्वारैंटाइन किया गया बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ट्वीट किया, 'आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी आज पुलिस टीम का नेतृत्व करने के लिए आधिकारिक ड्यूटी पर पटना से मुंबई पहुंचे, लेकिन उन्हें रात 11 बजे बीएमसी के अधिकारियों ने जबरन क्वारैंटाइन कर दिया। अनुरोध के बावजूद उन्हें आईपीएस मेस में रहने की व्यवस्था नहीं की गई और अब उन्हें गोरेगांव के एक गेस्ट हाउस में रखा गया है।' बीएमसी ने कहा- नियम के हिसाब से क्वारैंटाइन किया गया इस मामले में बीएमसी की ओर से कहा गया है कि सामने सरकारी आदेशों का पालन किया है और नियम के हिसाब से उन्हें क्वारैंटाइन किया गया है। अगर उनमें किसी तरह के कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो आने वाले समय में उनका स्वाब टेस्ट भी करवाया जाएगा। रिया चक्रवर्ती को तलाश रही है बिहार पुलिस इससे पहले बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने एक निजी चैनल के साथ बात करते हुए कहा कि रिया चक्रवर्ती तीन-चार दिनों से लापता है और उनका फोन भी बंद है। हम चाहते हैं कि रिया सामने आएं और जांच में साथ दें। हम उनसे कुछ सवाल करना चाहते हैं। ऐसा नहीं है कि उनके सामने आते ही हम उन्हें सूली पर लटका देंगे। डीजीपी पांडे ने आगे यह भी कहा कि इमोशनल वीडियो डालने से कुछ नहीं होता है। आप अगर सच्चे हैं तो पुलिस से आकर बात करें और सच जानने में उनका साथ दें। उन्होंने रिया चक्रवर्ती से अपील करते हुए कहा कि सुशांत मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस में कोआर्डिनेशन: विनय तिवारी रविवार को मुंबई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए आईपीएस विनय तिवारी ने कहा था कि मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस में पूरा कोआर्डिनेशन है। तिवारी ने कहा, "ऐसा नहीं है कि कोआर्डिनेशन नहीं हो रहा था। बीते एक सप्ताह से हमारी टीम यहां काम कर रही है। क्योंकि, जांच की एक प्रक्रिया होती है और उसका अगला स्टेप सुपरविजन होता है। इसके लिए किसी सीनियर अफसर को आना होता है को उसी क्रम में मुझे यहां भेजा गया है। सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ीं यह खबरें भी पढ़ सकते हैं:- 1. सुशांत केस की जांच में बिहार पुलिस का आरोप: डीजीपी बोले- मुंबई पुलिस ने सहयोग नहीं किया, उन्होंने न तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बताई, न ही सीसीटीवी फुटेज और बुनियादी सूचनाएं साझा कीं 2. सुशांत केस की जांच को लेकर दो बयान: सीएम नीतीश कुमार ने कहा- सुशांत के पिता चाहेंगे तो सीबीआई जांच की सिफारिश संभव; बिहार के डीजीपी बोले- मामले की जांच में हम पूरी तरह सक्षम Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 2015 बैच के आईपीएस विनय तिवारी बिहार पुलिस के एक तेजतर्रार अफसर माने जाते हैं। फिलहाल, वह पटना में तैनात हैं। उन्हें सुशांत केस की जांच को लीड करने के लिए मुंबई भेजा गया था। बीएमसी ने उनके हाथ पर क्वारैंटाइन की मुहर लगाईं है (दाएं)। https://ift.tt/2DreuGz

ग्रेसी सिंह, शुभांगी अत्रे से लेकर ऐश्वर्या सखूजा तक, लॉकडाउन में वर्चुअल रक्षाबंधन मनाएंगे सेलेब इस साल लॉकडाउन की वजह से कई लोगों के रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने की प्लानिंग में बदलाव आए हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर ने कुछ जाने-माने टेलीविजन पर्सनालिटीज से बात की और जाना कि वे लॉकडाउन में कैसे इस त्यौहार को सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस दौरान कई सेलेब्स ने इस त्यौहार से जुडी कुछ खास यादें भी हमसे साझा की हैं। ग्रेसी सिंह: दुर्भाग्यवश स्थिति ऐसी है कि हम साथ में नहीं होंगे। हर साल इस खास दिन को अपने परिवार के साथ मनाने के लिए मैं दिल्ली अपने घर जाती थी, लेकिन इस साल महामारी के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। यह एक वर्चुअल सेलिब्रेशन की तरह होगा। मैंने पहले से ही अपने भाई के लिए एक सुंदर राखी और स्पेशल उपहार खरीदकर कोरियर करवा दिया है। मैं उसके साथ रहना अधिक पसंद करती, लेकिन दुर्भाग्यवश स्थिति ऐसी है कि हम साथ में नहीं होंगे। मैं इंतजार कर रही हूं कि मैं उससे जल्द से जल्द मिलूं और हम बहुत सारी मस्ती करें। तब तक हम एक-दूसरे के साथ वीडियों कॉल के द्वारा जुड़े रहेंगे। वह मेरे बच्चे की तरह है और मेरे दिल के बहुत करीब है। कभी-कभी जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो चाहती हूं कि वही बचपन वापस आ जाए। भाई के साथ राखी सेलिब्रेट करतीं ग्रेसी। पुरानी तस्वीर। राहुल शर्मा: मुझे खुद ही तिलक लगाना पड़ेगा मैं चाहे कितना भी व्यस्त क्यों ना रहूं मगर रक्षा बंधन, होली और दीवाली पर घर जरूर जाता हूं। यह पहली बार होगा जब मैं रक्षा बंधन पर नहीं जा पा रहा हूं। बहनें राजस्थान में हैं और मैं मुंबई में हूं | मगर इस बार हम वीडियो कॉल पर राखी का त्योहार मनाएंगे। मेरी बहनें राखी भेजेंगी और एक वीडियो कॉल पर हम एक साथ जश्न मनाएंगे। मुझे खुद ही तिलक लगाना पड़ेगा | मेरी दो सगी बहनों के अलावा गर आप सभी की गिनती करे तो मेरी कुल 26 बहने हैं। हर साल वे घर पर इकट्ठी होती थीं। मैं घर नहीं जा पाता था तो थे सब मुंबई आ जाती थीं। मेरी पूरी कलाई राखियों से भर जाती थी। जब भी उन्हें देखता हूँ तो एक प्यारा-सा अहसास होता है। हम रक्षाबंधन के दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। शुभांगी अत्रे: अपनी बहनों और पिताजी को राखी कुरियर कर दी है मेरी दो बड़ी बहनें हैं और कोई भाई नहीं है। हर साल हम तीनों बहनें अपने पिताजी की कलाई पर राखी बांधती हैं कि वह सभी मुसीबत, संकट और विपरीत हालात में हमारी रक्षा करेंगे। हम बहनों के बीच जो खूबसूरत रिश्ता है, उसे जाहिर करने के लिए हम तीनों एक दूसरे की कलाई पर भी राखी बांधती हैं। इस साल मैंने अपने होमटाउन में अपनी बहनों और पिताजी को राखी कोरियर कर दी है। मैं नहीं जानती थी कि किसी समय हमारे लिए वीडियो कॉल इतनी महत्वपूर्ण हो जाएगी, जो हमारे सारे परिवार को एक दूसरे से कनेक्ट करेगी। इस खुशी के मौके पर मेरी घर पर ही मिठाइयां बनाने की योजना है। पिता और बहन के साथ शुभांगी। प्रणिता पंडित: भाई के साथ ये त्यौहार मानना चाहती थी क्योंकि मैं गर्भवती हूं इस साल का रक्षाबंधन मैं वाकई में अपने भाई के साथ मानना चाहती थी क्योंकि मैं गर्भवती हूं। लेकिन मेरी ये इच्छा पूरी नहीं होगी। मैं सिर्फ वीडियो कॉल पर ही उससे बात कर पाउंगी। मेरी बहन, जो दिल्ली में रहती है, मेरी तरफ से राखी बांधकर चली जाएगी। मेरा भाई मुझे हमेशा सच्चाई और अपनी ईमानदार राह पर चलने की सलाह देता है, वो खुद भी बहुत सरल स्वभाव का हैं। आज तक मैंने ये त्यौहार हमेशा उसके साथ मनाया हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से ऐसा नहीं होगा। पुरानी तस्वीर में भाई के साथ पोज करती हुईं प्रनिथा। ऐश्वर्या सखूजा: वीडियो कॉल जिंदाबाद दुःख तो है कि इस साल अपने भाई और भाभी के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मना पाउंगी हालांकि वीडियो कॉल जिंदाबाद (हंसते हुए) हां, ये एक अच्छी बात हैं कि टेक्नोलॉजी मुझे और मेरे भाई को आमने-सामने स्क्रीन पर देखने का मौका देंगी। ये त्यौहार मेरे लिए बहुत स्पेशल हैं क्योंकि मैं अपने भाई और भाभी के बहुत करीब हूं। सच कहूं तो इस बार कोई भी त्यौहार मनाने की इच्छा नहीं है। पूरी दुनिया एक बुरे दौर से गुजर रही हैं और हम सभी बस इस बुरे दौर से निकल जाए, मैं बस यही हर दिन दुआ करती हूं। कामना पाठक: मां से खीर बनाने के लिए कहा जिससे हम एक दूसरे को मिस न करें यह लॉकडाउन वाकई हमारे लिए एक इम्तिहान जैसा था क्योंकि मैं इंदौर में अपने परिवार के साथ थी और वह थिएटर में होने वाले नाटक के सिलसिले में चंडीगढ़ मैं था। मैं इस लाॅकडाउन में उससे मिलने के लिए बेहद उतावली थी और उसके साथ आर्ट, थिएटर, एक्टिंग के साथ-साथ लॉकडाउन में खोजी गई नई चीजों के बारे में बात करना चाहती थी। बदकिस्मती से इस साल हमें रक्षाबंधन वर्चुअल तरीके से ही मनाना होगा क्योंकि मैं अपने शो की शूटिंग के लिए मुंबई लौट चुकी हूं और वह चंडीगढ़ से परिवार के पास वापस इंदौर लौट चुका है। मैंने खासतौर से अपनी मां से कहा है कि वह रक्षाबंधन के दिन हमारी मनपसंद खीर जरूर बनाए, जिससे इस खास दिन पर हम दोनों एक दूसरे को मिस न करें। उसने मुझे एक खास उपहार भी भेजा है। कामना पाठक और उनके भाई। मीरा देवस्थले : अब मुझे भाई से मिलने के लिए एक साल और इंतजार करना होगा मेरा भाई पिछले तीन वर्षों से कनाडा में है। इसलिए हर साल राखी पर हम एक दूसरे को उपहार भेजते हैं। मैं यहां मुंबई से उसके लिए राखी और मिठाई भेजती तो दूसरी तरफ भाई मेरे लिए ढेर सारे गिफ्ट्स कनाडा से भेजता। लेकिन इस साल हमारा प्लान था एक साथ रक्षाबंधन मनाने का। भाई कनाडा से घर आने वाला था लेकिन इस महामारी की वजह से ये प्लान कामयाब नहीं हो पाएगा। अब मुझे एक साल और इंतजार करना होगा उससे मिलने के लिए। मुझे याद हैं इस खास मौके पर भी हम एक दूसरे से लड़ना नहीं छोड़ते। छोटी-छोटी बातों पर लड़ते लेकिन जल्द्द से जल्द पैच-अप भी कर लेते। बचपन की ये यादें हमेशा स्पेशल रहेंगी। परिवार के साथ मीरा। शरमन जैन: इंडस्ट्री से सरगुन मेहता और सनाया ईरानी मुझे राखी बांधती हैं जीवन में पहली बार मेरे लिए वर्चुअल रक्षा बंधन होगा। पंजाबी होने के नाते, राखी हमेशा हमारे लिए खास रही है क्योंकि आप और आपकी बहन उस दिन आकर्षण का केंद्र होते हैं। यह एक शानदार अहसास है। इंडस्ट्री से सरगुन मेहता और सनाया ईरानी मुझे राखी बांधती हैं। पिछले साल, मैं और शरगुन, हम दोनों यूके में अपनी पंजाबी फिल्म की शूटिंग में थे इसलिए उन्होंने सेट पर मुझे राखी बांधी। लेकिन इस साल वह पंजाब में है और मैं यहां मुंबई में। वही सनाया भी अपने भाई से मिलने गई है। इस साल मैं अकेला रहूंगा और मैं वास्तव में सभी को याद करूंगा। सनाया ईरानी के साथ शरमन। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today From Gracie Singh, Shubhangi Atre to Aishwarya Sakhuja, will celebrate celebrations of virtual Raksha Bandhan in lockdown https://ift.tt/2XjgIyO

'राधिका आप्टे का कई फिल्‍मों में ऑडिशन लिया है मगर नवाजुद्दीन का कभी नहीं लिया'- रात अकेली है फिल्म डायरेक्टर हनी त्रेहान हफ्ते भर के अंतराल में इंडस्‍ट्री से दो बड़े कास्टिंग डायरेक्‍टरों का बतौर डायरेक्‍टर डेब्‍यू हुआ है। मुकेश छाबड़ा ने पिछले हफ्ते ‘दिल बेचारा’ दी थी। 31 को हनी त्रेहान ‘रात अकेली है’ लेकर आए हैं। हनी ने दैनिक भास्‍कर से बातचीत के दौरान फिल्म की मेकिंग और कास्टिंग से जुड़ी बातें शेयर की हैं। -इसका आईडिया कैसे आया था? इसका आईडिया मुझे नहीं आया था। इसे स्मिता सिंह ने लिखा था। उनकी स्क्रिप्‍ट अच्‍छी लगी थी। कहानी जिस कल्‍चर में सेट है, मैं वहीं का पला बढ़ा हूं। इस तरह के किरदारों और पृष्‍ठभूमि को अच्‍छे से जानता हूं। तभी इसे डायरेक्‍ट करने का मन बनाया। - इसका टाइटल 'रात अकेली है' रखने के पीछे क्या वजह थी? इसका टाइटिल स्मिता ने ही तय किया था। मेरी फिल्‍म में रात बहुत अहम किरदार निभा रही है। ज्‍यादातर घटनाक्रम रात में ही घट रहे हैं। रात का अपना एक्‍सप्रेशन है। हर किसी को आजादी देता है कि रात को कैसे इन्‍टरप्रेट करना है। इसे जब हम बोलते हैं तो एक मूड है इसमें। - बतौर डायरेक्टर आप की ग्रूमिंग किनसे हुई है? प्रैक्टिली कहें तो विशाल भारद्वाज मेरे मेंटर और गुरू हैं। इसका पहला बीज वैसे बैरी जॉन ने मुझमें डाला था। तब मैं विशाल सर से मिला। उन्‍होंने मुझे गाइड किया। हमेशा मदद की कि न केवल अच्‍छा डायरेक्‍टर बनूं, बल्कि बेहतर इंसान भी। फिल्म डायरेक्टश की तैयारी कब से चल रही थी? मेरी तो तैयारी डायरेक्‍टर बनने की ही थी। दिल्‍ली के थिएटर के दिनों में मैं प्‍ले डायरेक्‍ट किया करता था विशाल सर के साथ। मैं उनका असिस्‍टेंट था। उन्‍होंने ही मुझसे कहा था कि मैं उनकी फिल्‍मों की कास्टिंग भी करूं। बतौर कास्टिंग डायरेक्‍टर ही उन्‍होंने मुझे क्रेडिट देना भी शुरू किया। उन्‍हीं दिनों की बात है, जब मुकेश छाबड़ा को मैंने असिस्‍टेंट लिया था। ‘ब्‍लू अंब्रेला’ और ‘कमीने’ वगैरह पर उन्‍होंने मुझे असिस्‍ट किया था। मुझे उस वक्‍त से ही पता था कि मुकेश भी डायरेक्‍शन में आना चाहते हैं। मुकेश की उन दिनों भी एनएसडी में जॉब थी। वह बच्‍चों के साथ थिएटर और प्‍ले डायरेक्‍ट किया करते थे। वह भी बड़ी खूबसूरती से अपने भीतर के डायरेक्‍टर को ला पाए हैं। - कब डिसाइड किया कि फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाना है? हम लोग तो थिएटर में ही आना चाहते थे, पर पेंडेमिक आ गया। सिनेमाहॉल के खुलने के आसार कम ही लगे। उसी वक्‍त नेटफ्ल‍िक्‍स वालों ने भी इसे देखा। उन्‍हें अच्‍छी लगी और उन्‍होंने कहा कि इसे वर्ल्‍ड प्रीमियर करते हैं। इससे अच्‍छी बात और हो भी क्‍या सकती है, जब आप की फिल्‍म कंप्‍यूटर या मोबाइल के एक क्लिक पर 190 देशा में देखी जा सकती है। स्टार कास्ट और डेब्‍यू डायरेक्‍टर के तौर पर देखा जाए तो यह छोटी फिल्‍म है। इसका भविष्‍य सुरक्षित है कि नहीं, वह एक बड़ा सवाल था। उस मोर्चे पर एक अनचाहा सा कंपीटिशन था जरूर। तो ओटीटी के आने से एक फायदा हुआ है। वह यह कि यहां स्‍टार की फिल्‍में भी आ रही हैं। पर यहां फिल्‍में अपनी मेरिट और कंटेंट पर अपने नाम का डंका बजाती हैं। यहां सिर्फ स्‍टार की वजह से फिल्‍में नहीं चलेंगे। किसी भी तरह के कंटेंट को उनका ड्यू क्रेडिट ओटीटी प्‍लेटफॉर्म दिलाएंगे। -क्या नवाज़- राधिका जैसे एक्टर के ऑडिशन की जरूरत नहीं पड़ती? इस फिल्‍म के लिए तो कभी नहीं लिया। मैंने नवाज को किसी दूसरी फिल्‍मों के लिए भी ऑडिशन नहीं लिया। राधिका का जरूर मैंने किन्‍हीं दूसरी फिल्‍मों के लिए ऑडिशन लिया है। -थोड़ी क्रूरता दिखाई गई है उस पर नेटफ्लिक्स वालों का क्या टेक था? क्रूरता हमारी सोसाइटी का हिस्‍सा है। उसे दिखाने में मैं नहीं हिचकूंगा। मुझे लगता है कि उस हेंचमैन की जिंदगी की सच्‍चाई भी है। हेंचमैन को फिल्‍म में आप दो बार देखते हो। एक बार शुरू में और दूसरी बार इंटरवल पॉइंट पर। सवा घंटे के अंतराल के बाद दोबारा देखने पर हेंचमैन इसलिए ही याद रहता है कि वह क्रूर था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 'Radhika Apte has auditioned in many films but never taken Nawazuddin' - Night alone is film director Honey Trehan https://ift.tt/2Pi1Dcv

लता मंगेशकर के राखी भाई संगीतकार मदन मोहन की दिलचस्प कहानी: मदन ने किया था वादा उनकी हर फिल्म में लता ही गाना गाएंगी; जिसे मौत के बाद भी निभाया रक्षाबंधन, भाई की कलाई पर बहनों के प्यार और विश्वास के धागे सजने का दिन। इस रिश्ते पर बनी बॉलीवुड की फिल्में और गाने अमर हैं। ना केवल फिल्में और गाने, बल्कि बॉलीवुड में कुछ रिश्ते भी इसी राखी की डोर से सदा के लिए बंध गए। ऐसा ही एक बंधन है स्वरकोकिला लता मंगेशकर और संगीतकार मदन मोहन का। मदन मोहन, लताजी के राखी भाई थे और उन्होंने अपनी बहन से वादा किया था कि उनकी हर फिल्म में लताजी ही गाना गाएंगी। रक्षा बंधन के मौके पर जानिए इस रिश्ते की कहानी, जिसके लिए लताजी को दिया वचन मदन मोहन की मौत के बाद भी निभाया गया। 12 नवंबर 2004 को रिलीज हुई यश चोपड़ा की फिल्म वीरजारा मदन मोहन के संगीत से सजी आखिरी फिल्म थी। इस तरह जुड़ा था भाई-बहन का रिश्ता लता और मदन मोहन के रिश्ते के जुड़ने की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। उस दिन रक्षाबंधन था। मदन मोहन इस बात से बेहद दुखी थे कि उनकी पहली फिल्म में लता मंगेशकर कोई गाना नहीं गा सकीं थीं। मदन मोहन, लता को अपने घर ले आए। वहां उन्होंने एक राखी लता को दी और कहा- आज राखी है। ये लो इसे मेरी कलाई पर बांध दो। इसके बाद मदन मोहन ने लताजी को याद दिलाते हुए कहा- जब हम पहली बार मिले थे तब हमने भाई-बहन का ही गीत गाया था। आज से तुम मेरी छोटी बहन और मैं तुम्हारा मदन भैया। मैं वचन देता हूं, आज से तुम अपने भाई की हर फिल्म में गाओगी। मरने के बाद भी निभाया गया वादा यतीन्द्र नाथ मिश्र की किताब ‘लता सुर गाथा’ में इस वाकये का जिक्र किया गया है। लता से किया हुआ वादा मदन मोहन की मौत के बाद भी पूरा किया गया। दरअसल जब 2004 में फिल्म वीरजारा में मदन मोहन के कम्पोजिशन का इस्तेमाल किया गया तब फिल्म के सारे गाने लता मंगेशकर ने ही गाए थे और हर बार की तरह भाई-बहन की इस जोड़ी ने कालजयी गीतों की रचना कर दी। लताजी को मदन भैया हमेशा याद आते हैं लता मंगेशकर ने पिछले महीने मदन मोहन की पुण्यतिथि पर भी एक इमोशनल ट्वीट करते उन्हें याद किया था। लताजी ने एक गाना शेयर करते हुए लिखा था- कुछ लोग दुनिया से जल्दी चले जाते हैं लेकिन अपनों के पास हमेशा रहते हैं। इसी तरह मदन भैया उनके बच्चों के साथ और मेरे साथ हमेशा रहते हैं। हमेशा याद आते है। आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं उनको विनम्र अभिनंदन करती हूं। इसके अलावा 25 जून को मदन मोहन की जयंती पर भी लता जी ने उनकी एक फोटो के साथ पोस्ट शेयर किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था- महान संगीतकार और मेरे राखी भाई मदन मोहन जी की आज जयंती है। मैं उनको कोटि-कोटि प्रणाम करती हूं। ## Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Rakshabandhan Special: Lata Mangeshkar And Her Rakhi Brother Music Composer Madan Mohan Interesting Story https://ift.tt/2BSw7P7

दिशा के केस की कोई फाइल डिलीट नहीं हुई, ये हमारे रिकॉर्ड में हैं; इस मामले का सुशांत सिंह के केस से कोई संबध नहीं दिशा सलियन खुदकुशी मामले में मुंबई पुलिस ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है, जिसमें मामले को सुशांत सुसाइड केस से जोड़ा जा रहा था। इसके अलावा कहा जा हा था कि दिशा मामले से जुड़ी फाइल के डिलीट हो हैं। मुंबई पुलिस ने रविवार को रिपोर्ट्स को खारिज किया और कहा कि दिशा मामले की सारी फाइलें और दस्तावेज हमारे पास रिकॉर्ड में हैं। इसके अलावा यह भी कहा कि इस केस का सुशांत केस से कोई संबंध नहीं है। लोगों से अपील है अफ‌वाहों पर भरोसा ना करें- पुलिस सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा ने 8 जून को मलाड की एक बहुमंजिल इमारत से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। इसके ठीक 5वें दिन सुशांत ने भी खुदकुशी कर ली। अब सुशांत की खुदकुशी पर सवाल उठ रहे हैं और बिहार में सुशांत की गर्लफ्रैंड रहीं रिया चक्रवर्ती और उनकी फैमिली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक भाजपा विधायक ने पुलिस को खत लिखकर कहा था कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि सुशांत के घर हुई पार्टी में दिशा भी तो नहीं शामिल हुई थीं?मुंबई पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच जारी है। कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं और दिशा के परिवार ने किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। इस मामले में सोशल मीडिया पर कई अफवाहें हैं। मामले को सुशांत केस से जोड़ा जा रहा है। हमारी लोगों से अपील है कि इन पर भरोसा ना किया जाए। बिहार पुलिस चाहती थी दिशा मामले की जानकारी सुशांत केस की जांच के सिलसिले में बिहार पुलिस मुंबई में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार पुलिस दिशा मामले की डिटेल जानने के लिए मालवानी पुलिस स्टेशन गई थी। यहां उन्हें बताया गया कि इस केस से जुड़ा फोल्डर गलती से डिलीट हो गया है और अब इसे दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता है। बिहार पुलिस दिशा के घर भी गई थी, ताकि उनके परिवारवालों का स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर सके। लेकिन, घर पर कोई मिला नहीं था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today दिशा सलियन की मौत 8 जून को बिल्डिंग की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी, जबकि सुशांत की मौत 14 जून को हुई थी। -फाइल फोटो https://ift.tt/3fkkvlF

कोरोना से जंग जीतकर घर पहुंचे अमिताभ बच्चन, सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लोग बोले- आज के दिन 38 साल पहले कोमा से बाहर आए थे बिग बी बॉलीवुड के महानायक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से पूरा देश उनके लिए दुआएं कर रहा था जो अब कबूल हो चुकी हैं। बिग बी रविवार को कोरोना से जंग जीतने के बाद नानावटी अस्पताल से अपने घर पहुंच चुके हैं। 22 दिनों बाद बिग बी के ठीक होने पर सोशल मीडिया पर खुशी की लहर है। तमाम सेलेब्स समेत देशवासी भी उनको बधाई दे रहे हैं। अमिताभ बच्चन ने रविवार शाम अपनी कोविड 19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने और अस्पताल से डिस्चार्ज होने की जानकारी दी है। इसके बाद ही लोगों ने उनकी बेहतर रिकवरी और सलामती के लिए बेस्ट विशेज दी हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया है कि आज की तारीख में ही अमिताभ 38 सालों पहले कोमा से बाहर आए थे। एक महिला ने लिखा, 'दिलचस्प है, ठीक इसी दिन 38 सालों पहले अमिताभ कूली के सेट में हुए एक्सीडेंट के बाद कोमा से बाहर आए थे'। मेगास्टार ने दिखाई कोरोना के खिलाफ अपनी ताकत एक ट्विटर यूजर ने बिग बी की सराहना करते हुए लिखा, 'अमिताभ बच्चन कोविड 19 नेगेटिव हो गए हैं। 77 साल के मेगास्टार ने कोरोना के खिलाफ अपनी असल ताकत दिखाई है'। ## एक ट्विटर यूजर ने अमिताभ बच्चन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, '102 नहीं फोरएवर नॉट आउट। अमिताभ बच्चन उर्फ शहंशाह वापस आ गए हैं'। ## अमिताभ बच्चन ने सेट किया उदाहरण एक यूजर ने बिग बी की तारीफ करते हुए लिखा, ये जानकर खुशी हुई कि अमिताभ बच्चन जी अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं और कोरोना से रिकवर हो गए हैं। एक बेहतरीन उदाहरण है उन लोगों के लिए जो अपने शरीर से प्यार नहीं करते। वो एक परफेक्ट उदाहरण है जिंदगी को अनुशासित करने और डाइट, योगा करने वालों के लिए। पहले खुदसे प्यार करो। ## Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Amitabh Bachchan reached home after winning the battle from Corona, people said on social media - Big B came out of coma 38 years ago today https://ift.tt/2Xm4S75